
Gold Price Today : भारत में Gold और Silver न केवल आभूषणों के लिए बल्कि निवेश के एक सुरक्षित साधन के रूप में भी लोकप्रिय हैं। आज, 20 जून 2025 को, India Bullion and Jewellers Association (IBJA) ने Gold और Silver की कीमतों में गिरावट की जानकारी दी है। 24 कैरेट Gold की कीमत ₹758 प्रति 10 ग्राम कम होकर ₹98,503 पर आ गई है, जो पहले ₹99,261 थी। वहीं, Silver की कीमत में ₹1,791 की कमी आई है, और यह अब ₹1,05,592 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। इस गिरावट के बावजूद, 2025 में Gold और Silver ने इस साल अब तक क्रमशः ₹22,341 और ₹21,366 की उछाल दर्ज की है। वैश्विक Geopolitical Tensions, Inflation, और Demand-Supply Dynamics इस उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण हैं। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं, जिसमें प्रमुख शहरों में कीमतें, भविष्य की संभावनाएं, और निवेश के लिए सुझाव शामिल हैं।
आज की कीमतें: सोना और चांदी में गिरावट
Sone ka Bhav : IBJA के अनुसार, 20 जून 2025 को Gold और Silver की कीमतों में निम्नलिखित बदलाव देखे गए:
- 24 कैरेट Gold: ₹758 की कमी के साथ ₹98,503 प्रति 10 ग्राम। यह कीमत पिछले सत्र के ₹99,261 से कम है। Gold ने 16 जून 2025 को अपने All-Time High ₹99,373 को छुआ था।
- Silver: ₹1,791 की गिरावट के साथ ₹1,05,592 प्रति किलोग्राम। इससे पहले यह ₹1,07,383 पर बंद हुई थी। Silver का All-Time High ₹1,09,550 था, जो 18 जून 2025 को दर्ज किया गया।
यह गिरावट वैश्विक बाजारों में US Dollar की मजबूती, Federal Reserve की ब्याज दर नीतियों, और स्थानीय मांग में कमी के कारण आई है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर भी Gold और Silver की Futures Prices में 0.5-1% की कमी देखी गई, जो Spot Prices के अनुरूप है।
2025 में अब तक का प्रदर्शन
Chandi ka Bhav : 2025 में Gold और Silver ने निवेशकों को प्रभावशाली रिटर्न दिए हैं:
- Gold: 1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट Gold की कीमत ₹76,162 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब ₹98,503 हो गई है। यानी, इस साल अब तक ₹22,341 (29.3%) की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि 2024 की तुलना में दोगुनी है, जब Gold में ₹12,810 (20%) की बढ़ोतरी हुई थी।
- Silver: 1 जनवरी 2025 को Silver की कीमत ₹86,017 प्रति किलोग्राम थी, जो अब ₹1,05,592 हो गई है। यानी, ₹21,366 (24.8%) की वृद्धि। Silver ने भी 2024 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, जब इसकी कीमत में केवल ₹15,000 की वृद्धि हुई थी।
Gold और Silver की यह उछाल वैश्विक Inflation, Geopolitical Uncertainties, और Central Banks द्वारा Gold Reserves में बढ़ोतरी के कारण है। भारत में Wedding Season और Festive Demand ने भी कीमतों को समर्थन दिया है।
2025 में सोने और चांदी की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि Gold और Silver 2025 में और अधिक उछाल ले सकते हैं। Kedia Advisory के डायरेक्टर Ajay Kedia के अनुसार:
- Gold: वैश्विक Geopolitical Tensions, जैसे इजरायल-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन संघर्ष, Gold की मांग को बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा, US Federal Reserve की ब्याज दरों में संभावित कटौती और Inflation Hedge के रूप में Gold की लोकप्रियता इसे ₹1,03,000 प्रति 10 ग्राम तक ले जा सकती है।
- Silver: औद्योगिक मांग, विशेष रूप से Solar Panels, Electronics, और EV Batteries में Silver का उपयोग, इसकी कीमत को ₹1,30,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंचा सकता है।
Motilal Oswal Financial Services के विश्लेषकों का कहना है कि Gold में 10-12% और Silver में 15-20% की वार्षिक वृद्धि संभव है। Global Economic Slowdown और Currency Depreciation के कारण निवेशक Safe-Haven Assets की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
20 जून 2025 की गिरावट के पीछे निम्नलिखित कारक हैं:
- US Dollar Index (DXY): US Dollar की मजबूती ने Gold और Silver की कीमतों पर दबाव डाला। DXY 105 के स्तर को पार कर गया, जिससे Commodities सस्ती हुईं।
- Federal Reserve Policy: Federal Reserve ने 2025 में ब्याज दरों को 4.5-5% पर रखने का संकेत दिया, जिससे Non-Yielding Assets जैसे Gold में निवेश कम हुआ।
- Local Demand: भारत में Monsoon Season शुरू होने से Wedding और Festive Demand में अस्थायी कमी आई, जिसने कीमतों को प्रभावित किया।
- Profit Booking: Gold और Silver के हाल के All-Time Highs के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतें गिरीं।
वैश्विक स्तर पर, COMEX Gold $2,350 प्रति औंस और Silver $28 प्रति औंस पर कारोबार कर रहे हैं, जो पिछले सप्ताह के $2,400 और $30 से कम है।
निवेशकों के लिए सुझाव
Gold और Silver में निवेश करने की सोच रहे लोगों के लिए कुछ सुझाव:
- Long-Term Investment: Gold और Silver को Safe-Haven Assets माना जाता है। विशेषज्ञ 5-10 साल के लिए निवेश की सलाह देते हैं। SIP के जरिए Gold ETFs या Sovereign Gold Bonds (SGBs) में निवेश करें।
- Physical vs Digital Gold: Physical Gold (जैसे सिक्के, बार) में Making Charges और Storage Costs अधिक होते हैं। Digital Gold, Gold ETFs, या SGBs अधिक किफायती हैं।
- Silver as Industrial Metal: Silver की औद्योगिक मांग इसे Gold से अधिक अस्थिर लेकिन उच्च रिटर्न वाला बनाती है। Silver ETFs या MCX Futures में निवेश पर विचार करें।
- Timing the Market: कीमतों में गिरावट को खरीदारी का अवसर मानें। Gold ₹95,000 और Silver ₹1,00,000 के स्तर पर मजबूत समर्थन दिखा सकते हैं।
- Diversification: अपने पोर्टफोलियो का 10-15% Gold और Silver में निवेश करें ताकि जोखिम कम हो।
Sovereign Gold Bonds (SGBs) में निवेश करने वालों को 2.5% वार्षिक ब्याज और Capital Gains Tax में छूट मिलती है, जो इसे Physical Gold से बेहतर विकल्प बनाता है।
Gold और Silver की मांग को प्रभावित करने वाले कारक
- Festive Season: भारत में Diwali, Dhanteras, और Wedding Season (अक्टूबर-दिसंबर) में Gold और Silver की मांग बढ़ती है।
- Global Factors: Geopolitical Risks, Inflation, और Central Bank Gold Buying (2024 में 1,200 टन Gold खरीदा गया) कीमतों को समर्थन देते हैं।
- Industrial Demand: Silver की मांग Green Energy और Electronics में बढ़ रही है, जिससे इसकी कीमतें Gold से अधिक तेजी से बढ़ सकती हैं।
- Rupee Depreciation: Indian Rupee के $1=₹84.50 के स्तर पर कमजोर होने से आयातित Gold और Silver महंगे होते हैं।
Gold rate today : प्रमुख शहरों मे सोने का भाव
Silver Price Today : प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।

Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें



