
Rajsamand MP vs SP : राजस्थान में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के बीच टकराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंत्रियों से लेकर सांसद और विधायक तक नौकरशाही पर मनमानी, संवादहीनता और जनता से जुड़े कार्यों की अनदेखी के आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में अब राजसमंद से भाजपा सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के खिलाफ मुख्यमंत्री को दो अलग-अलग तिथियों पर पत्र लिखकर निलंबन और विभागीय जांच की मांग की है।
सांसद ने पहला पत्र 24 दिसंबर 2025 को और दूसरा 7 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेजा। इन दोनों पत्रों में एसपी के कार्यों को लेकर कुल 13 गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। सांसद का कहना है कि एसपी की प्रशासनिक कार्यशैली से जिले की कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जनता में असंतोष बढ़ रहा है। Mahima Kumari mewar
सीएम को लिखी पहली चिट्ठी में दर्ज 10 प्रमुख शिकायतें

पहली शिकायत: नाथद्वारा गोलीकांड को दबाने का आरोप
SP Mamta Gupta complaint : 2 मार्च 2025 की शाम नाथद्वारा के गणेश टेकरी क्षेत्र में चार युवकों के बीच नशे के दौरान अक्षय कुमावत को पिस्टल से गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 3 मार्च को उसके भाई सागर कुमावत ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर शिवम उर्फ मिथलेश, अजय वैरागी उर्फ पक्या और वसीम उर्फ कालू को गिरफ्तार भी किया। सांसद का आरोप है कि इतना संवेदनशील मामला होने के बावजूद इसे प्रभावी तरीके से आगे नहीं बढ़ाया गया और आरोपियों को संरक्षण मिला।
दूसरी शिकायत: मारपीट के पीड़ित पर ही कार्रवाई
नगर परिषद द्वारा महाराणा राजसिंह मार्ग का नाम बदलने के विरोध में हुई घटना के दौरान स्याही फेंकने और अभद्रता के आरोप लगे। बाद में सफाईकर्मियों द्वारा भरत दवे के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आया। सांसद का कहना है कि पीड़ित की एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। आधी रात को उसके परिवारजनों को भी हिरासत में लिया गया। Rajsamand Police
तीसरी शिकायत: रेत माफियाओं को संरक्षण
कुंवारिया क्षेत्र के कुरज गांव में बनास नदी से अवैध बजरी खनन के विरोध में ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। आरोप है कि माफियाओं द्वारा युवकों के साथ मारपीट की गई, लेकिन कार्रवाई माफियाओं के बजाय आंदोलनकारियों पर हुई। आवाज उठाने वालों को धारा 151 में बंद किया गया।
चौथी शिकायत: हिरासत में व्यापारी की मौत
भीलवाड़ा के सर्राफा व्यापारी खूबचंद सोनी को पूछताछ के लिए कांकरोली थाने बुलाया गया, जहां उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन भी हुए। सांसद ने इसे हवालात में हुई संदिग्ध मौत बताया।
पांचवीं शिकायत: सांसद खेल महोत्सव में सुरक्षा की कमी
नवंबर 2025 में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया, जबकि इस संबंध में कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए थे।
छठी शिकायत: प्रशासनिक मनमानी
सांसद और विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान नहीं होना, आम जनता की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक विफलता बताया गया।
सातवीं शिकायत: हेड कॉन्स्टेबल का निलंबन और मौत
नाथद्वारा के हेड कॉन्स्टेबल पूरण सिंह को निलंबित किए जाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। सांसद ने इसे अवैध निलंबन से उत्पन्न सदमे का परिणाम बताया।
आठवीं शिकायत: महिला सुरक्षा में लापरवाही
एक युवती के अपहरण और दुष्कर्म मामले में पुलिस द्वारा एफआर लगाने और पीड़िता पर ही सवाल उठाने का आरोप लगाया गया।
नौवीं शिकायत: मजदूर संघ उपाध्यक्ष पर हमला
नरहरी देव सिंह राठौड़ पर हुए हमले में पुलिस की भूमिका पर जनता द्वारा संदेह जताए जाने का जिक्र किया गया। हजारों लोगों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा।
दसवीं शिकायत: गांवगुड़ा में हत्या की घटना
6 जनवरी 2026 को गांवगुड़ा में दिनदहाड़े तलवारों से किए गए हमले में एक व्यक्ति की मौत को कानून व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया गया। सांसद का कहना है कि ऐसी घटनाएं प्रशासन की कमजोरी को उजागर करती हैं।
7 जनवरी 2026 को सांसद ने सीएम को दोबारा लिखा पत्र
Mahima Kumari letter to CM : राजसमंद सांसद ने 7 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पुनः पत्र लिखकर पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के खिलाफ पहले भेजी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। पत्र में उल्लेख किया गया कि 24 दिसंबर 2025 को भी कानून व्यवस्था और प्रशासनिक मनमानी के संबंध में अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है, जो पार्टी हित में ठीक नहीं है।

इस दूसरे पत्र में सांसद ने तीन प्रमुख शिकायतों को बिंदुवार रखा।
पहली शिकायत: हरिश जोशी पुत्र भगवतीलाल जोशी निवासी धोइंदा की मृत्यु के मामले में उनके भाई सुरेश जोशी ने कांकरोली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस द्वारा रिपोर्ट पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
दूसरी शिकायत: 6 जनवरी 2026 को गांव गुड़ा क्षेत्र में आधा दर्जन लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। सांसद ने इसे क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न बताया।
तीसरी शिकायत: पिछले एक महीने में राजसमंद जिले के हालात अशांतिपूर्ण होने का उल्लेख करते हुए सांसद ने लिखा कि जनता कानून व्यवस्था से असंतुष्ट है और राज्य सरकार के खिलाफ ज्ञापन दे रही है। उन्होंने एसपी ममता गुप्ता, कांकरोली थाना अधिकारी सरोज बैरवा तथा संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच की मांग की।
सांसद के इस पत्र के जवाब में 19 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय से उत्तर प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया कि पत्र को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित कर दिया गया है।


एसपी ममता गुप्ता का जवाब
MP SP controversy Rajasthan : मामले में पक्ष जानने के लिए बातचीत करने पर पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की नाराजगी कोई असामान्य बात नहीं है। यह अक्सर होता रहता है। उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम नियमों के अनुसार अपना कार्य कर रहे हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र क्यों लिखा, इसका जवाब वही बेहतर दे सकती हैं। SP Mamta Gupta
अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के अन्य उदाहरण
Rajasthan political administrative conflict राजस्थान में अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और जयपुर सांसद मंजू कुमारी भी अधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से नाराजगी जता चुके हैं। हालांकि, सरकार ने इन मामलों में संबंधित अधिकारियों को पद से नहीं हटाया।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आईपीएस अधिकारी नारायण टोगस के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
दिसंबर में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई थी। प्रतापगढ़ कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच विवाद भी चर्चा में रहा, जिसमें सांसद ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की थी। नवंबर में गंगानगर में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर भाजपा विधायक जयदीप बिहानी ने जिला कलेक्टर और एडीएम पर नाराजगी जताई थी।
