
राजसमंद। International Women’s Day event : जिले के भीम क्षेत्र स्थित भीलों का नाका में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष की थीम पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नाबार्ड के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं, खासकर महिला किसानों को सशक्त बनाना, वित्तीय साक्षरता बढ़ाना और स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सरकारी योजनाओं व आजीविका के बेहतर अवसरों से जोड़ना रहा।
Women Farmer Year celebration : कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, वित्तीय जागरूकता और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन का केंद्र बिंदु यह रहा कि ग्रामीण महिलाओं को केवल जागरूक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया जाए ताकि वे परिवार और समाज में अपनी भूमिका और प्रभावी ढंग से निभा सकें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में नाबार्ड, राजसमंद के डीडीएम आशीष जैन उपस्थित रहे। उनके साथ वित्तीय साक्षरता काउंसलर सुरेश उपाध्याय, अर्पण सेवा संस्थान के डायरेक्टर (प्रोग्राम्स) डॉ. चन्द्रशेखर मीणा, डिजिटल फाइनेंस विशेषज्ञ जमुना चौहान, अर्पण मगरा फार्मर एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, भीम की डायरेक्टर शशि कंवर तथा मगरा महिला समिति की अध्यक्ष सुकन्या देवी सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
नाबार्ड योजनाओं और आजीविका के अवसरों की दी जानकारी

Bhim Rajsamand news : मुख्य अतिथि आशीष जैन ने अपने संबोधन में नाबार्ड द्वारा महिलाओं और महिला किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाबार्ड, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय सहयोग, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
बकरी पालन को बताया लाभकारी आजीविका का माध्यम
rural women empowerment : आशीष जैन ने विशेष रूप से बकरी पालन (Goat Farming) को ग्रामीण महिलाओं के लिए लाभकारी और टिकाऊ आजीविका गतिविधि बताया। उन्होंने कहा कि कम लागत, कम जोखिम और स्थानीय संसाधनों की सहज उपलब्धता के कारण बकरी पालन छोटे किसानों और महिलाओं के लिए आय बढ़ाने का एक प्रभावी विकल्प बन सकता है।
बैंकिंग, बचत और ऋण योजनाओं पर दी गई उपयोगी जानकारी

वित्तीय साक्षरता काउंसलर सुरेश उपाध्याय ने महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, नियमित बचत की आदत और स्वयं सहायता समूहों के लिए उपलब्ध नई ऋण योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से बकरी पालन, पशुपालन और अन्य लघु उद्यमों के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर सकती हैं।
महिलाएं समाज की रीढ़, उनके बिना विकास अधूरा : डॉ. मीणा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. चन्द्रशेखर मीणा ने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ हैं और उनके बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समय महिलाओं के नेतृत्व और आगे बढ़ने का है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई पहल को आगे बढ़ाते हुए हर महिला को स्वरोजगार से जोड़ना जरूरी है, ताकि वह अपने परिवार और समाज की मजबूत आधारशिला बन सके।

अधिकारों के प्रति जागरूकता और सम्मान का संदेश

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और शैक्षिक क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना भी रहा। वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज की प्रगति की अनिवार्य शर्त है।
डिजिटल फाइनेंस से जोड़ने पर भी दिया गया जोर
डिजिटल फाइनेंस विशेषज्ञ जमुना चौहान ने महिलाओं को डिजिटल भुगतान, मोबाइल बैंकिंग और सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल साधनों की समझ महिलाओं को अपने व्यवसाय, समूह गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन को अधिक प्रभावी व सुरक्षित ढंग से संचालित करने में मदद कर सकती है।
महिलाओं ने साझा कीं सफलता की प्रेरक कहानियां
इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां भी साझा कीं। कई महिलाओं ने बताया कि बकरी पालन, दुग्ध उत्पादन और छोटे उद्यमों के जरिए उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है और वे अब अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
महिला किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं, खासकर महिला किसानों की भूमिका ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधन और बाज़ार से जोड़ा जाए, तो वे कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में बड़ी भागीदारी निभाते हुए ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकती हैं। अर्पण सेवा संस्थान के बंशीधर शर्मा ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मीना सेन, शुभांशु जैन, उदय सिंह, भेरू सिंह, दोलत सिंह सहित कुल 9 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



