
Gold Price Today : मुंबई के सर्राफा बाजार में शुक्रवार, 27 जून 2025 को सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सोना 1,034 रुपये सस्ता होकर 96,135 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत में 350 रुपये की कमी आई और यह 1,06,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। यह बदलाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ताजा दरों के अनुसार है। हालांकि, इस साल सोना और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है, जिसमें सोना करीब 20,000 रुपये और चांदी 21,000 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। वैश्विक और घरेलू बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों और खरीदारों की नजर इन कीमती धातुओं पर टिकी हुई है। आइए, इस खबर में हम सोने-चांदी की कीमतों, उनके इस साल के प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, शुक्रवार को सोने की कीमत में 1,034 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई, जिसके बाद यह 96,135 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। गुरुवार को यह 97,159 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी। इसी तरह, चांदी की कीमत में 350 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई, और यह 1,06,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जो कल 1,07,150 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
यह गिरावट वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव और स्थानीय मांग में कमी के कारण देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर US Federal Reserve की मौद्रिक नीति और डॉलर इंडेक्स में बदलाव ने भी इन कीमतों को प्रभावित किया है। इसके बावजूद, सोना और चांदी लंबी अवधि में निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बने हुए हैं।
इस साल का प्रदर्शन
Sone ka Bhav : 2025 में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। IBJA के आंकड़ों के अनुसार, इस साल सोना करीब 20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 21,000 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई है। 18 जून 2025 को सोने ने 99,454 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 1,09,550 रुपये प्रति किलोग्राम का ऑल-टाइम हाई बनाया था। इस तेजी के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की आशंका, और निवेशकों द्वारा सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देखना शामिल है।
वैश्विक और घरेलू कारक
Chandi ka Bhav : केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में इस साल की तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions), विशेष रूप से इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष, ने सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में और आकर्षक बना दिया है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति (Inflation) और डॉलर की अस्थिरता ने भी इन कीमती धातुओं की मांग को बढ़ाया है।
घरेलू स्तर पर, भारत में त्योहारी सीजन और शादी-विवाह की मांग ने सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट किया है। भारत में सोना न केवल निवेश का साधन है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी रखता है। चांदी की मांग भी औद्योगिक उपयोग और आभूषणों के कारण बढ़ रही है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी की कीमतों में अभी और तेजी देखने को मिल सकती है। अजय केडिया का अनुमान है कि 2025 के अंत तक सोना 1,03,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। इस तेजी के पीछे निम्नलिखित कारक हो सकते हैं:
- वैश्विक अनिश्चितता: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता सोने की मांग को बढ़ा रही है।
- मुद्रास्फीति का दबाव: वैश्विक स्तर पर बढ़ती मुद्रास्फीति सोना और चांदी को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।
- कमजोर रुपये: भारतीय रुपये में कमजोरी के कारण आयातित सोना और चांदी की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- त्योहारी मांग: भारत में दीपावली, धनतेरस और शादी के मौसम में सोने और चांदी की मांग में और इजाफा होगा।
निवेशकों के लिए सुझाव
सोना और चांदी में निवेश करने से पहले निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- बाजार का अध्ययन: कीमतों में उतार-चढ़ाव को समझने के लिए नियमित रूप से बाजार के रुझानों पर नजर रखें।
- सही समय का चयन: कीमतों में गिरावट के समय खरीदारी करना अधिक फायदेमंद हो सकता है।
- विविध निवेश विकल्प: केवल भौतिक सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार करें।
- प्रमाणित खरीदारी: हमेशा हॉलमार्क प्रमाणित सोना और चांदी खरीदें ताकि शुद्धता की गारंटी हो।
- लंबी अवधि का नजरिया: सोना और चांदी में निवेश लंबी अवधि के लिए अधिक लाभकारी होता है।
सोने और चांदी में निवेश के लाभ
- सुरक्षित निवेश: सोना और चांदी को वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, जो आर्थिक अनिश्चितता के समय स्थिरता प्रदान करता है।
- मुद्रास्फीति से सुरक्षा: ये धातुएं मुद्रास्फीति के खिलाफ हेज के रूप में काम करती हैं।
- तरलता: सोना और चांदी को आसानी से नकदी में बदला जा सकता है।
- सांस्कृतिक महत्व: भारत में सोना और चांदी का उपयोग आभूषणों और उपहारों के लिए व्यापक रूप से होता है।
Gold rate today : प्रमुख शहरों मे सोने का भाव
Silver Price Today : प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।

Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें



