
Mangala Pashu Bima Yojana : राजस्थान सरकार ने पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना 2025-26 का शुभारंभ कर दिया है। इस बार योजना में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुपालक जल्दी और आसानी से फायदा उठा सकें। राज्य में इस वर्ष 21 लाख पशुओं का निःशुल्क बीमा किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार बीमा प्रक्रिया Lottery सिस्टम से हटकर सीधे पहले आओ–पहले पाओ (First Come First Serve) पर कर दी गई है। यानी जो पहले आवेदन करेगा, उसका बीमा पहले होगा।
⭐ योजना का काम हुआ शुरू – पहले लाभार्थी ने कराया बीमा
Rajasthan Pashu Bima Online : राज्य में सोमवार से बीमा प्रक्रिया शुरू हो गई। सबसे पहला बीमा अजमेर जिले के जीरोता गांव की सुरता देवी की दो भैंसों का हुआ।पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस बार प्रक्रिया में कई सुधार किए गए हैं, जिससे पशुपालकों को न सिर्फ तेजी से बीमा मिलेगा बल्कि स्वास्थ्य प्रमाण पत्र + बीमा पॉलिसी एक साथ जारी की जाएगी।
🐄 1 दिसंबर से हर राजस्व गांव में कैंप
राज्य सरकार ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि 1 दिसंबर से हर राजस्व गांव में विशेष पशु बीमा शिविर लगाए जाएँ ताकि अधिकतम पशुपालक शुरुआती चरण में ही लाभ ले सकें।
एक पशुपालक अपने एक जन आधार पर अधिकतम—
- 2 गाय
- 2 भैंस
- या 1 गाय + 1 भैंस
- 10 ऊंट / दस भेड़ या दस बकरियां का फ्री बीमा करा सकता है।

🔥 क्या नया है इस साल? (2025-26 अपडेट)
Pashu Bima Yojana Rajasthan Apply Online इस बार सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं—
✔ लॉटरी सिस्टम खत्म
✔ पहले आओ–पहले पाओ आधार पर बीमा
✔ पशु चिकित्सक + सर्वेयर मिलकर तत्काल बीमा पॉलिसी जारी करेंगे
✔ कैंपों की संख्या बढ़ाई गई
✔ आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल भी की गई
इससे पशुपालकों का समय बचेगा, और काम पहले से कई गुना तेज होगा।
📲 मंगला पशु बीमा योजना 2025-26: आवेदन कैसे करें?
Mangala Pashu Bima Registration : अब जानते हैं सबसे जरूरी हिस्सा— बीमा के लिए आवेदन कैसे करें?
✅ 1. मोबाइल एप के जरिए आवेदन (सबसे आसान तरीका)
राजस्थान सरकार ने विशेष “Mangala Pashu Bima Yojana 25-26 App” लॉन्च किया है।
कैसे करें आवेदन?
1️⃣ Google Play Store खोलें
2️⃣ Search करें — Mangala Pashu Bima Yojana 25-26
3️⃣ एप डाउनलोड करें और रजिस्टर करें
4️⃣ अपना Jan Aadhaar Number दर्ज करें
5️⃣ पशु की जानकारी, फोटो और आवश्यक विवरण अपलोड करें
6️⃣ Submit पर क्लिक करें
👉 5–7 मिनट में पंजीकरण पूरा हो जाएगा।
✅ 2. शिविर में जाकर आवेदन (ऑफलाइन प्रक्रिया)
हर राजस्व गांव में पशुपालन विभाग के कैंप चल रहे हैं।
शिविर में पहुंचकर—
✔ जन आधार
✔ पशु की फोटो
✔ पहचान प्रमाण
दिखाकर बीमा करवाया जा सकता है।
यहीं पर पशु का हेल्थ सर्टिफिकेट भी तुरंत जारी कर दिया जाएगा।
✅ 3. ई-मित्र से आवेदन
जो लोग खुद मोबाइल एप पर आवेदन नहीं करना चाहते, वे नजदीकी e-Mitra Kiosk पर जाकर—
✔ ₹30 फीस देकर
✔ Jan Aadhaar देकर
अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
🛑 किन पशुओं का होगा फ्री बीमा?
योजना के तहत—
- गाय
- भैंस
- ऊंट
- भेड़
- बकरी
का 100% निःशुल्क बीमा किया जाएगा।
✅ 4. मंगला पशु बीमा योजना: पात्रता
Pashu Bima Yojana Eligibility : योजना के तहत बीमा राजस्थान के सभी पशुपालकों के लिए उपलब्ध है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ—
✔ पात्र व्यक्ति
- राजस्थान का स्थायी निवासी
- पशुपालक के पास सक्रिय जन आधार कार्ड होना आवश्यक
- जिस पशु का बीमा कराना है, वह पशुपालक के स्वामित्व में होना चाहिए
- एक जन आधार नंबर पर अधिकतम:
- 2 गाय
- 2 भैंस
- या 1 गाय + 1 भैंस
- 10 ऊंट
- 10 भेड़
- 10 बकरियाँ बीमित की जा सकती हैं
❌ अपात्र स्थिति
- बीमार, अत्यधिक कमजोर या असामान्य शारीरिक स्थिति वाले पशु
- विकलांग पशु
- बिना मालिकाना हक वाले आवारा पशु
- 2 दांत से कम उम्र की गाय/भैंस (बहुत छोटे पशु)
✅ 5. बीमा कवर की राशि
योजना के तहत पशु की दुर्घटना, बीमारी, प्राकृतिक आपदा या मृत्यु पर बीमा राशि प्रदान की जाती है।
✔ बीमा राशि (Sum Assured)
| पशु का प्रकार | बीमा राशि (₹) |
|---|---|
| गाय (Cow) | ₹40,000 |
| भैंस (Buffalo) | ₹60,000 |
| ऊंट (Camel) | ₹40,000 |
| भेड़/बकरी (Sheep/Goat) | ₹5,000 प्रति पशु |
(ये राशि राजस्थान पशुपालन विभाग द्वारा जारी बीमा दरों के अनुसार है।)
✔ बीमा अवधि
- बीमा 1 वर्ष के लिए मान्य होगा।
- यह पूरी तरह निःशुल्क है — प्रीमियम राज्य सरकार वहन करती है।
✅ 7. जरूरी दस्तावेज
बीमा करवाने के लिए निम्न दस्तावेज अनिवार्य हैं:
✔ आवश्यक दस्तावेज
- जन आधार कार्ड (अनिवार्य)
- पशुपालक का मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण (नाम–खाता–IFSC)
- पशु का हाल का फोटो (साइड प्रोफाइल)
- पशु का टैग नंबर (यदि लगा है — Ear Tag)
- पशु स्वामित्व का प्रमाण (सरल घोषणा पर्याप्त)
✔ कैंप में पशु के साथ उपस्थित होना क्यों जरूरी?
- पशु चिकित्सक स्वास्थ्य जांच करते हैं
- सर्वेयर फोटोग्राफी व टैग मैच करते हैं
- उसी समय स्वास्थ्य प्रमाण पत्र + बीमा पॉलिसी जारी की जाती है
✅ 8. क्लेम कैसे मिलेगा?
यदि बीमित पशु की मृत्यु हो जाती है, तो 48 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है।
✔ चरण-दर-चरण प्रक्रिया
1. मृत्यु की सूचना (Within 48 hours)
- नजदीकी पशु चिकित्सक,
- ग्राम विकास अधिकारी,
- बीमा सर्वेयर,
- या पशुपालन विभाग को जानकारी दी जाए।
2. आवश्यक प्रमाण (Proof Required)
- पशु की मृत्यु स्थल की फोटो/वीडियो
- पशु का टैग नंबर स्पष्ट दिखाई दे
- यदि टैग गायब है — सर्वेयर की रिपोर्ट अनिवार्य है
3. पशु चिकित्सक का पोस्ट-मार्टम / मृत्यु प्रमाण पत्र
- पशु चिकित्सक द्वारा जारी Death Certificate
- मौत का कारण (बीमारी/दुर्घटना/प्राकृतिक) दर्ज किया जाता है
4. क्लेम फॉर्म भरना (Form-C)
इसमें शामिल:
- पॉलिसी नंबर
- पशुपालक की जानकारी
- बैंक खाता
- टैग नंबर
5. सर्वेयर सत्यापन
सर्वेयर फोटो, टैग और पॉलिसी मिलान करता है।
6. भुगतान (Claim Settlement)
सभी दस्तावेज सही होने पर क्लेम राशि —
15 से 30 दिनों में सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
1️⃣ Mangala Pashu Bima Yojana 2025 में कैसे आवेदन करें?
उत्तर: आवेदन मोबाइल ऐप, ई–मित्र या गांव के शिविर से किया जा सकता है। पंजीकरण के लिए जन आधार और पशु का फोटो ज़रूरी है।
2️⃣ Mangala Pashu Bima Yojana eligibility क्या है?
उत्तर: कोई भी राजस्थान का पशुपालक जिसके पास जन आधार और अपने नाम से पंजीकृत पशु हो, योजना का लाभ ले सकता है।
3️⃣ Pashu Bima Yojana में कितना बीमा मिलता है?
उत्तर:
- गाय – ₹40,000
- भैंस – ₹60,000
- ऊंट – ₹40,000
- बकरी/भेड़ – ₹5,000
4️⃣ Mangala Pashu Bima Yojana online registration कैसे करें?
उत्तर:
Google Play Store → “Mangala Pashu Bima Yojana 25–26 App” → जन आधार से लॉगिन → पशु की फोटो → सबमिट।
5️⃣ Mangala Pashu Bima Yojana के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
उत्तर:
जन आधार कार्ड, पशु का फोटो, टैग नंबर, बैंक खाता विवरण।
6️⃣ CM Mangala Pashu Bima Yojana का क्लेम कैसे मिलता है?
उत्तर:
पशु की मृत्यु पर 48 घंटे में सूचना दें, पोस्टमार्टम करवाएं, क्लेम फॉर्म जमा करें — 15–30 दिन में पैसा खाते में आता है।
7️⃣ Mangala Pashu Bima Yojana free है या पैसे लगते हैं?
उत्तर:
यह योजना पूरी तरह फ्री है। बीमा प्रीमियम 100% सरकार देती है।
