
राजसमंद। mata pannadhay jayanti : आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट और राजस्थान गुर्जर महासभा के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरणादायी एवं गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रधर्मी आदर्श मातृशक्ति माता पन्नाधाय जयंती, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तथा पर्यावरण चेतना एवं वृक्षारोपण संकल्प दिवस को एक साथ जोड़ते हुए समाज को शिक्षा, नारी सम्मान, राष्ट्रनिष्ठा और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
rajsamand gujjar mahasabha event : कार्यक्रम में ट्रस्ट के महासचिव सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि यह आयोजन किसी त्रिवेणी संगम से कम नहीं है, क्योंकि इसमें तीन महत्वपूर्ण अवसर एक साथ जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पन्नाधाय का त्याग राष्ट्रनिष्ठा की अमर प्रेरणा देता है, महिला दिवस नारी सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश देता है, जबकि पर्यावरण चेतना दिवस प्रकृति संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष नानजी भाई गुर्जर ने कहा कि मेवाड़ राज्य के उत्तराधिकारी की रक्षा के लिए अपने पुत्र चंदन का बलिदान देने वाली माता पन्नाधाय का त्याग अद्वितीय और अतुलनीय है। उन्होंने मांग उठाई कि पन्नाधाय को “राष्ट्रधर्मी माता” का दर्जा दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे बांण्ड्यावास स्थित पन्नाधाय सर्किल पर माता पन्नाधाय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष नानजी भाई गुर्जर, राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेश मंत्री लक्ष्मण गुर्जर, अजमेर जिला अध्यक्ष लेखराज चौहान, रामसिंह कसाना, ममता भाटी, ममता अहिर, ब्रह्मपाल नागर, दिनेश सनाढ्य, पूजा गुर्जर सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में राजस्थान गुर्जर महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मोहनलाल वर्मा ने माता पन्नाधाय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। समारोह में राजस्थान गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश भाटी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कालूलाल गुर्जर ने की। इस अवसर पर राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष पुरुषोत्तम फागणा, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल वर्मा, समाजसेवी देवकीनंदन ‘काका’, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, मालासेरी डूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज गुर्जर, समाजसेवी ममता अहीर सहित महासभा के सभी जिलाध्यक्ष, समाजजन और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में माता पन्नाधाय, महाराणा प्रताप, भारत माता और सरस्वती के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन मालासेरी के महंत हेमराज पोसवाल तथा अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।


पन्नाधाय के बलिदान को पाठ्यक्रम में शामिल करने की उठी मांग

ashapura manav kalyan trust : अपने संबोधन में कालूलाल गुर्जर ने माता पन्नाधाय के अद्वितीय त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को स्मरण करते हुए समाज को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता के महत्व पर भी विचार रखे। साथ ही केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार से मांग की कि माता पन्नाधाय के जीवन, त्याग और बलिदान को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।
पन्नाधाय राष्ट्रनिष्ठा सम्मान

women day event rajsamand : इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा तीन विशिष्ट सम्मानों से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। “पन्नाधाय राष्ट्रनिष्ठा सम्मान” माता पन्नाधाय की 18वीं पीढ़ी के सदस्य हेमंत गुर्जर को प्रदान किया गया। वहीं “नारी शक्ति गौरव सम्मान” के तहत डॉ. रिद्धि पगारिया, ममता रेबारी, अनिता पटेल, प्रेम देवी धाबाई, मालती बेन, सरिता कुँवर, शकुंतला पामेचा, रेशमा चपराणा, कल्पना यादव, ज्योति चौधरी, ममता अहिर और पूजा गुर्जर को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही “हरित संकल्प सम्मान” कृष्ण गोपाल गुर्जर, पन्नालाल कुमावत, ऋषभ गुर्जर और अमित वर्मा को पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए दिया गया। कार्यक्रम के दौरान जयपुर से प्रकाशित देव चेतना मासिक पत्रिका के “राष्ट्रधर्मी माता पन्नाधाय की 536वीं जयंती विशेषांक” का अतिथियों द्वारा विमोचन भी किया गया।
भारतीय जनता पार्टी की नेता संगीता चौहान ने महिलाओं को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान ब्रह्मपाल नागर ने पन्नाधाय आरती, पन्नाधाय चालीसा और वीर रस के गीतों की प्रस्तुति देकर सभागार को उत्साह, श्रद्धा और देशभक्ति के वातावरण से भर दिया।
काव्य संध्या का आयोजन

cultural kavi sammelan rajsamand : इसी क्रम में पन्नाधाय जयंती और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी सभागार में सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं संस्थापक नानजी भाई गुर्जर ने की। मुख्य अतिथियों में दिनेश चंद्र सनाढ्य, वीणा वैष्णव, नारायण सिंह राव और कमल अग्रवाल शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई और कवयित्री नीतू बापना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद नानजी भाई गुर्जर और वीणा वैष्णव ने सभी साहित्यनुरागियों और कविगण का स्वागत-सत्कार किया। उन्हें स्मृति चिह्न, माता पन्नाधाय के त्याग को दर्शाती तस्वीर, कैलेंडर, पुस्तकें और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले पौधे भेंट किए गए। महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस काव्य संध्या में राजसमंद, गुजरात, दिल्ली, मेरठ और जयपुर सहित विभिन्न स्थानों से आए साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी शक्ति, नारी सम्मान, अधिकार और समानता का प्रभावशाली संदेश दिया।
साकेत साहित्य संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रस्तुत रचनाओं ने समाज को नारी की वर्तमान स्थिति, सम्मान और अधिकारों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम राणा ने किया, जबकि अंत में दिनेश चंद्र सनाढ्य ने सभी साहित्यप्रेमियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समापन पर वीणा वैष्णव और नानजी भाई गुर्जर ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। पूरा आयोजन माता पन्नाधाय के अद्वितीय त्याग, नारी शक्ति के सम्मान और समाज में शिक्षा, संस्कार तथा जागरूकता के संदेश को समर्पित रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, साहित्यकार, महिलाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



