
T20 World Cup 2026 : क्रिकेट प्रेमियों के लिए बुरी खबर! भारत और श्रीलंका में फरवरी 2026 से होने वाले ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के मैचों का प्रसारण भारत में खतरे में पड़ गया है। मुख्य ब्रॉडकास्टर जियोस्टार (जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधीन है) ने टूर्नामेंट से महज दो महीने पहले ही ICC के साथ अपनी मीडिया राइट्स डील से पीछे हटने का औपचारिक नोटिस भेज दिया है। ईटी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर जल्द ही कोई नया पार्टनर नहीं मिला, तो करोड़ों भारतीय फैंस टीवी या स्ट्रीमिंग पर ये धमाकेदार मैच देखने से वंचित रह सकते हैं। यह ICC के लिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि भारत से ही उसकी 80% कमाई आती है।
जियोस्टार का यह कदम वित्तीय नुकसान की भयंकर मार के कारण उठाया गया है। कंपनी ने अपनी ऑडिटेड फाइनेंशियल रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि ICC डील से होने वाला घाटा इतना गहरा हो गया है कि बचे हुए दो सालों को चलाना असंभव है। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं – कारण, प्रभाव और आगे की राह क्या है?
जियोस्टार ने 2023 में की थी ICC के साथ मेगा डील – लेकिन अब क्यों पीछे हटना चाहती है?
Will India miss T20 World Cup 2026 live telecast : 2023 में ICC ने अपने चार साल के साइकिल (2024-2027) के लिए सभी प्रमुख टूर्नामेंट्स – जैसे T20 वर्ल्ड कप, ODI वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और वुमेंस इवेंट्स – के भारत में ब्रॉडकास्टिंग राइट्स जियोस्टार को बेच दिए थे। यह डील $3 बिलियन (लगभग ₹25,000 करोड़) की थी, जिसमें हर साल औसतन ₹6,000 करोड़ ICC को पेमेंट का प्रावधान था। तब स्टार इंडिया (जो बाद में Viacom18 के साथ मर्ज होकर जियोस्टार बनी) ने यह बोली जीती थी। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) की बोली $1.4 बिलियन के आसपास थी, जबकि Viacom18 की $1 बिलियन।
लेकिन अब जियोस्टार का दावा है कि यह “माल” (राइट्स) बेचकर भी मूल लागत वसूल नहीं हो पा रही। कंपनी ने अपने अकाउंट्स में “प्रोविजन” (अपेक्षित नुकसान के लिए अलग रखा फंड) को दोगुना कर दिया है।
- 2023-24 में: ₹12,319 करोड़ का प्रोविजन (जिसके कारण स्टार इंडिया को ₹12,548 करोड़ का नेट लॉस हुआ)।
- 2024-25 में: यह राशि बढ़कर ₹25,760 करोड़ हो गई – यानी कुल अनुमानित घाटा अब डील की मूल कीमत से भी ज्यादा!

क्यों हो रहा है यह घाटा? मुख्य वजहें हैं:
- विज्ञापन की कमी: रियल मनी गेमिंग ऐप्स (जैसे Dream11) पर सरकारी बैन ने क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत छीन लिया। ये ऐप्स पहले ICC मैचों के प्रमुख स्पॉन्सर थे, जो अकेले $840 मिलियन (₹7,000 करोड़) का योगदान देते थे। अब ट्रेडिशनल ब्रांड्स (जैसे कोका-कोला, बजाज) लौट तो आए हैं, लेकिन गैप भरना मुश्किल है।
- सब्सक्रिप्शन और स्ट्रीमिंग का कम रिटर्न: जियोसिनेमा और हॉटस्टार पर फ्री स्ट्रीमिंग (जैसे 2024 T20 वर्ल्ड कप) ने तो व्यूअरशिप बढ़ाई, लेकिन पेड सब्सक्रिप्शन कम बिके। लीनियर टीवी (केबल) के प्रॉफिट मार्जिन भी घट रहे हैं, जबकि स्ट्रीमिंग अभी भी लॉस-मेकिंग है।
- डॉलर रेट का दबाव: डील डॉलर में हुई, लेकिन रुपये की वैल्यू गिरने से प्रभावी बोझ $3.3 बिलियन तक पहुंच गया।
जियोस्टार के एग्जीक्यूटिव्स का कहना है कि यह डील “ओनरस कॉन्ट्रैक्ट” (नुकसानदेह अनुबंध) बन चुकी है, जहां लागत से कम कमाई हो रही है। इसलिए कंपनी अब कानूनी रूप से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है, हालांकि ICC कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार 2027 तक बाउंड है।
ICC का सरप्लस vs जियोस्टार का घाटा: आखिर फर्क क्यों?
ICC media rights India 2024-2027 deal loss : ICC के लिए 2024 में $474 मिलियन (लगभग ₹4,000 करोड़) का सरप्लस (अतिरिक्त प्रॉफिट) दर्ज हुआ, लेकिन जियोस्टार को नुकसान क्यों? आसान जवाब: ICC को ग्लोबल राइट्स से कमाई मिलती है, जबकि जियोस्टार को सिर्फ भारत मार्केट से। भारत ICC रेवेन्यू का 80% देता है – दर्शक, विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप से। लेकिन ब्रॉडकास्टर के लिए यह “मास-स्केल ऑडियंस ड्राइवर” होने के बावजूद कॉस्टली साबित हो रहा। स्टार-Viacom18 मर्जर ने स्पोर्ट्स मीडिया में वर्चुअल ड्यूओपॉली (जियोस्टार और सोनी) बना दिया, जिससे ICC की चॉइस सीमित हो गई।
ICC का अब क्या प्लान है? नया ब्रॉडकास्टर ढूंढने की जद्दोजहद
ICC new broadcaster search December 2025 : जियोस्टार के नोटिस के बाद ICC ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने सोनी, नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो से संपर्क किया, लेकिन ये प्लेटफॉर्म हाई प्राइसिंग की वजह से पीछे हटे।
- सोनी: पहले से एशियन क्रिकेट काउंसिल ($170 मिलियन), न्यूजीलैंड क्रिकेट ($100 मिलियन) और इंग्लैंड बोर्ड ($200 मिलियन+) के राइट्स हैं। ICC डील से दूर रह रही।
- नेटफ्लिक्स: क्रिकेट से परहेज, WWE जैसे कंटेंट पर फोकस।
- अमेजन: लिमिटेड इन्वॉल्वमेंट, न्यूजीलैंड राइट्स अगले साल खत्म हो जाएंगे।
ग्लोबली, स्ट्रीमर्स NBA, NFL जैसे लीग्स के बढ़ते कॉस्ट से सिलेक्टिव हो गए हैं। IOC और FIFA को भी भारत में कम वैल्यूएशन मिल रही। ICC ने 2026-29 साइकिल के लिए नई बिडिंग शुरू कर दी, जिसमें $2.4 बिलियन (पिछली से कम) मांगे जा रहे हैं। लेकिन T20 वर्ल्ड कप जैसे इवेंट के लिए तत्काल पार्टनर जरूरी है। अगर न मिला, तो मैचों का प्रसारण प्रभावित हो सकता है – फैंस के लिए ब्लैकआउट का खतरा!

T20 वर्ल्ड कप 2026: भारत-श्रीलंका में धमाल, लेकिन प्रसारण का संकट
T20 World Cup 2026 black out India threat : ICC ने शेड्यूल जारी कर दिया है: 7 फरवरी से 8 मार्च तक, 29 दिनों में 55 मैच। 8 वेन्यू (भारत के 6 शहर: मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, धरमशाला; श्रीलंका के 2: कोलंबो, कैंडी) पर होगा। हाइलाइट: भारत vs पाकिस्तान का ग्रुप स्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो में। 16 टीमें, 4 ग्रुप – रोहित शर्मा की अगुवाई में भारत डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा। लेकिन अगर ब्रॉडकास्टिंग डील न सुलझी, तो यह इवेंट भारत में “अदृश्य” हो सकता है!
आगे क्या होगा? संभावित परिणाम और सलाह
- बेस्ट केस: कोई स्ट्रीमर (जैसे अमेजन) कम प्राइस पर राइट्स ले लेता है, मैच जियोसिनेमा/हॉटस्टार जैसी ऐप्स पर फ्री दिखते हैं।
- वर्स्ट केस: जियोस्टार को मजबूरन जारी रखना पड़े, लेकिन घाटे से क्वालिटी प्रभावित हो।
- लॉन्ग-टर्म: ICC को राइट्स वैल्यूएशन रिव्यू करना होगा, ताकि भविष्य में ड्यूओपॉली न बने।
क्रिकेट फैंस, चिंता मत कीजिए – ICC जय शाह (चेयरमैन) की अगुवाई में हल निकालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन यह घटना दिखाती है कि क्रिकेट का व्यावसायिक चेहरा कितना नाजुक है। क्या कोई बड़ा स्ट्रीमिंग जायंट कूदेगा? इंतजार कीजिए और अपडेट्स फॉलो करते रहिए। T20 वर्ल्ड कप का रोमांच भारत में बरकरार रहे, यही कामना है!
(नोट: यह जानकारी ईटी और अन्य रिपोर्ट्स पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल सकती है।)
