
49th Mines Safety Week : खनन उद्योग में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हिंदुस्तान जिंक के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स में 49वें माइंस सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर एक तकनीकी कार्यशाला और एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य खनन कार्यों में ब्लास्टिंग प्रथाओं की समीक्षा करना और सुरक्षित, कुशल, तथा नवीनतम तकनीकों को अपनाने पर जोर देना था।
यह महत्वपूर्ण आयोजन उप खान सुरक्षा निदेशक, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र, उदयपुर संभाग, विशाल गोयल के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला का फोकस खनन कार्यों में ब्लास्टिंग (Blasting) से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान करना और सुरक्षित विकल्पों को लागू करने पर केंद्रित था। इस दौरान ब्लास्टिंग प्रक्रियाओं में नवीनतम तकनीकों को अपनाने और खनन कार्यों में शून्य क्षति (Zero Harm) के लक्ष्य को प्राप्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खान सुरक्षा निदेशक, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र, उदयपुर संभाग, टॉम मैथ्यू ने अपने संबोधन में खनन उद्योग की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “खनन उद्योग किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसकी आधारशिला ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग प्रक्रियाएं हैं। जिस तरह बिजली का अनियंत्रित उपयोग खतरनाक हो सकता है, उसी तरह ब्लास्टिंग में लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। इसलिए, ब्लास्टिंग प्रक्रियाओं को सही ढंग से लागू करना और इससे जुड़े सभी कर्मचारियों को इसकी पूर्ण जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।” टॉम मैथ्यू ने इस कार्यशाला को एक समयोचित और मूल्यवान पहल बताया, जो खनन कंपनियों, विस्फोटक निर्माताओं (Explosives Manufacturers), और वैज्ञानिक एजेंसियों को एक मंच पर लाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल उदयपुर क्षेत्र के खनन समुदाय के लिए दीर्घकालिक लाभकारी सिद्ध होगी।

हिंदुस्तान जिंक की भागीदारी
Hindustan Zinc Rajpura Dariba safety workshop : हिंदुस्तान जिंक की ओर से इस कार्यशाला में राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स के IBU सीईओ बलवंत सिंह राठौड़ ने प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य मौजूदा ब्लास्टिंग प्रथाओं की समीक्षा करना और नवीन तकनीकों को अपनाकर खनन कार्यों को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाना है। इस दौरान प्रमुख विस्फोटक निर्माण कंपनी औरिका (Orica) के विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए अनुभवों और तकनीकी जानकारी को भी शामिल किया गया। कार्यशाला में सहयोगात्मक शिक्षा (Collaborative Learning) पर जोर दिया गया, ताकि खनन कार्यों में शून्य क्षति के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। इसके लिए नई तकनीकों, जैसे स्मार्ट ब्लास्टिंग सिस्टम और डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स, को लागू करने पर चर्चा की गई। इन तकनीकों से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि उत्पादकता में भी सुधार होगा।
प्रमुख औद्योगिक कंपनियों की भागीदारी
Mining safety blasting techniques India : इस कार्यशाला में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की 66 प्रमुख औद्योगिक कंपनियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इनमें वंडर सीमेंट लिमिटेड, नुवोको विस्टास, द इंडिया सीमेंट लिमिटेड, जेके लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड, बिरला सीमेंट वर्क्स, खैतान बिजनेस कॉर्पोरेशन, राजस्थान बेराइट्स, और अरावली पॉलियार्ट प्राइवेट लिमिटेड जैसी नामी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। इन कंपनियों ने ब्लास्टिंग प्रथाओं में सुधार और सुरक्षा मानकों को लागू करने के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। इस आयोजन ने विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर सहयोग और नवाचार को बढ़ावा दिया। प्रतिनिधियों ने सुरक्षित ब्लास्टिंग तकनीकों, पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने, और कर्मचारी सुरक्षा को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की।
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्य
Hindustan Zinc Mines Safety Week celebration : इस कार्यशाला के कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे:
- मौजूदा ब्लास्टिंग प्रथाओं की समीक्षा: वर्तमान में उपयोग की जा रही ब्लास्टिंग तकनीकों का विश्लेषण करना और उनकी कमियों को पहचानना।
- नवीन तकनीकों का परिचय: स्मार्ट ब्लास्टिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर्स, और डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर देना।
- सहयोगात्मक शिक्षा: विभिन्न कंपनियों और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करना, ताकि खनन उद्योग में सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू किया जा सके।
- शून्य क्षति का लक्ष्य: ब्लास्टिंग प्रक्रियाओं में सुरक्षा को प्राथमिकता देकर दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय नुकसान को शून्य करना।
