
Hairball in stomach : डॉक्टरों ने एक 6 साल की मासूम बच्ची के पेट से 170 ग्राम वजनी और एक मीटर लंबा बालों का गुच्छा निकालकर एक असाधारण ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक करने वाले डॉ. वाय.एस. रघुवंशी का कहना है कि यह अपने आप में एक अनोखा मामला हो सकता है, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने की कोशिश शुरू कर दी गई है। यह घटना न केवल चिकित्सा जगत में चर्चा का विषय बन रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे समय रहते सही इलाज किसी की जिंदगी बचा सकता है।
Trichobezoar : यह कहानी मध्य प्रदेश के गुना जिले में अशोकनगर के ईसागढ़ की है। 6 साल की बालिका के पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हुआ। बच्ची की मां, परमजीत कौर, ने बताया कि उनकी बेटी को कुछ दिनों से पेट में असहनीय दर्द की शिकायत थी। शुरू में परिवार को लगा कि यह सामान्य पेट दर्द हो सकता है, लेकिन जब दर्द बढ़ता गया, तो वे उसे स्थानीय अस्पताल ले गए। सुखपुर के एक अस्पताल में प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर है और उसे किसी बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। जांच में पता चला कि बच्ची के पेट में बालों का एक बड़ा गुच्छा जमा हो गया है, जो उसकी भोजन थैली (stomach) से लेकर छोटी आंत तक फैला हुआ है। इस गुच्छे की वजह से बच्ची को लगातार दर्द और परेशानी हो रही थी।
Ajab Gajab : परिजनों को सुझाव मिला कि गुना के डॉ. वाय.एस. रघुवंशी इस तरह के जटिल ऑपरेशनों में विशेषज्ञता रखते हैं। डॉ. रघुवंशी का नाम पहले से ही लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कई जटिल सर्जरी के लिए दर्ज है। परिजनों ने बिना देर किए गुना पहुंचकर डॉ. रघुवंशी से संपर्क किया। डॉक्टर और उनकी टीम ने बच्ची की कई जांचें कीं, जिनमें अल्ट्रासाउंड और अन्य टेस्ट शामिल थे। इन जांचों से पुष्टि हुई कि बच्ची के पेट में बालों का एक विशाल गुच्छा है, जो भोजन थैली और आंत के बीच फंसकर उसकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा था।
डॉ. रघुवंशी ने बच्ची के पिता को ऑपरेशन की सलाह दी, जिसे परिजनों ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इसके बाद एक जटिल और सावधानीपूर्वक सर्जरी की गई, जिसमें डॉक्टरों ने बच्ची के पेट से 170 ग्राम वजनी और एक मीटर लंबा बालों का गुच्छा सफलतापूर्वक निकाल लिया। इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल बच्ची को नया जीवन दिया, बल्कि चिकित्सा जगत में भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
Rare medical condition : डॉ. रघुवंशी ने बताया कि बच्ची को ‘ट्राइकोबेजोअर’ नामक एक दुर्लभ बीमारी थी। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अनजाने में अपने बाल खाने लगता है, और ये बाल पेट या आंत में जमा होकर गुच्छा बना लेते हैं। आमतौर पर कुछ लोग मिट्टी या अन्य अखाद्य पदार्थ खाने की आदत विकसित कर लेते हैं, लेकिन बाल खाने की आदत लाखों में एक को होती है। इस बीमारी का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि मरीज को पता ही नहीं चलता कि उसके शरीर में बाल जमा हो रहे हैं, जब तक कि गंभीर लक्षण सामने न आएं।
hospital surgery : ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत अब स्थिर है। उसे मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है, और वह धीरे-धीरे दूध और अन्य पोषक तत्व ले रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जल्द ही वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी। इस घटना ने न केवल बच्ची के परिवार को राहत दी, बल्कि यह भी दिखाया कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और विशेषज्ञों की मेहनत असंभव को भी संभव बना सकती है।



