
world environment day राजसमंद जिले की पसुन्द ग्राम पंचायत में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरीओम उपवन के 4 वर्ष पूरे होने का उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र काछवाल ने पौधारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। यह उपवन पूर्व सांसद स्वर्गीय हरीओम सिंह राठौड़ की स्मृति में बनाया गया है, जिसका शिलान्यास 5 जून 2020 को राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा किया गया था।
पसुन्द ग्राम पंचायत की बंजर चारागाह भूमि को हरा-भरा करने के संकल्प के साथ इस उपवन की नींव रखी गई थी। शिलान्यास के दौरान दीया कुमारी ने “5 जून, 5 पौधे” की तर्ज पर पहल शुरू की थी, और प्रथम पौधारोपण कर्णवीर सिंह राठौड़ द्वारा किया गया था। इस उपवन का नाम स्वर्गीय हरीओम सिंह राठौड़ की स्मृति में “हरीओम उपवन” रखा गया। तब से यह उपवन पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का एक प्रतीक बन गया है। हरीओम उपवन के 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र काछवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सुनील कुमार ओझा (अपर जिला सत्र न्यायाधीश), भारत भूषण पाठक (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), ममता सैनी (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), लक्ष्मी नारायण आमेटा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, पर्यावरण एवं खनिज मंच), किशोर कोठारी (पर्यावरण प्रेमी), अशोक जेलिया (वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता एवं क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण विभाग, राजसमंद), और कृष्ण गोपाल गुर्जर (पर्यावरण व गौरैया बचाओ अभियान के संरक्षक) जैसे गणमान्य लोग शामिल हुए।
पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण की पहल
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि राघवेंद्र काछवाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने ग्रामवासियों के साथ मिलकर फलदार और आयुर्वेदिक पौधों का रोपण किया। सरपंच अयन जोशी ने बताया कि हरीओम उपवन में अगले तीन महीनों में 15,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इस लक्ष्य की शुरुआत इस आयोजन के साथ हो चुकी है। इसके साथ ही, हरीओम उपवन को पॉलीथीन मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस मौके पर कपड़े के थैलों का विमोचन किया गया, और डोरा किड्स की संस्थापिका सीमा जोशी व प्रदूषण विभाग राजसमंद ने ग्रामवासियों को कपड़े की थैलियां वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण को स्वच्छ रखना है।
पक्षियों के संरक्षण के लिए प्रयास
पर्यावरण व गौरैया बचाओ अभियान के संरक्षक कृष्ण गोपाल गुर्जर ने ग्रामवासियों को पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए पक्षीधर और परिंडे वितरित किए। उन्होंने लोगों को पक्षियों के लिए पानी और आश्रय की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया, ताकि गर्मी के मौसम में पक्षियों को राहत मिल सके।
ग्रामवासियों का संकल्प
इस अवसर पर गाँव के वरिष्ठ नागरिकों जैसे गोविंद प्रजापत, मांगीलाल गायरी, जयराम लोहार, नॉजिराम गुर्जर, गोपीलाल गायरी, भानु पालीवाल, रतन गोयल, नरेंद्र लोहार, लोकेश जोशी और समस्त ग्रामवासियों ने प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। सभी ने एकजुट होकर इस पहल को सफल बनाने और हरीओम उपवन को एक हरे-भरे और पॉलीथीन मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित करने का वचन दिया।
हरीओम उपवन
हरीओम उपवन न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और एकता का भी प्रतीक बन गया है। सरपंच अयन जोशी ने कहा, “हरीओम उपवन हमारे गाँव की शान है। यह उपवन हमें स्वर्गीय हरीओम सिंह राठौड़ की स्मृति के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी अहसास कराता है। हमारा लक्ष्य इसे और हरा-भरा बनाना है, ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनमोल धरोहर बन सके।”
