
Ahmedabad plane crash 2025 : 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एक भयानक विमान हादसा हुआ, जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 ने दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन मात्र 1:40 बजे यह विमान 200 फीट की ऊंचाई पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस tragदी में 270 लोगों की जान चली गई, और घटना के बाद से जांच-पड़ताल जारी है। अब एक नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के अनुसार, विमान के कप्तान सुमीत सभरवाल ने जानबूझकर इंजनों में ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी थी, जिसके कारण यह भयावह हादसा हुआ।
कॉकपिट में हुई अंतिम बातचीत का खुलासा
Air India AI 171 crash reason : WSJ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह जानकारी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से प्राप्त हुई है, जो हादसे के वक्त पायलटों के बीच हुई बातचीत को दर्ज करता है। रिकॉर्डिंग के अनुसार, बोइंग विमान उड़ा रहे को-पायलट क्लाइव कुंदर ने कप्तान सुमीत सभरवाल से सवाल किया, “आपने फ्यूल स्विच को ‘CUTOFF’ स्थिति में क्यों डाल दिया?” इस सवाल के दौरान को-पायलट की आवाज में स्पष्ट घबराहट थी, जो उनके आश्चर्य और चिंता को दर्शाती है। दूसरी ओर, कप्तान सुमीत, जो एयर इंडिया के वरिष्ठ पायलट थे, शांत और संयत नजर आए। उनके पास 15,638 घंटे का उड़ान अनुभव था, जबकि को-पायलट क्लाइव कुंदर के पास 3,403 घंटे का अनुभव दर्ज था।
शुरुआती जांच और विशेषज्ञों की राय
Captain Sumit Sabharwal fuel cutoff : वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों की प्रारंभिक जांच से जुड़े सूत्रों का हवाला दिया है, जो इस हादसे की गहन पड़ताल कर रहे हैं। हालांकि, भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), नागरिक उड्डयन मंत्रालय, बोइंग और एयर इंडिया की ओर से अब तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हादसे की तस्वीरों में क्रैश साइट से मिला फ्यूल कंट्रोल स्विच भी सामने आया है, जो कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास लगा होता है। यह स्विच हादसे के बाद जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है।
भारत की प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या कहा गया?
Air India 787 crash investigation : इससे पहले, 12 जुलाई 2025 को एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फ्यूल स्विच अचानक ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए। हालांकि, इस बात का उल्लेख नहीं किया गया कि यह स्विच किसने या कैसे बंद किए। रिपोर्ट में कॉकपिट रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए बताया गया कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “आपने ईंधन क्यों बंद किया?” इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह रहस्य अब भी अनसुलझा है, और जांच आगे बढ़ रही है।
एयर इंडिया का बयान और जांच प्रक्रिया
India plane crash fuel switch : एयर इंडिया ने बुधवार, 16 जुलाई 2025 को अपने बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) और थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM) की जांच पूरी करने की घोषणा की। एयरलाइन ने पायलटों को भेजे गए एक आधिकारिक संदेश में कहा कि जांच में फ्यूल स्विच में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। इसके अलावा, सभी बोइंग-787 विमानों में TCM को अपग्रेड कर दिया गया है, क्योंकि यह फ्यूल कंट्रोल स्विच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 14 जुलाई को सभी एयरलाइन कंपनियों को 21 जुलाई तक बोइंग-737 और 787 सीरीज के विमानों में फ्यूल स्विच की जांच सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।

एयर इंडिया के पास कुल 33 बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमान हैं, जबकि इंडिगो के पास 7 बोइंग-737 मैक्स 8 और 1 बोइंग-787-9 विमान मौजूद हैं। इनमें से कई विमान लीज, वेट लीज या डैम्प लीज के तहत संचालित होते हैं, इसलिए ये भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इस संदर्भ में एयर इंडिया ने अपनी विमानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर जोर दिया है।
सरकार और पायलट संगठन की प्रतिक्रिया
Boeing 787 fuel control switch issue : हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट पर सरकार ने कहा है कि इसकी गहन समीक्षा की जा रही है, और अभी किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले धैर्य रखने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने इस रिपोर्ट पर गहरी आपत्ति जताई है। FIP के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने कहा कि बिना पूरी और पारदर्शी जांच के पायलटों पर आरोप लगाना जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना कदम है। उन्होंने मांग की कि पायलट संगठनों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाए, क्योंकि वर्तमान रिपोर्ट एकतरफा और अधूरी प्रतीत होती है।
FIP ने मीडिया और अधिकारियों से अपील की है कि वे अधूरी जानकारी या गलतफहमियों को फैलाने से बचें। संगठन का मानना है कि कॉकपिट रिकॉर्डिंग के चुनिंदा हिस्सों को पेश करके पायलटों की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 ने टेकऑफ के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकराई थी, जिसके बाद यह दुखद घटना घटी।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की राह
विमान हादसों के विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल स्विच की गलत स्थिति एक तकनीकी त्रुटि या मानवीय चूक का परिणाम हो सकती है। हालांकि, बिना पूरी जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इस घटना ने विमानन सुरक्षा और पायलट प्रशिक्षण पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है। सरकार और एयरलाइन कंपनियों को अब और सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, जांच टीम को जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की उम्मीद है।



