
Rain Alert : राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में भारी वर्षा के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति धौलपुर जिले की है, जहां चंबल नदी खतरे के निशान से लगभग 12 मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं और हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने Indian Army की मदद ली है। धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र के अंधियारी गांव में स्थिति सबसे विकट है। यहां के सरकारी स्कूल, घरों और फार्महाउसों तक में पानी भर चुका है। कई मकान पूरी तरह डूब गए हैं। जिला प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में सेना के जवानों को तैनात किया है, जो अलग-अलग इलाकों में जाकर राहत एवं बचाव कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। जिला कलेक्टर श्रीमती निधि बी.टी. और एसपी विकास सांगवान लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
सीकर में भी बारिश बनी कहर
Rajasthan ka Mosam : सीकर जिले में बुधवार देर रात से लगातार हो रही तेज बारिश से हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। फतेहपुर कस्बे में छतरिया बस स्टैंड पर एक रोडवेज बस पानी में फंस गई, जिसमें करीब 30 यात्री सवार थे। गुरुवार सुबह 8 बजे तक फतेहपुर में 64 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। कई इलाकों में 4 फीट तक पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक था कि बस का इंजन बंद हो गया और बस वहीं रुक गई। प्रशासन ने तुरंत JCB, क्रेन और ट्रैक्टर की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, शहर में एक भारी भरकम ट्रेलर भी पानी में फंस गया, जिससे ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। नगर परिषद और आपदा प्रबंधन टीम को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।
जयपुर में 5 घंटे तेज बारिश, कई इलाकों में जलभराव
Weather Update : राजधानी जयपुर में बुधवार को सुबह से लेकर दोपहर तक लगातार 5 घंटे मूसलाधार बारिश हुई, जिसके बाद देर रात तक रिमझिम बारिश जारी रही। शहर के प्रमुख इलाके जैसे सांगानेर, झोटवाड़ा, मालवीय नगर, वैशाली नगर में सड़कों पर भारी जलभराव हो गया। कई सरकारी इमारतों की छतें टपकने लगीं, दीवारों का प्लास्टर और फॉल सिलिंग भी गिर गए। कुछ जगहों पर सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बारिश के बीच सांगानेर क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत एवं राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बीसलपुर बांध के तीन गेट अब भी खुले, लगातार जलस्तर बढ़ रहा
Mosam : टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जल प्रबंधन विभाग ने जानकारी दी है कि बांध से अब भी 18,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और तीन गेट अभी भी खुले हैं। हालांकि दो दिन पहले तक ज्यादा संख्या में गेट खोले गए थे, लेकिन अब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए धीरे-धीरे गेटों की संख्या घटाई जा रही है। दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में स्थित मोरेल बांध, जिसे एशिया का सबसे बड़ा कच्चा बांध माना जाता है, वह भी ओवरफ्लो हो गया है। डेढ़ फीट तक पानी बह रहा है। यह लगातार दूसरा साल है जब यह बांध पूरी तरह भर गया है। स्थानीय प्रशासन ने मोरेल के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कोटा में पार्वती नदी उफान पर
Aaj ka Mosam : कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में बहने वाली पार्वती नदी में जबरदस्त उफान देखा जा रहा है। नदी के उफान के चलते राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। इटावा-खातोली मार्ग पर बना नया पुल पानी में डूब गया है और उसके ऊपर से करीब एक फीट पानी बह रहा है। इसके चलते स्टेट हाईवे-70 (कोटा-श्योपुर-ग्वालियर मार्ग) पर यातायात रोक दिया गया है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।

18 जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट, 13 जिलों में स्कूल बंद
Rain storm Alert : मौसम विभाग, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी से आए डिप्रेशन सिस्टम ने राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश करवाई। यह सिस्टम अब लो-प्रेशर एरिया में तब्दील हो चुका है और 1 अगस्त से इसका असर कम होने लगेगा। हालांकि मानसून की ट्रफ लाइन बीकानेर और सीकर के ऊपर से गुजर रही है, जिससे गुरुवार को भी 18 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। सावधानी के तौर पर 13 जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इनमें जयपुर, सीकर, टोंक, धौलपुर, कोटा, दौसा, भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, करौली, बीकानेर, झालावाड़, और बूंदी शामिल हैं।
| क्रम संख्या | जिला | छुट्टी की अवधि |
|---|---|---|
| 1 | झालावाड़ | 31 जुलाई – 2 अगस्त |
| 2 | बारां | 31 जुलाई – 2 अगस्त |
| 3 | जैसलमेर | 31 जुलाई |
| 4 | सवाई माधोपुर | 31 जुलाई |
| 5 | बांसवाड़ा | 31 जुलाई |
| 6 | टोंक | 31 जुलाई – 2 अगस्त |
| 7 | कोटा | 31 जुलाई – 1 अगस्त |
| 8 | उदयपुर | 31 जुलाई |
| 9 | अजमेर | 31 जुलाई |
| 10 | डूंगरपुर | 31 जुलाई |
| 11 | राजसमंद | 31 जुलाई |
| 12 | चित्तौड़गढ़ | 31 जुलाई |
| 13 | भीलवाड़ा | 31 जुलाई |
जयपुर में शाहपुरा बना रिकॉर्ड होल्डर – 155 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटों में राज्यभर में भारी बारिश के आंकड़े दर्ज किए गए हैं। जयपुर के शाहपुरा क्षेत्र में सबसे अधिक 155 मिमी (लगभग 6 इंच) बारिश हुई है।
इसके अलावा:
- कोटपूतली – 112 मिमी
- पावटा – 82 मिमी
- जमवारामगढ़ – 73 मिमी
- माधोराजपुरा – 63 मिमी
- जयपुर कलेक्ट्रेट – 59 मिमी
- जेएलएन मार्ग – 52 मिमी
- विराटनगर – 72 मिमी
- चौमूं – 50 मिमी
अन्य प्रमुख वर्षा वाले स्थान:
- सीकर (पाटन) – 105 मिमी
- नीमकाथाना – 45 मिमी
- टोंक (पीपलू) – 102 मिमी
- भरतपुर (रुदावल) – 59 मिमी
- अलवर (रामगढ़) – 52 मिमी
- दौसा (बांदीकुई) – 63 मिमी
राजस्थान इन दिनों गंभीर मौसमीय संकट से गुजर रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रदेश के कई जिलों को जलमग्न कर दिया है। नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और सेना मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। जनता से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों को नाजुक बताया है। यदि वर्षा का यह दौर यूं ही जारी रहा, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
🌧️ 31 जुलाई 2025 – बारिश का अलर्ट
🟧 ऑरेंज अलर्ट (भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना)
इन जिलों में अधिक सतर्कता जरूरी:
- अजमेर
- जयपुर
- पाली
- नागौर
- सीकर
- चूरू
🟨 येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश की संभावना, कुछ जगह भारी बारिश)
इन जिलों में भी सतर्क रहने की जरूरत:
- दौसा
- अलवर
- टोंक
- बूंदी
- कोटा
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- जोधपुर
- बीकानेर
- गंगानगर
- हनुमानगढ़
- झुंझुनूं
🌦️ 1 अगस्त 2025 – बारिश का अलर्ट
🟨 केवल येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी)
इन जिलों में बारिश की संभावना बनी रहेगी:
- अजमेर
- नागौर
- सीकर
- झुंझुनूं
- बीकानेर
- गंगानगर
- हनुमानगढ़
- चूरू



