
Rain Alert : बुधवार की सुबह राजस्थान के अलवर शहर और आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय विजिबिलिटी 200-300 मीटर से भी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। अलवर के अलावा करौली जिले के टोडाभीम और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी कोहरे ने सुबह के नजारे को धुंधला कर दिया। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के बाद बुधवार को मौसम ने करवट ली, और सुबह 6 बजे तक विजिबिलिटी बेहद कम रही। कोहरे के साथ घने बादल छाए रहे, जिससे दिन की शुरुआत ठंडी और नम रही।
मानसून की रफ्तार में कमी
Rajasthan ka Mosam : राजस्थान में मानसून का दौर अब धीमा पड़ता दिख रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों तक राज्य में बारिश की तीव्रता में कमी रहेगी। मंगलवार को राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। बांसवाड़ा के भूंगड़ा में 6 इंच बारिश ने क्षेत्र को जलमग्न कर दिया, जबकि दौसा, अलवर, प्रतापगढ़ जैसे जिलों में 1 से 3 इंच तक बारिश हुई। बुधवार के लिए मौसम विभाग ने झालावाड़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जो संकेत देता है कि इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए टोंक और बूंदी जिले में 27 अगस्त को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि कई क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव और कीचड़ ने आवागमन को मुश्किल बना दिया है।

पाली में बारिश ने मचाई तबाही: मकान का छज्जा ढहा
Aaj ka Mosam : पाली जिले के बाली में मंगलवार रात 11 बजे एक दुखद घटना घटी, जब लगातार बारिश के कारण नगरपालिका क्षेत्र के बेरा चौक में एक मकान का छज्जा ढह गया। इस हादसे में 80 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक भूरालाल सोनी और उनकी पत्नी कमलाबाई बाल-बाल बच गए। घटना के समय दोनों मकान में मौजूद थे, लेकिन पड़ोसियों और नगरपालिका की त्वरित कार्रवाई के कारण उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। नगरपालिका, पुलिस और विद्युत विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे को हटाने के साथ-साथ बिजली की लाइन को सुरक्षित किया। इस घटना ने बारिश के कहर और पुरानी इमारतों की कमजोर स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं।
पिछले 24 घंटों में बारिश का आंकड़ा
Weather Update : पिछले 24 घंटों में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में बारिश ने अपना असर दिखाया। बांसवाड़ा के भूंगड़ा में सबसे अधिक 154 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा, भीलवाड़ा के कोटड़ी में 53 मिमी, अलवर के कठूमर में 89 मिमी, कोटकासिम में 35 मिमी, खैरथल में 33 मिमी, बानसूर में 40 मिमी, कोटा के कानावास में 39 मिमी, जयपुर के कोटपूतली में 40 मिमी, फलोदी के सेतरवाड़ा में 85 मिमी, प्रतापगढ़ के धरियावद में 69 मिमी, उदयपुर के लसाड़िया में 23 मिमी, कुराबाद में 49 मिमी, जोधपुर के तिनवारी में 35 मिमी, धौलपुर के मनिया में 68 मिमी, बूंदी में 44 मिमी और चित्तौड़गढ़ के बस्सी में 43 मिमी बारिश दर्ज हुई। इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून ने राज्य के कई हिस्सों को भिगोया है।
मानसून के कमजोर पड़ने की वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून ट्रफ वर्तमान में श्रीगंगानगर, सिरसा (हरियाणा), आगरा (उत्तर प्रदेश), सीधी (मध्य प्रदेश), संबलपुर (ओडिशा) से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। पूर्वी हवाओं की गति में कमी के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि, उदयपुर और कोटा संभाग में मानसून अभी भी सक्रिय रहेगा, जिससे इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।

इस सीजन में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
इस मानसून सीजन में राजस्थान में बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 1 जून से 25 अगस्त तक सामान्यतः 350 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक 546.3 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो औसत से 56% अधिक है। इस अतिवृष्टि ने जहां खेतों को हरा-भरा किया है, वहीं कई इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं।

करौली में जलभराव से फसलों को नुकसान
करौली के टोडाभीम और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश ने खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। कई किसानों की फसलें गलने की कगार पर हैं, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और किसानों को राहत प्रदान करने की योजना बनाई जा रही है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में राजस्थान में बारिश की तीव्रता कम रहेगी, लेकिन उदयपुर और कोटा संभाग में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। अलवर और करौली जैसे क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति सुबह के समय बनी रह सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही, भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात की समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन को अलर्ट रहने की जरूरत है।
बारिश का हाल
⛈️ 27 और 28 अगस्त
येलो अलर्ट
- झालावाड़
- प्रतापगढ़
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
⛈️ 29 अगस्त
ऑरेंज अलर्ट
- प्रतापगढ़
- बांसवाड़ा
येलो अलर्ट
- डूंगरपुर
- उदयपुर
- चित्तौड़गढ़
- सिरोही
- झालौर
- बारां
- झालावाड़
⛈️ 30 अगस्त
ऑरेंज अलर्ट
- झालावाड़
- प्रतापगढ़
- बांसवाड़ा
- डूंगरपुर
येलो अलर्ट
- कोटा
- बूंदी
- बारां
- चित्तौड़गढ़
- भीलवाड़ा
- उदयपुर
- राजसमंद
- पाली
- झालौर
- सिरोही
