
Give Up Campaign : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत राजस्थान सरकार ने ‘गिव अप अभियान’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करना और पात्र लोगों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न का लाभ दिलाना है। यह अभियान 30 अप्रैल 2025 तक चलाया जा रहा है, जिसमें अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से अपना नाम हटाने का अवसर दिया गया है। यदि इस अवधि में नाम नहीं हटाया गया, तो सरकार ₹27 प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न की वसूली करेगी, साथ ही ब्याज भी जोड़ा जाएगा। अब तक 17.63 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से योजना से नाम हटाया है, जिससे सरकार को ₹324 करोड़ की बचत हुई है। साथ ही, 9 लाख से अधिक नए पात्र लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया है।
Rajasthan NFSA : राजस्थान सरकार का ‘गिव अप अभियान’ NFSA को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 30 अप्रैल 2025 तक अपात्र लाभार्थियों के लिए स्वेच्छा से नाम हटाने का अंतिम अवसर है। वहीं, पात्र व्यक्तियों के लिए यह योजना जीवन को बेहतर बनाने का एक सुनहरा मौका है। यदि आप पात्र हैं, तो तुरंत राजस्थान खाद्य सुरक्षा पोर्टल पर आवेदन करें और सब्सिडी वाले खाद्यान्न का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए food.rajasthan.gov.in पर जाएं या टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करें। यह अभियान न केवल गरीबों के हक की रक्षा करता है, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को भी बढ़ावा देता है।
‘गिव अप अभियान’ का उद्देश्य और महत्व
Food Security Scheme : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) 2013, जिसे ‘राइट टू फूड एक्ट’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत के लगभग दो-तिहाई आबादी को सब्सिडी वाले खाद्यान्न उपलब्ध कराने का प्रावधान करती है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में 75% और शहरी क्षेत्रों में 50% आबादी को कवर करती है। राजस्थान में करीब 4.8 करोड़ लोग इस योजना के लाभार्थी हैं। हालांकि, कई अपात्र लोग, जैसे कि आयकर दाता, चार-पहिया वाहन मालिक, या 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले, इस योजना का लाभ उठा रहे थे।
Ineligible Beneficiaries : ‘गिव अप अभियान’ का मुख्य उद्देश्य ऐसी अनियमितताओं को दूर करना और वास्तविक जरूरतमंदों तक NFSA का लाभ पहुंचाना है। राजस्थान सरकार ने अपात्र लाभार्थियों को स्वेच्छा से योजना से बाहर होने का मौका दिया है, ताकि गरीब और पात्र परिवारों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न (चावल ₹3/किलो, गेहूं ₹2/किलो, मोटा अनाज ₹1/किलो) का लाभ मिल सके। यह अभियान न केवल पारदर्शिता बढ़ाता है, बल्कि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग भी सुनिश्चित करता है।
अभियान की प्रगति: 17.63 लाख अपात्र हटे, ₹324 करोड़ की बचत
Subsidy Recovery : राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार, ‘गिव अप अभियान’ के तहत अब तक 17.63 लाख अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से NFSA से अपना नाम हटा लिया है। इससे सरकार को ₹324 करोड़ की बचत हुई है, जिसका उपयोग नए पात्र लाभार्थियों को शामिल करने और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा। इसके अलावा, 9 लाख से अधिक नए पात्र व्यक्तियों को योजना में जोड़ा गया है, जिसमें गरीब परिवार, एकल महिलाएं, विकलांग, और अन्य कमजोर वर्ग शामिल हैं।
जयपुर जिले में इस अभियान ने विशेष सफलता हासिल की है, जहां 1.44 लाख अपात्र व्यक्तियों ने नाम हटाया और 1.42 लाख नए पात्र व्यक्तियों को जोड़ा गया। धौलपुर, जालौर, और अन्य जिलों में भी यह अभियान जोर-शोर से चल रहा है।
अपात्र लाभार्थियों के लिए चेतावनी
Rajasthan Food Portal : राजस्थान सरकार ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अपात्र लाभार्थी 30 अप्रैल 2025 तक स्वेच्छा से अपना नाम नहीं हटाते, तो उनसे ₹27 प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न की वसूली की जाएगी, साथ ही ब्याज भी लगाया जाएगा। इसके लिए जिला कलेक्टरों को अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, स्वेच्छा से नाम हटाने वालों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा, “यह अभियान पारदर्शिता और सामाजिक न्याय के लिए है। अपात्र व्यक्तियों को चाहिए कि वे स्वेच्छा से योजना से बाहर हों, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।”
पात्र लाभार्थियों को शामिल करने की प्रक्रिया
Eligible Beneficiaries : ‘गिव अप अभियान’ का दूसरा महत्वपूर्ण लक्ष्य पात्र व्यक्तियों को NFSA में शामिल करना है। इसके लिए सरकार ने निम्नलिखित समूहों को प्राथमिकता दी है:
- आय आधारित: बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और स्टेट बीपीएल परिवार।
- सामाजिक स्थिति: एकल महिलाएं, विधवाएं, विकलांग, बुजुर्ग दंपत्ति, अनाथ बच्चे, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार।
- पेशेवर समूह: रिक्शा चालक, पंजीकृत मजदूर, कुष्ठ रोगी, एड्स पीड़ित।
राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों को पात्र व्यक्तियों की पहचान करने और उनके नाम जोड़ने का निर्देश दिया है। इसके लिए ग्राम सभाओं और स्थानीय पंचायतों की मदद ली जा रही है। अब तक 88% से अधिक लाभार्थियों ने ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी कर ली है, जो योजना की पारदर्शिता को और मजबूत करती है।
NFSA में नाम जोड़ने की आवेदन प्रक्रिया
यदि आप पात्र हैं और NFSA में अपना नाम जोड़ना चाहते हैं, तो निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- ऑनलाइन आवेदन: राजस्थान खाद्य सुरक्षा पोर्टल (food.rajasthan.gov.in) या ई-मित्र पोर्टल पर जाएं।
- आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- जनआधार संख्या
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- राशन कार्ड आवेदन फॉर्म
- आवेदन जमा करें: दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन फॉर्म जमा करें।
- वेरिफिकेशन: जिला प्रशासन द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
- राशन कार्ड जारी: सत्यापन के बाद पात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड जारी किया जाएगा।
आवेदन ऑफलाइन भी नजदीकी खाद्य विभाग कार्यालय या ई-मित्र केंद्र पर जमा किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1967 या ONORC टोल-फ्री नंबर 14445 पर संपर्क करें।

अभियान के लाभ और प्रभाव
‘गिव अप अभियान’ ने न केवल सरकारी खजाने को बचाया है, बल्कि NFSA की विश्वसनीयता को भी बढ़ाया है। इसके प्रमुख लाभ हैं:
- पारदर्शिता: अपात्र लाभार्थियों को हटाकर योजना को अधिक जवाबदेह बनाया गया है।
- संसाधन उपयोग: बचत राशि का उपयोग गरीबों के कल्याण और अन्य योजनाओं में किया जाएगा।
- पात्र लोगों को लाभ: 9 लाख नए लाभार्थियों को शामिल कर गरीब परिवारों को सशक्त किया गया है।
- डिजिटल सशक्तिकरण: ई-केवाईसी और ऑनलाइन पोर्टल ने प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है।
चुनौतियां और समाधान
हालांकि अभियान सफल रहा है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। कुछ राशन डीलरों ने प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत की है, जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसके अलावा, कई पात्र व्यक्तियों को योजना के बारे में जागरूकता की कमी है। इसे दूर करने के लिए जिला प्रशासन को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
FAQs : महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
- प्रश्न: राजस्थान का ‘गिव अप अभियान’ क्या है?
उत्तर: ‘गिव अप अभियान’ राजस्थान सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत शुरू किया गया एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करना और पात्र लोगों को शामिल करना है। - प्रश्न: इस अभियान की समय सीमा क्या है?
उत्तर: अपात्र लाभार्थियों को 30 अप्रैल 2025 तक स्वेच्छा से NFSA से अपना नाम हटाने का अवसर दिया गया है। - प्रश्न: यदि अपात्र लाभार्थी समय सीमा तक नाम नहीं हटाते तो क्या होगा?
उत्तर: सरकार ₹27 प्रति किलोग्राम की दर से सब्सिडी वाले खाद्यान्न की वसूली करेगी, साथ ही ब्याज भी जोड़ा जाएगा। - प्रश्न: अब तक कितने अपात्र लाभार्थियों ने योजना से नाम हटाया है?
उत्तर: 17.63 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से NFSA से अपना नाम हटा लिया है। - प्रश्न: इस अभियान से सरकार को कितनी बचत हुई है?
उत्तर: सरकार को ₹324 करोड़ की बचत हुई है। - प्रश्न: कितने नए पात्र लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया है?
उत्तर: 9 लाख से अधिक नए पात्र लाभार्थियों को NFSA में शामिल किया गया है। - प्रश्न: NFSA में कौन-कौन से खाद्यान्न सब्सिडी पर मिलते हैं?
उत्तर: लाभार्थियों को गेहूं ₹2/किलो, चावल ₹3/किलो, और मोटा अनाज ₹1/किलो की दर पर उपलब्ध कराया जाता है। - प्रश्न: अपात्र लाभार्थी कौन हैं?
उत्तर: आयकर दाता, चार-पहिया वाहन मालिक, 2 हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले, या अन्य निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाले व्यक्ति अपात्र हैं। - प्रश्न: NFSA में नाम जोड़ने के लिए कौन पात्र हैं?
उत्तर: बीपीएल परिवार, एकल महिलाएं, विधवाएं, विकलांग, बुजुर्ग दंपत्ति, रिक्शा चालक, मजदूर, कुष्ठ रोगी, और अन्य कमजोर वर्ग पात्र हैं। - प्रश्न: NFSA में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर: राजस्थान खाद्य सुरक्षा पोर्टल (food.rajasthan.gov.in) या ई-मित्र केंद्र पर आधार कार्ड, जनआधार, निवास प्रमाण पत्र आदि के साथ आवेदन करें। - प्रश्न: आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
उत्तर: आधार कार्ड, जनआधार संख्या, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, और राशन कार्ड आवेदन फॉर्म। - प्रश्न: इस अभियान में जिला कलेक्टरों की क्या भूमिका है?
उत्तर: जिला कलेक्टरों को अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाने और पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए अधिकृत किया गया है। - प्रश्न: क्या स्वेच्छा से नाम हटाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी?
उत्तर: नहीं, स्वेच्छा से नाम हटाने वालों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। - प्रश्न: NFSA की जानकारी के लिए कहां संपर्क करें?
उत्तर: अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1967, ONORC टोल-फ्री नंबर 14445, या food.rajasthan.gov.in पर संपर्क करें। - प्रश्न: इस अभियान का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: यह अभियान NFSA को पारदर्शी बनाता है, अपात्र लोगों को हटाकर पात्र गरीब परिवारों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न का लाभ दिलाता है, और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करता है।




