
Punjab & Sind Bank Fraud : राजस्थान के श्रीगंगानगर से Banking Scam का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश के बैंकिंग सिस्टम को हिला दिया है। Punjab & Sind Bank Fraud के इस मामले में सीबीआई ने 1621 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। यह घोटाला कथित तौर पर बैंक अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और Cyber Crime Network की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। इसमें 17 फर्जी फर्मों के माध्यम से करीब 1621 करोड़ उठाए गए हैं, जिसमें दो बैंक प्रबंधकों के साथ साइबर ठग के बदमाश शामिल हैं। CBI Jodhpur ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में दो तत्कालीन बैंक मैनेजरों सहित 30 से अधिक लोगों और फर्जी फर्मों के खिलाफ दो अलग-अलग CBI FIR दर्ज की हैं। सीबीआई की इस कार्रवाई के साथ ही राजस्थान के बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप सा मच गया है।
साइबर ठगी की काली कमाई को सफेद करने का खेल
Banking Scam : सीबीआई की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने Money Laundering के लिए बड़े पैमाने पर Mule Accounts का इस्तेमाल किया। इन खातों के जरिए साइबर ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों से आए पैसे को बैंकिंग चैनलों में घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की गई।
Punjab & Sind Bank Fraud : सीबीआई ने इस मामले में 21 जुलाई 2025 को प्रारंभिक जांच (PE) शुरू की थी। जांच में पुख्ता सबूत मिलने के बाद 13 जनवरी को FIR दर्ज की गई।
फर्जी कंपनियां, जाली KYC और नकली विजिट रिपोर्ट
CBI FIR Banking Scam : यह पूरा Bank Fraud Case एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का नतीजा था।
सीबीआई FIR के मुताबिक, पंजाब एंड सिंध बैंक के दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजर—
- विकास वाधवा (सीनियर मैनेजर)
- अमन आनंद (चीफ मैनेजर)
ने निजी आरोपियों के साथ मिलकर यह घोटाला अंजाम दिया।
निजी व्यक्तियों ने—
- Fake KYC Documents
- फर्जी रेंट एग्रीमेंट
- जाली बिजनेस रिकॉर्ड
तैयार किए, जबकि बैंक अधिकारियों ने बिना मौके पर गए ही Fake Site Visit Report और बिजनेस वेरिफिकेशन अप्रूव कर दिए।
17 फर्जी फर्में, 17 म्यूल अकाउंट
Biggest Banking Scam Rajasthan : इस गिरोह ने कुल 17 ऐसी फर्जी फर्मों के नाम पर करंट अकाउंट खोले, जिनका वास्तविक रूप से कोई अस्तित्व ही नहीं था। इन खातों का उपयोग केवल बड़े पैमाने पर संदिग्ध ट्रांजैक्शन के लिए किया गया।
दो ब्रांच, हजारों करोड़ का लेनदेन
🔹 मुख्य शाखा (Main Branch)
- अवधि: 19 जून से 9 जुलाई 2024
- महज 20 दिन में 4 खाते
- कुल लेनदेन: लगभग 537 करोड़ रुपए
🔹 गर्ल्स स्कूल ब्रांच
- अवधि: अगस्त 2024 से मार्च 2025
- 13 खाते खोले गए
- कुल लेनदेन: करीब 1084 करोड़ रुपए
कुल मिलाकर इन 17 खातों से 1621 करोड़ रुपए इधर-उधर किए गए।

लेयरिंग के जरिए छिपाया गया पैसों का असली स्रोत
Punjab & Sind Bank Scam : खाते एक्टिव होते ही इनका इस्तेमाल Fund Layering के लिए किया गया, ताकि पैसे के असली स्रोत तक पहुंचना मुश्किल हो जाए। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा खेल बैंक अधिकारियों की सक्रिय भूमिका के बिना संभव नहीं था।
इन फर्जी फर्मों के नाम पर खोले गए खाते
Cyber Fraud Money Laundering : सीबीआई ने जिन Fake Companies को नामजद किया है, उनमें शामिल हैं—
ए वन हाइब्रिड सीड्स, यूनिक कॉस्मेटिक्स, स्टार लैब एंड डायग्नोस्टिक्स, लैगून टूर प्लानर, एच.एच. रॉक साल्ट सप्लायर, गंगा कैटल केयर, सिंपलेक्स टेक्सटाइल्स, यरिद टेक्सको, महादेव ट्रेडर्स, मोहितोही इंडस्ट्रीज, वैंडेले एक्सपोर्ट्स, भवजोग एंटरप्राइजेज, हीड कम्युनिकेशंस, ग्लोसग्लो, एलकेजी इन्फो सॉल्यूशंस, आर.पी. ट्रेडिंग कंपनी और बालाजी ट्रेडिंग कंपनी।
इन सभी के खातों में भारी मात्रा में संदिग्ध ट्रांजैक्शन दर्ज हुए।
CBI Action: छापेमारी और सख्त धाराएं
CBI Investigation Bank Fraud : FIR दर्ज होने के बाद CBI Raid की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
हनुमानगढ़ रोड स्थित निकुंज विहार में LKG Info Solutions के डायरेक्टर के ठिकानों पर छापेमारी की गई।
सीबीआई ने आरोपियों पर—
- आपराधिक साजिश
- धोखाधड़ी
- जालसाजी
- जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल
- और Prevention of Corruption Act
के तहत केस दर्ज किया है।
FAQs : राजस्थान बैंक महाघोटाला | Punjab & Sind Bank Scam
Q1. राजस्थान बैंकिंग सिस्टम में सामने आया यह महाघोटाला क्या है?
A. राजस्थान के श्रीगंगानगर में पंजाब एंड सिंध बैंक की दो शाखाओं में 1621 करोड़ रुपये का बैंकिंग फ्रॉड सामने आया है, जिसमें CBI ने बैंक मैनेजरों और निजी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
Q2. Punjab & Sind Bank Scam राजस्थान में कहां हुआ है?
A. यह बैंक घोटाला श्रीगंगानगर जिले की मुख्य शाखा और गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्रांच में हुआ है।
Q3. इस बैंक घोटाले की जांच कौन कर रहा है?
A. इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), जोधपुर कर रही है और दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।
Q4. Rajasthan Banking Scam में कितनी रकम का लेनदेन हुआ?
A. जांच में सामने आया है कि 17 फर्जी खातों के जरिए करीब 1621 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया।
Q5. इस घोटाले में बैंक अधिकारियों की क्या भूमिका रही?
A. दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजरों ने फर्जी साइट विजिट रिपोर्ट, जाली KYC और गलत बिजनेस वेरिफिकेशन के जरिए म्यूल अकाउंट्स खुलवाने में मदद की।

Q6. म्यूल अकाउंट (Mule Account) क्या होते हैं?
A. म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और अवैध धन को इधर-उधर घुमाने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है।
Q7. CBI FIR में कितने लोग और फर्में आरोपी हैं?
A. CBI ने 30 से अधिक लोगों और 17 फर्जी फर्मों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
Q8. इस बैंक घोटाले में किन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है?
A. आरोपियों पर IPC की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश की धाराओं के साथ Prevention of Corruption Act के तहत भी मामला दर्ज हुआ है।
Q9. Rajasthan Bank Scam का असर आम खाताधारकों पर पड़ेगा?
A. फिलहाल CBI जांच जारी है, लेकिन इस घोटाले ने राजस्थान के बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Q10. क्या यह राजस्थान का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड है?
A. शुरुआती जांच के मुताबिक, यह राजस्थान बैंकिंग हिस्ट्री का अब तक का सबसे बड़ा साइबर और बैंकिंग फ्रॉड माना जा रहा है।
