
Harish Joshi Murder Case राजसमंद जिले में पैसों के लेनदेन से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में दो आरोपियों को Detain कर गहन पूछताछ की जा रही है। हत्या का शिकार हुए युवक की पहचान धोईंदा निवासी हरिश जोशी के रूप में हुई है, जिनकी गुमशुदगी को लेकर पिछले कई दिनों से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले हरिश जोशी की हत्या की, फिर शव को कार में रखकर करीब 26 किलोमीटर तक इधर-उधर घूमते रहे, ताकि किसी को शक न हो। बाद में शव को उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र के एक कुएं में फेंक दिया गया।
Rajsamand Murder Case : हरिश जोशी के अचानक लापता होने पर परिजनों ने कांकरोली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगने से परिजन और स्थानीय लोग बेहद परेशान हो गए। समय बीतने के साथ ही लोगों का गुस्सा बढ़ता गया। बीते सोमवार को बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि यदि इस अवधि में मामले का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
दबाव के बाद पुलिस हरकत में, SIT का गठन
Rajsamand Missing Person Case : जन आक्रोश और बढ़ते दबाव के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के निर्देश पर एक Special Investigation Team (SIT) का गठन किया गया। SIT ने गुमशुदगी से जुड़े हर पहलू पर दोबारा Investigation शुरू की। टीम ने कॉल डिटेल्स, CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को अहम सूचना मिली कि हरीश जोशी का शव घासा थाना क्षेत्र के एक कुएं में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कुएं से शव को बाहर निकलवाया गया। शव की हालत काफी खराब थी, जिससे स्पष्ट हो गया कि हत्या कई दिन पहले की गई थी। पुलिस ने शव को तुरंत Postmortem के लिए उदयपुर भेजा।
तकनीकी जांच से मिले सुराग, दो आरोपी Detain
Murder over Money Dispute : मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने Technical Evidence पर विशेष ध्यान दिया। मृतक का मोबाइल फोन बंद होने के कारण शुरुआत में जांच अटक गई थी, लेकिन अन्य डिजिटल इनपुट, लोकेशन डेटा और मुखबिरों की जानकारी से पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। इसी आधार पर पुलिस ने उदयपुर जिले के निवासी जसवंत सिंह और गजेन्द्र सिंह को Detain किया। कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

जान-पहचान और पैसों का लेनदेन बना हत्या की वजह
Rajsamand Police News : पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने कांकरोली थाने में प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मृतक हरिश जोशी और दोनों आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। प्रारंभिक जांच में हत्या की मुख्य वजह आपसी पैसों का लेनदेन सामने आई है। हालांकि पुलिस इस एंगल के अलावा अन्य संभावित कारणों की भी गहनता से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या के पीछे कोई और साजिश या तीसरा व्यक्ति तो शामिल नहीं था।
नाथद्वारा में हत्या, घासा क्षेत्र में ठिकाने लगाया शव
एसपी गुप्ता ने बताया कि हरिश जोशी 30 दिसंबर को लापता हुआ था। इसी दिन आरोपियों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या की वारदात नाथद्वारा क्षेत्र में कहीं अंजाम दी गई। हत्या के बाद आरोपी शव को कार में डालकर नाथद्वारा से होते हुए उदयपुर की ओर निकल गए। रास्ते में करीब 26 किलोमीटर तक शव के साथ घूमते रहे और अंत में घासा थाना क्षेत्र के एक कुएं में शव फेंककर फरार हो गए।पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा।



