
Nikkei index fall today : हांगकांग/टोक्यो/सियोल @ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित भारी-भरकम टैरिफ (Import Duty) नीति का असर अब पूरी दुनिया के शेयर बाजारों पर साफ़ दिखाई दे रहा है। सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई, जिसने वैश्विक निवेशकों में घबराहट फैला दी है। जापान से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक, हर बाजार लाल निशान में बंद हुआ या ट्रेडिंग के दौरान सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा।
nikkei index : डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने न केवल अमेरिका के ट्रेड पार्टनर्स बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। जहां एक ओर अमेरिका “मेड इन USA” को प्रमोट करना चाहता है, वहीं दूसरी ओर बाकी देश इस नीति से गहरे आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले हफ्ते बाजार और नीतियों की चाल तय करेंगे कि क्या यह गिरावट कुछ दिनों की है या लंबे समय का आर्थिक तूफान।
जापान में 8% की गिरावट, सरकार ने मानी चिंता
Trump Japan tariffs : जापान का प्रमुख Nikkei सूचकांक सोमवार सुबह 8% से ज्यादा लुढ़क गया, जो अगस्त 2024 के बाद पहली बार 33,000 के स्तर से नीचे गया है। वहीं, व्यापक Topix Index में भी 7.5% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने संसद में बयान देते हुए कहा,
“सरकार अमेरिका से टैरिफ कम करने की अपील कर रही है, लेकिन इसके नतीजे एक रात में नहीं मिलेंगे। इसलिए हमें घरेलू कंपनियों को आर्थिक मदद, रोजगार सुरक्षा और अन्य उपायों से सपोर्ट देना होगा।”
गौरतलब है कि बुधवार से अमेरिका जापान पर 24% टैरिफ लागू करने जा रहा है, जिससे जापान की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
कोरिया, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया सब लुढ़के
- दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 4.8% की गिरावट के साथ खुला, और जबरदस्त गिरावट के कारण ट्रेडिंग को 5 मिनट के लिए रोकना पड़ा।
- ताइवान का Taiex इंडेक्स 9.7% तक गिर गया। देश की दो बड़ी कंपनियों – TSMC और Foxconn – के शेयर 10% तक गिर गए, जिससे सर्किट ब्रेकर लागू करना पड़ा।
- ऑस्ट्रेलिया के ASX 200 में सुबह के कारोबार में 6.3% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूजीलैंड का NZX 50 भी 3.5% तक टूट गया।
अमेरिका की नीति पर तीखी प्रतिक्रिया
US China trade war 2025 : डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते शनिवार से नई टैरिफ नीति लागू की है, जिसमें कुछ वस्तुओं पर कर बढ़ा दिए गए हैं और बुधवार से और कड़े टैक्स लागू होने वाले हैं। इसके जवाब में चीन ने शुक्रवार को अमेरिका से आने वाले सभी उत्पादों पर 34% टैरिफ लगा दिया है, जिससे ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) और गहरा हो गया है।
रविवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा:
“मैंने जानबूझकर बाजार नहीं गिराए। लेकिन मैं ये नहीं कह सकता कि आगे बाजार कैसे चलेंगे। मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि हमारा देश पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है।”
वॉल स्ट्रीट का सबसे बुरा दौर: $5.4 ट्रिलियन डूबे
Global stock market today : अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में रविवार को भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे संकेत मिला कि सोमवार को S&P 500 इंडेक्स ‘Bear Market’ में प्रवेश कर सकता है, यानी अपने उच्चतम स्तर से 20% से ज्यादा गिरावट। पिछले दो कारोबारी सत्रों में $5.4 ट्रिलियन (लगभग ₹450 लाख करोड़) का बाजार मूल्य साफ हो चुका है।

आखिर इस हालात का समाधान कब तक?
Taiwan stock market circuit breaker : दुनिया की अर्थव्यवस्था इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां हर बड़ा फैसला वैश्विक बाजारों पर गहरा असर डाल रहा है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की यह नई लहर, जिसमें अब जापान जैसे देशों को भी घसीटा जा रहा है, केवल शेयर बाजारों की गिरावट का कारण नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय भरोसे, व्यापारिक स्थिरता और आर्थिक विकास की गति को भी प्रभावित कर रही है।
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने दुनिया भर में अस्थिरता फैलाई है। इसका सीधा असर निवेशकों की भावनाओं पर पड़ा है और कंपनियों के उत्पादन, निर्यात तथा रोज़गार पर भी संकट खड़ा हो गया है। सवाल यह है कि इस हालात का समाधान कब और कैसे होगा?
संभावना है कि इस व्यापारिक तनाव को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक बातचीत बढ़ेगी। जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका से बातचीत कर रही हैं, और उम्मीद की जा सकती है कि कुछ समझौते निकट भविष्य में होंगे। लेकिन यह भी सच है कि ऐसी समस्याओं का समाधान एक-दो बैठकों में नहीं होता। इसमें समय लगेगा, विश्वास बहाल करना पड़ेगा और नई व्यापार नीतियां तय करनी होंगी।
जब तक बड़े देशों के बीच विश्वास और सहयोग नहीं बनता, तब तक वैश्विक बाज़ारों में स्थिरता की उम्मीद करना मुश्किल है। निवेशकों को भी अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा। समाधान जरूर होगा, लेकिन यह तभी संभव है जब आर्थिक निर्णयों में राजनीतिक इच्छाशक्ति और वैश्विक साझेदारी की भावना दिखाई दे।



