
Jaguar fighter jet crash : राजस्थान के चूरू जिले में बड़ा हादसा सामने आया, जहां भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह घटना में विमान पर सवार पायलट और को-पायलट ने अपनी जान गंवा दी। हादसा राजलदेसर थाना क्षेत्र के भाणूदा गांव के निकट दोपहर 12:40 बजे घटित हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में मायूसी छा गई। दुर्घटना स्थल पर फाइटर जेट का मलबा व्यापक क्षेत्र में बिखरा पड़ा है, और शवों के क्षत-विक्षत टुकड़े बरामद किए गए हैं।
Churu Rajasthan jet crash news : चूरू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय यादव ने पुष्टि की कि भाणूदा गांव में यह विमान दुर्घटना हुई, जिसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मलबे के पास से शवों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त टुकड़े मिले हैं, जो हादसे की गंभीरता को दर्शाते हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तकनीकी खराबी के कारण पायलट और को-पायलट इजेक्ट (Ejection) करने में असफल रहे। यह घटना पिछले पांच महीनों में देश में हुई तीसरी जगुआर जेट दुर्घटना है, जिसने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे पहले मार्च और अप्रैल में भी इसी प्रकार के हादसे सामने आए थे। सेना के सूत्रों के अनुसार, यह जगुआर फाइटर जेट श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरा था। यह एक टू-सीटर (Twin-Seater) प्रशिक्षण विमान था, जो पायलटों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग में लाया जाता है। सूरतगढ़ से उड़ान भरने के बाद यह जेट नियमित ट्रेनिंग सॉर्टी (Training Sortie) पर था, लेकिन अचानक तकनीकी गड़बड़ी के कारण नियंत्रण खो बैठा।
स्थानीय की प्रतिक्रिया
IAF jet crash Churu pilot death : स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने पहले विमान की तेज गड़गड़ाहट सुनी, जिसके बाद एक भयानक धमाके की आवाज गूंजी। चश्मदीद प्रेम सिंह ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विमान ने अचानक अपना नियंत्रण खो दिया और जमीन से टकराते ही छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर गया, साथ ही आग लग गई। इस धमाके से आसपास के पेड़-पौधे भी झुलस गए, और पूरे इलाके में धुआं फैल गया। ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू हुआ। घटना की खबर फैलते ही भाणूदा गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जो मलबे और स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
दुर्घटना स्थल पर फाइटर जेट के मलबे के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे हुए हैं, और मलबे पर स्पष्ट रूप से ‘जगुआर’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। जिस स्थान पर जेट गिरा, वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जो हादसे की तीव्रता को दर्शाता है। मलबे के बीच शवों के अलग-अलग टुकड़े मिले, जिससे बचाव कार्य में दिक्कतें आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इसके अलावा, जेट के गिरने से खेतों में आग लग गई, जिसे बुझाने में ग्रामीणों ने भी हाथ बंटाया।
बचाव और जांच की प्रक्रिया
Bhanu da village plane crash today : हादसे के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन आसपास कोई हेलीपैड न होने के कारण इसे सड़क पर उतारना पड़ा। सेना और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव और मलबे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी, जिसमें तकनीकी खराबी और अन्य कारकों की पड़ताल शामिल होगी। वायुसेना ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है और जांच पूरी होने तक और जानकारी साझा करने से इनकार किया है।

पिछले हादसों का संदर्भ
IAF Jaguar crash pilot and co-pilot dead : पिछले पांच महीनों में जगुआर जेट की यह तीसरी दुर्घटना है। मार्च 2025 में हरियाणा के पंचकुला में एक जेट क्रैश हुआ था, जहां पायलट सुरक्षित बच निकला था। अप्रैल में गुजरात के जामनगर में हुई दुर्घटना में एक पायलट की मृत्यु हो गई थी, जबकि दूसरा घायल हुआ था। इन घटनाओं ने जगुआर बेड़े की उम्र और रखरखाव को लेकर बहस को तेज कर दिया है, क्योंकि यह विमान लंबे समय से वायुसेना में सेवा दे रहा है और अब इसे आधुनिक तकनीक से बदलने की योजना पर विचार चल रहा है।



