
Electric Car buying guide : आज के समय में Electric Car (EV) खरीदना सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा और भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, बढ़ते प्रदूषण और सरकार की EV पॉलिसी को देखते हुए लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। Electric Vehicle न केवल लंबे समय में सस्ती साबित होती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है। साथ ही, EV की ड्राइविंग बेहद स्मूद, साइलेंट और झटके रहित होती है, जो एक प्रीमियम एक्सपीरियंस देती है।
हालांकि, इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले कुछ जरूरी पहलुओं को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। सही जानकारी और अपनी जरूरतों का सही आकलन किए बिना EV खरीदना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि Electric Car खरीदते समय किन 5 अहम बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. अपनी जरूरत और रेंज (Range) का सही आकलन करें
Things to check before buying EV : सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है अपनी डेली ड्राइविंग जरूरतों को समझना। आप रोजाना कितने किलोमीटर कार चलाते हैं? क्या आपका उपयोग मुख्य रूप से शहर के भीतर है या हाईवे पर लंबी दूरी तय करनी होती है? क्या कार फैमिली के साथ लंबी ट्रिप के लिए चाहिए या सिर्फ ऑफिस कम्यूट के लिए?
यदि आपका रोजाना सफर 40 से 80 किलोमीटर के बीच है और घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है, तो 300–400 किलोमीटर की ARAI-claimed range वाली EV आपके लिए पर्याप्त हो सकती है। लेकिन अगर आप अक्सर लंबी दूरी तय करते हैं या रोड ट्रिप पसंद करते हैं, तो 450 से 500 किलोमीटर या उससे अधिक रेंज वाली कार बेहतर विकल्प होगी। ध्यान रखें कि ARAI द्वारा बताई गई रेंज वास्तविक परिस्थितियों (Real World Driving Conditions) में 20–30% तक कम हो सकती है। एयर कंडीशनिंग, तेज स्पीड, ट्रैफिक और ड्राइविंग स्टाइल रेंज को प्रभावित करते हैं। इसलिए हमेशा थोड़ा अतिरिक्त मार्जिन लेकर ही फैसला करें।

2. बैटरी की वारंटी और State of Health जरूर जांचें
Best electric cars in India under 15 lakh : EV की सबसे अहम और महंगी कंपोनेंट उसकी बैटरी होती है। इसलिए बैटरी वारंटी (Battery Warranty) को नजरअंदाज करना बड़ी गलती हो सकती है। अधिकतर कंपनियां 8 साल या 1.6 लाख किलोमीटर तक की वारंटी देती हैं, जो काफी भरोसेमंद मानी जाती है।
Tata Motors, Mahindra, MG और Hyundai जैसी कंपनियां मजबूत बैटरी डिग्रेडेशन पॉलिसी भी देती हैं। अगर आप Used Electric Car खरीदने का सोच रहे हैं, तो बैटरी की State of Health (SOH) रिपोर्ट जरूर मांगें। इससे आपको पता चलेगा कि बैटरी की वर्तमान क्षमता कितनी बची है। संभव हो तो पहली EV नई (First-Hand) ही खरीदें, ताकि आपको वारंटी और सर्विस का पूरा लाभ मिल सके।
3. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Charging Infrastructure) की उपलब्धता देखें
EV battery warranty details India : Electric Car खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास चार्जिंग की सुविधा है या नहीं। क्या आप घर पर 7.2 kW AC charger इंस्टॉल कर सकते हैं? क्या आपकी सोसाइटी या ऑफिस में चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध है?
इसके अलावा, यह भी जांचें कि आपके नियमित रूट और हाईवे पर कितने Fast DC Chargers मौजूद हैं। Tata Power, Statiq, ChargeZone जैसे नेटवर्क कई शहरों में तेजी से विस्तार कर रहे हैं। दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ी है, लेकिन छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में अभी भी सीमित विकल्प हैं। अगर आप लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, तो पहले से Charging Stops की प्लानिंग करना बेहद जरूरी है। कई मोबाइल ऐप्स जैसे PlugShare और Tata Power EZ Charge इस काम में मदद कर सकते हैं।
4. बजट प्लानिंग और सब्सिडी का लाभ समझें
Electric car range comparison India : Electric Car खरीदते समय केवल एक्स-शोरूम प्राइस पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। आपको रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, Extended Warranty, और होम चार्जर इंस्टॉलेशन (लगभग ₹30,000 से ₹50,000) की लागत भी जोड़नी होगी।
हालांकि, कई राज्य सरकारें EV पर सब्सिडी (Subsidy) और टैक्स छूट देती हैं। FAME-II Policy के तहत भी प्रोत्साहन राशि मिलती है। कुछ राज्यों में 1 से 2 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध है, जिससे कुल कीमत में काफी कमी आ जाती है। रनिंग कॉस्ट की बात करें तो EV मात्र 1 से 1.5 रुपये प्रति किलोमीटर (घरेलू बिजली दर पर) खर्च करती है, जबकि पेट्रोल कार में यही खर्च 8 से 12 रुपये प्रति किलोमीटर तक होता है। हालांकि, EV की शुरुआती कीमत (Initial Cost) ICE (Internal Combustion Engine) कारों से थोड़ी अधिक होती है, लेकिन लंबी अवधि में यह किफायती साबित होती है।
5. फीचर्स, सेफ्टी और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को नजरअंदाज न करें
EV charging infrastructure in India : आज की आधुनिक Electric Cars कई एडवांस फीचर्स के साथ आती हैं। ADAS (Advanced Driver Assistance Systems), क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, ऑटो इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ाते हैं। फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी बेहद जरूरी है। ऐसी EV चुनें जो 30–40 मिनट में 80% तक चार्ज हो सके। इसके अलावा, बूट स्पेस, केबिन स्पेस और 5-स्टार Global NCAP Safety Rating पर भी ध्यान दें। खरीदारी से पहले टेस्ट ड्राइव जरूर लें। EV का क्विक एक्सीलरेशन, साइलेंट ऑपरेशन और इंस्टेंट टॉर्क एक अलग ही अनुभव देता है, जो पारंपरिक कारों से बिल्कुल अलग होता है।
