
PPF minimum deposit rule 2026 : अगर आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश कर रखा है, तो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले एक जरूरी काम जरूर कर लें। यदि पूरे साल में आपने इन खातों में कोई पैसा जमा नहीं किया है, तो 31 मार्च 2026 से पहले न्यूनतम राशि जमा करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर आपका अकाउंट इनएक्टिव यानी निष्क्रिय हो सकता है।
सरकारी बचत योजनाओं में यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि खाताधारक का खाता सक्रिय बना रहे। यदि निर्धारित समय तक न्यूनतम राशि जमा नहीं की जाती, तो खाते को दोबारा चालू करवाने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर है कि समय रहते खाते में कम से कम जरूरी रकम जरूर जमा कर दें।
सरकार की ये दोनों योजनाएं—PPF और सुकन्या समृद्धि योजना—लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के लिए काफी लोकप्रिय हैं। इनमें निवेश करने पर अच्छा ब्याज मिलने के साथ-साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में कितना जमा करना जरूरी?
Sukanya Samriddhi minimum deposit rule : अगर आपके पास PPF अकाउंट है तो नियम के अनुसार हर वित्त वर्ष में इसमें कम से कम 500 रुपये जमा करना अनिवार्य होता है। यदि आप पूरे साल में यह न्यूनतम राशि भी जमा नहीं करते हैं तो आपका खाता निष्क्रिय हो सकता है। वर्तमान में PPF खाते पर लगभग 7.1% वार्षिक ब्याज मिल रहा है, जो इसे सुरक्षित निवेश विकल्प बनाता है। इसलिए यदि आपने इस वित्त वर्ष में पैसा जमा नहीं किया है, तो 31 मार्च 2026 से पहले कम से कम 500 रुपये जमा कर दें। यदि समय सीमा तक यह राशि जमा नहीं की जाती है और खाता बंद हो जाता है, तो उसे दोबारा सक्रिय कराने के लिए हर साल के हिसाब से 50 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में कितना निवेश जरूरी?
PPF account inactive rules : सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई सरकारी योजना है। इस योजना में निवेश करने वाले खाताधारकों को भी हर वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी होता है। अगर किसी साल यह न्यूनतम राशि जमा नहीं की जाती है तो खाता निष्क्रिय हो सकता है। ऐसे में खाते को फिर से चालू करवाने के लिए 50 रुपये का पेनल्टी शुल्क देना पड़ता है। फिलहाल इस योजना पर सरकार करीब 8.2% का आकर्षक ब्याज दे रही है, जो कई अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक है। इसलिए इस योजना को लंबे समय के लिए बेहतरीन निवेश विकल्प माना जाता है।

PPF और SSY में निवेश के फायदे
SSY account minimum balance rule : इन दोनों योजनाओं में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये सरकार समर्थित सुरक्षित योजनाएं हैं। इनमें निवेश करने पर न सिर्फ पैसा सुरक्षित रहता है बल्कि बेहतर ब्याज भी मिलता है। इसके अलावा इन योजनाओं में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। इस नियम के तहत आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं। सरल शब्दों में कहें तो यदि आपने इन योजनाओं में निवेश किया है, तो आप अपनी कुल कर योग्य आय में से 1.5 लाख रुपये तक की राशि कम कर सकते हैं। इससे टैक्स की देनदारी भी कम हो जाती है।
क्यों जरूरी है समय पर पैसा जमा करना?
Sukanya Samriddhi scheme rules 2026 : वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग इन योजनाओं में खाता खोल लेते हैं लेकिन साल में पैसा जमा करना भूल जाते हैं। इसके कारण उनका खाता निष्क्रिय हो जाता है और बाद में उसे दोबारा चालू करवाने में परेशानी होती है। इसलिए अगर आपके पास PPF या सुकन्या समृद्धि योजना का खाता है, तो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले न्यूनतम राशि जरूर जमा कर दें। इससे आपका खाता सक्रिय बना रहेगा और आपको भविष्य में मिलने वाले सभी लाभ मिलते रहेंगे।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
Q1. PPF अकाउंट में हर साल कितना मिनिमम पैसा जमा करना जरूरी है?
उत्तर: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाते में हर वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये जमा करना अनिवार्य होता है। ऐसा नहीं करने पर खाता निष्क्रिय हो सकता है।
Q2. सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना कितना निवेश जरूरी है?
उत्तर: सुकन्या समृद्धि योजना में हर साल कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी है, तभी खाता एक्टिव रहता है।
Q3. PPF अकाउंट इनएक्टिव हो जाए तो क्या करना होगा?
उत्तर: यदि PPF खाता निष्क्रिय हो जाता है तो उसे दोबारा एक्टिव कराने के लिए हर साल के हिसाब से 50 रुपये पेनल्टी और न्यूनतम जमा राशि जमा करनी पड़ती है।
Q4. PPF और सुकन्या योजना में निवेश पर कितना ब्याज मिलता है?
उत्तर: वर्तमान में PPF पर लगभग 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर करीब 8.2% वार्षिक ब्याज मिल रहा है।
Q5. PPF और SSY में निवेश करने पर टैक्स छूट मिलती है क्या?
उत्तर: हां, इन दोनों योजनाओं में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।



