
Most Expensive Saree : भारत में साड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, संस्कृति, परंपरा और पहचान का प्रतीक है। बनारसी, कांजीवरम, पाटोला, चंदेरी—आपने हजारों-लाखों की साड़ियां सुनी होंगी। लेकिन क्या आपने कभी 39 करोड़ रुपये की साड़ी (39 Crore Saree) के बारे में सोचा है? मुंबई के मशहूर फैशन डिजाइनर रोहित पिसाल (Rohit Pisal), जिन्हें लोग Goldman के नाम से जानते हैं, ने एक ऐसी Gold Saree with Diamonds तैयार की है, जिसने देश-विदेश में चर्चा छेड़ दी है। इसे कई लोग दुनिया की Most Expensive Saree भी बता रहे हैं।
Gold Saree : यह साड़ी सिर्फ महंगी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी भावनात्मक कहानी और ऐतिहासिक सम्मान भी जुड़ा है। इस साड़ी को रोहित पिसाल ने माता रमाबाई आंबेडकर (Ramabai Ambedkar) की जयंती (7 फरवरी) पर उन्हें समर्पित किया है।
gold man rohit pisal : रोहित पिसाल के अनुसार, यह साड़ी महज फैशन पीस नहीं है। यह एक श्रद्धांजलि है उस महिला को, जिन्होंने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संघर्षों में हर कदम पर साथ दिया। गरीबी में बच्चों को रोटी मिल सके, इसके लिए रमाबाई ने अपने गहने तक बेच दिए थे। उसी त्याग को सम्मान देने के लिए रोहित ने कहा—
“जिस माता ने अपने फटे आंचल से सबको संभाला, आज उनका आंचल सोने और हीरे से जड़ा होना चाहिए।”
Rohit Pisal Gold Saree : यह साड़ी भारतीय संस्कृति, तकनीक, कला, इतिहास और भावना का अनोखा संगम है। शायद यही कारण है कि यह खबर सिर्फ फैशन की दुनिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज, इतिहास और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है।
2 किलो सोना… लेकिन कैसे?
इस Gold Saree में करीब 2 किलो शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है। साड़ी के बीच में माता रमाबाई का चित्र बनाया गया है, जिसके आसपास सोने की परत चढ़ाई गई है। यह काम इतना आसान नहीं था। जिस फैब्रिक पर साड़ी बनी है, उस पर गोल्ड प्लेटिंग करना तकनीकी रूप से बेहद मुश्किल था।
रोहित बताते हैं कि:
- साड़ी को तैयार करने में लगभग 3 महीने लगे
- लेकिन सोने की परत चढ़ाने की प्रक्रिया मात्र 4 घंटे में पूरी की गई
- इसके लिए विशेष केमिकल और तकनीकों का इस्तेमाल किया गया
यानी यह साड़ी फैशन से ज्यादा एक तकनीकी कला (Textile Engineering + Gold Work) का उदाहरण भी है।
बिंदी में जड़े हैं 33 करोड़ के डायमंड
इस साड़ी की सबसे चौंकाने वाली बात है माता रमाबाई के चित्र की बिंदी।
- बिंदी को 100 ग्राम सोने के बिस्किट से तैयार किया गया
- उसके ऊपर करीब 33 करोड़ रुपये के Diamonds जड़े गए हैं
- ये सामान्य हीरे नहीं, बल्कि अलग-अलग वैरायटी के हैं—रुद्र, प्रजापति, 11 वासु, अश्विन, आदित्य आदि
यानी यह साड़ी एक तरह से Diamond Saree भी है, जो इसे और अनोखा बनाती है।

सोशल वर्क के लिए होगा Dubai Saree Auction
इस साड़ी की चर्चा का एक बड़ा कारण इसका उद्देश्य भी है। रोहित पिसाल के अनुसार, इस साड़ी का Auction Dubai में एक कंपनी द्वारा कराया जाएगा। इस ऑक्शन से जो भी पैसा आएगा, उसका उपयोग:
- अस्पताल खोलने में
- स्कूल बनाने में
- सामाजिक कार्यों में
- बाबा साहेब के नाम पर एक रेजिमेंट तैयार करने में किया जाएगा
यानी यह सिर्फ दुनिया की महंगी साड़ी नहीं, बल्कि एक Charity Purpose Saree Auction भी है।

भारत से लंदन तक की यात्रा
रोहित की योजना है कि इस साड़ी को पहले पूरे भारत में प्रदर्शित किया जाए, ताकि लोग इसे देख सकें। इसके बाद वे चाहते हैं कि इस ऐतिहासिक साड़ी को London Buckingham Palace Museum में स्थान मिले।
कल्पना कीजिए—एक भारतीय साड़ी, सोने और हीरों से जड़ी, लंदन के म्यूजियम में भारतीय संस्कृति का प्रतीक बनकर रखी हो!
फैशन या भावना?
अगर इस साड़ी को केवल कीमत के आधार पर देखा जाए तो यह चौंकाने वाली है। लेकिन अगर इसकी कहानी समझी जाए तो यह भावनाओं से जुड़ी एक कलाकृति है। यह साड़ी बताती है कि फैशन भी इतिहास, सम्मान और समाज सेवा का माध्यम बन सकता है। इस Rohit Pisal Gold Saree ने यह साबित कर दिया कि साड़ी केवल पहनने की चीज नहीं, बल्कि एक संदेश देने का जरिया भी बन सकती है।
क्या यह दुनिया की सबसे महंगी साड़ी है?
इंटरनेट पर लोग इसे World’s Most Expensive Saree, Gold and Diamond Saree, और 39 Crore Saree India जैसे कीवर्ड से सर्च कर रहे हैं। इसकी कीमत, डिज़ाइन, सोना-हीरा और इसके पीछे की कहानी—सब मिलकर इसे असाधारण बनाते हैं।
खास बातें एक नजर में
| खासियत | विवरण |
|---|---|
| कीमत | ₹39 करोड़ |
| सोना | 2 किलो |
| डायमंड | ₹33 करोड़ की बिंदी में |
| समय | 3 महीने |
| समर्पण | माता रमाबाई आंबेडकर |
| ऑक्शन | दुबई में, सोशल वर्क के लिए |
| डिजाइनर | रोहित पिसाल (Goldman) |
अब तक दुनिया में सबसे महंगी साड़ी — Vivaah Pattu Saree
यह साड़ी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज दुनिया की सबसे महंगी साड़ी के रूप में पहचानी जाती है। Guinness World Records
- नाम: Vivaah Pattu Saree — यानी एक खास प्रकार की विवाह पट्टू साड़ी।
- रिकॉर्ड: इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में “Most Expensive Sari” के रूप में दर्ज किया गया है।
- बेची गई कीमत: लगभग ₹39.31 लाख (लगभग $100,000) में 5 जनवरी 2008 को बेची गई थी।
- मतलब यह रिकॉर्ड कीमत करीब ₹40 लाख थी — जो उस समय की सबसे महंगी साड़ी थी।
👑 इस साड़ी की खासियतें
- तैयारी और घंटों की मेहनत:
इसे बनाने में करीब 4,760 घंटे लगे थे, और इसमें 36 बुनकरों ने मिलकर काम किया। - डिज़ाइन और कला:
साड़ी में 11 राजा रवि वर्मा की चित्रकलाएँ (paintings) बारीकी से बुनी हुई हैं।- सबसे प्रसिद्ध चित्र Galaxy of Musicians है, जिसमें कलाकारों को पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ दर्शाया गया है।
- बुनावट और सामग्री:
यह साड़ी प्योर सिल्क (pure silk) से बनी है और इसमें- सोना
- हीरे
- प्लैटिनम
- चाँदी
- रूबी
- पन्ना
- नीलम
- मोती
जैसे कीमती धातु और रत्नों का महीन काम शामिल है, जिससे यह बेहद अनमोल बन गई।
- वजन:
साड़ी का लगभग 8 किलो वजन होता है, लेकिन फिर भी इसे पहनना संभव है। - तैयारी तकनीक:
इसे डबल वार्प टेक्नोलॉजी और 64 रंगों + 10 यूनिक डिज़ाइनों के साथ हाथ से बुना गया था।
- पहले खरीदार:
यह साड़ी एक बंगलुरू के व्यवसायी ने अपने किसी खास मौके के लिए खरीदी थी। - नीता अंबानी की साड़ी: प्रसिद्ध इंडस्ट्रियलिस्ट नीता अंबानी ने भी एक लगभग ₹40 लाख की विवाह पट्टू साड़ी पहनी थी, जो दुनिया की महंगी साड़ियों में खूब चर्चा में रही थी, लेकिन वह Vivaah Pattu रिकॉर्ड वाली साड़ी की ही तरह थी और कीमत करीब ₹40 लाख ही बताई जाती है, न कि करोड़ों में।

🧠 तुलनात्मक स्थिति देखिए
| चीज़ | दुनिया की Vivaah Pattu Saree (रिकॉर्ड) | 39 करोड़ की साड़ी (Rohit Pisal) |
|---|---|---|
| कीमत | लगभग ₹39.3 लाख (world record) | ₹39 करोड़+ |
| रिकॉर्ड स्टेटस | Guinness World Records | अभी रिकॉर्ड के तौर पर नहीं |
| सामग्री | सिल्क + रत्न + सोना/चाँदी/प्लैटिनम | सोना + हीरे मुख्य रूप से |
| कला | राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स बुनी हुई | माता रमाबाई का चित्र सोने से बनाया हुआ |
| मेहनत | 4,760 घंटे + 36 बुनकर | 3 महीने में तैयार किया गया |
वर्तमान में Vivaah Pattu Saree ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डधारी सबसे महंगी साड़ी मानी जाती है, जिसकी रिकॉर्ड कीमत लगभग ₹39.31 लाख रही है — लेकिन 39 करोड़ की साड़ी किसी रिकॉर्ड बुकर में अभी तक दर्ज नहीं है, बल्कि वो अपने निवेश, कीमत और सामग्री के कारण चर्चा में है।
