
Real Estate News : वर्षों से अधूरे पड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में निवेश कर चुके लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। अपने सपनों का घर पाने के लिए जिन परिवारों ने सालों पहले बुकिंग कराई थी, लेकिन बिल्डर की लापरवाही, फंड की कमी या कानूनी अड़चनों के कारण अब तक कब्जा नहीं मिल पाया, उनके लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार Swamih Fund-2 (स्वामीह फंड-2) की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटी है, जिसे जल्द ही लॉन्च किया जा सकता है।
इस पहल का मकसद देशभर में वर्षों से अटकी हुई stalled housing projects को पूरा करना है, ताकि रियल एस्टेट सेक्टर को नई रफ्तार मिले और उन मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिल सके, जो एक तरफ Home Loan की EMI भर रहे हैं और दूसरी ओर किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगी नई जान
Swamih Fund 2 latest news : विशेषज्ञों का मानना है कि स्वामीह फंड-2 के लागू होने से रियल एस्टेट सेक्टर में लंबे समय से चला आ रहा liquidity crunch काफी हद तक दूर हो सकता है। इससे न सिर्फ अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि बाजार में निवेशकों और घर खरीदारों का भरोसा भी मजबूत होगा। सरकार की यह पहल Affordable Housing और Middle Income Housing सेगमेंट के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
15,000 करोड़ रुपये का होगा नया फंड
Home buyers relief news : प्रस्तावित ₹15,000 करोड़ के इस फंड के जरिए लगभग 1 लाख घर खरीदारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने Budget 2025-26 में पहले ही स्वामीह फंड की विशेष विंडो के लिए ₹1,500 करोड़ की शुरुआती पूंजी आवंटित कर दी है। अब इसी आधार पर Swamih Fund-2 को अंतिम मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
यह फंड खासतौर पर उन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को last-mile funding उपलब्ध कराएगा, जो लगभग पूरे हो चुके हैं लेकिन पैसों की कमी के कारण अटके हुए हैं। इससे इन परियोजनाओं को पूरा कर जल्द से जल्द घर खरीदारों को कब्जा सौंपा जा सकेगा।

जयपुर में भी सैकड़ों करोड़ के प्रोजेक्ट्स अटके
Swamih investment fund 2 launch : रियल एस्टेट सेक्टर में कानूनी और नियामकीय अड़चनों ने कई शहरों में बड़े प्रोजेक्ट्स को संकट में डाल दिया है। Real Estate Expert रितेश अग्रवाल के अनुसार, सिर्फ जयपुर में ही 40 से अधिक हाउसिंग प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जो वर्षों से अटके हुए हैं। इनकी अनुमानित लागत करीब ₹1,000 करोड़ बताई जा रही है।
इन प्रोजेक्ट्स के अटकने की मुख्य वजहें land title disputes, जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद, उत्तराधिकार (succession) से जुड़े मामले और पार्टनरशिप में मतभेद हैं। इन समस्याओं के चलते न सिर्फ बिल्डर्स बल्कि हजारों घर खरीदार भी परेशान हैं।
देशभर में कितने प्रोजेक्ट्स अटके हैं?
housing projects : आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ एक या दो शहरों तक सीमित नहीं है। वर्ष 2024 के अंत तक देश के 44 बड़े शहरों में 2,000 से ज्यादा हाउसिंग प्रोजेक्ट्स अधूरे पड़े थे। इन परियोजनाओं में करीब 5.10 लाख घर खरीदारों का पैसा फंसा हुआ है।
SBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन संकटग्रस्त और रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए कुल मिलाकर ₹55,000 करोड़ से ₹75,000 करोड़ तक के फंड की जरूरत है। Swamih Fund-2 को इसी दिशा में एक बड़े और निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
घर खरीदारों को क्यों है बड़ी उम्मीद?
घर खरीदारों को उम्मीद है कि सरकार की इस पहल से उन्हें जल्द अपने घर की चाबी मिल सकेगी। Swamih Fund-1 के तहत पहले भी कई अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा किया गया था, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली थी। अब Swamih Fund-2 से यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि वर्षों से अधूरा सपना जल्द हकीकत में बदलेगा।
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती देगा, बल्कि लाखों परिवारों के लिए “घर का सपना” पूरा करने की दिशा में एक बड़ा सहारा साबित हो सकता है।
