
Rajasthan Budget 2026 : राजस्थान बजट 2026-27 में राज्य सरकार ने जनजाति परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बदलाव की घोषणा की है। वर्षों से घी और तेल जैसे राशन सामग्री के वितरण की परंपरागत व्यवस्था को अब प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) से जोड़ा गया है। इसके तहत सहरिया और कथौड़ी जनजाति के परिवारों को अब राशन सामग्री देने के बजाय परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में हर महीने ₹1200 सीधे जमा किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के करीब 38,000 जनजाति परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट भाषण के दौरान कहा कि घी और तेल वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। अब परिवार अपनी जरूरत और प्राथमिकता के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगे। इससे वितरण प्रणाली में होने वाली गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी और लाभार्थियों को सम्मानजनक विकल्प मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
Rajasthan 1200 Rupees Scheme Women : इस योजना का सबसे अहम पहलू यह है कि राशि महिला मुखिया के खाते में भेजी जाएगी। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवार के खर्चों पर उनका नियंत्रण मजबूत होगा। सरकार का मानना है कि इससे परिवारों में पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में खर्च बेहतर ढंग से हो सकेगा।
‘श्रम सेतु मोबाइल ऐप’ से बदलेगी श्रमिकों की तस्वीर
Sahariya Kathodi DBT Rajasthan : बजट में श्रमिक वर्ग के लिए भी एक बड़ी डिजिटल पहल की घोषणा की गई है। सरकार जल्द ही ‘Shram Setu Mobile App’ लॉन्च करेगी, जिसके जरिए श्रमिकों को Digital Labour Chowk की सुविधा मिलेगी। इस ऐप पर श्रमिक अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, पहचान पत्र बनवा सकेंगे और रोजगार की मांग व उपलब्धता की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। इतना ही नहीं, श्रमिकों को मिलने वाली विभिन्न Welfare Schemes का भुगतान भी इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे खातों में किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा।
पालनहार योजना के बच्चों के लिए शिक्षा और ट्रेनिंग
Rajasthan Shram Setu Mobile App : सरकार ने पालनहार योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चों के लिए भी नई सौगात दी है। अब इन बच्चों को स्कूली शिक्षा के बाद उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार Higher Education और Professional Training के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगे और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर पाएंगे।

वन संपदा आधारित रोजगार को बढ़ावा
Palanhar Yojana Higher Education Support : जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार सृजन के लिए सरकार ने बांसवाड़ा और उदयपुर जिला मुख्यालयों पर ‘Minor Forest Processing Center’ स्थापित करने की घोषणा की है। इन केंद्रों पर वन उपज की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और वन संपदा का सही मूल्य भी मिल सकेगा।
शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए सम्मान
बजट में शहीद सैनिकों के परिवारों को भी विशेष सम्मान दिया गया है। शहीद सैनिकों की बेटियों की छात्रवृत्ति को बढ़ाकर ₹2000 वार्षिक कर दिया गया है। इसके अलावा 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को ई-वाउचर के माध्यम से लैपटॉप खरीदने के लिए ₹20,000 तक की सहायता दी जाएगी।
कौशल विकास और सैनिक कॉम्प्लेक्स
जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही जोधपुर, टोंक और शेरगढ़ में पहले चरण में Integrated Sainik Complex बनाए जाएंगे, जिससे सैनिक परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं मिल सकें।
पारदर्शिता, डिजिटलाइजेशन और सशक्तिकरण पर फोकस
कुल मिलाकर यह बजट जनजाति परिवारों, श्रमिकों, बच्चों और सैनिक परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। राशन वितरण की पुरानी व्यवस्था को DBT से बदलना, डिजिटल लेबर प्लेटफॉर्म, शिक्षा-प्रशिक्षण के अवसर और वन आधारित रोजगार—ये सभी कदम राज्य में transparency, digital governance और inclusive development की दिशा में मजबूत संकेत हैं।
