
Petrol Diesel Price Today : भारत में हर सुबह 6 बजते ही करोड़ों लोग अपने दिन की शुरुआत एक बेहद अहम अपडेट के साथ करते हैं—और वह है पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम। ऑफिस जाने वालों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आम वाहन चालकों तक, हर किसी की नजर ईंधन की कीमतों पर टिकी रहती है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को भी सरकारी तेल कंपनियों ने देशभर के लिए पेट्रोल-डीजल की नई दरें जारी कर दी हैं। राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद फिलहाल देश के अधिकांश शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता ज्यादा लंबे समय तक कायम रहना मुश्किल हो सकता है। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और सरकार पर बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल जनता को राहत जरूर मिली हुई है, लेकिन तेल कंपनियों के घाटे ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
देश के बड़े शहरों में आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के रेट?
Fuel Price Hike News : देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है, जबकि डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुका है। वहीं आईटी हब बेंगलुरु में पेट्रोल 102.96 रुपये और डीजल 90.99 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगे शहरों में शामिल है, जहां इसकी कीमत 107.50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। यहां डीजल भी 95.70 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। गुजरात के अहमदाबाद में पेट्रोल 94.29 रुपये और डीजल 89.95 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के दाम
| शहर | पेट्रोल (रु./लीटर) | डीजल (रु./लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| बेंगलुरु | 102.96 | 90.99 |
| हैदराबाद | 107.50 | 95.70 |
| चेन्नई | 100.84 | 92.39 |
| अहमदाबाद | 94.29 | 89.95 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
तेल कंपनियों द्वारा जारी किए गए ये रेट सुबह 6 बजे से लागू हो चुके हैं और पूरे दिन इन्हीं कीमतों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री की जाएगी।
आखिर हर शहर में अलग क्यों होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद या अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग क्यों होती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला VAT (Value Added Tax) और स्थानीय टैक्स हैं। हर राज्य अपनी टैक्स नीति के अनुसार ईंधन पर अलग-अलग टैक्स वसूलता है।
इसके अलावा माल ढुलाई यानी Transportation Cost भी कीमतों को प्रभावित करती है। जिन राज्यों या शहरों तक ईंधन पहुंचाने में ज्यादा खर्च आता है, वहां पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है। यही वजह है कि दिल्ली के मुकाबले हैदराबाद में पेट्रोल लगभग 13 रुपये प्रति लीटर ज्यादा महंगा बिक रहा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में केवल कच्चे तेल की लागत ही शामिल नहीं होती, बल्कि इसमें कई स्तरों पर टैक्स और अन्य खर्च जुड़ते हैं। मोटे तौर पर देखा जाए तो रिटेल कीमत का लगभग 35 से 45 प्रतिशत हिस्सा Crude Oil की खरीद, Refining और Transportation पर खर्च होता है।
इसके बाद केंद्र सरकार की Excise Duty करीब 20 से 25 प्रतिशत तक जुड़ती है। वहीं राज्यों का VAT और अन्य स्थानीय टैक्स लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक हो सकता है। इसके अतिरिक्त डीलर कमीशन और Oil Marketing Companies (OMCs) का मार्जिन भी शामिल किया जाता है। कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत का लगभग आधा हिस्सा टैक्स के रूप में वसूला जाता है।
2022 से क्यों स्थिर हैं ईंधन के दाम?
Crude Oil Price Impact : देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बड़ा बदलाव अप्रैल 2022 में देखा गया था। उसके बाद से सरकार ने महंगाई को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से ईंधन कीमतों को लगभग स्थिर बनाए रखा है। चाहे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़े हों या घटे हों, आम उपभोक्ताओं तक उसका सीधा असर नहीं पहुंचने दिया गया।
सरकार का मानना था कि अगर ईंधन महंगा होता है तो उसका असर सीधे ट्रांसपोर्ट, खाद्य सामग्री, निर्माण कार्य और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। यही कारण है कि आम जनता को राहत देने के लिए कीमतों को लंबे समय तक ‘फ्रीज’ रखा गया।
हालांकि इस फैसले का असर सरकारी तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अप्रैल 2026 तक पेट्रोल पर लगभग 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 35 रुपये प्रति लीटर की Under-Recovery यानी नुकसान दर्ज किया गया है। इसका मतलब यह है कि कंपनियां जितनी लागत में ईंधन खरीद और बेच रही हैं, उतनी वसूली नहीं हो पा रही।
एक्साइज ड्यूटी में बदलाव, लेकिन जनता को राहत बरकरार
Petrol Diesel Latest Update : हाल ही में 1 मई 2026 को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली Central Excise Duty में बदलाव किया था। नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पर 23 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी तय की गई है। हालांकि इस बदलाव के बावजूद Indian Oil Corporation (IOC) और अन्य तेल कंपनियों ने साफ किया है कि फिलहाल ग्राहकों के लिए रिटेल कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य आम जनता को वैश्विक बाजार में हो रही तेजी से बचाना है। IOC ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू LPG सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फिलहाल कोई तत्काल बढ़ोतरी लागू नहीं की गई है। इससे लोगों को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ मान रहे हैं कि लंबे समय तक यह स्थिति बनाए रखना आसान नहीं होगा।

क्या जल्द बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
Fuel Price Breaking News : सरकारी सूत्रों से मिल रहे संकेतों के अनुसार आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो करीब चार साल बाद आम जनता को ईंधन की कीमतों में बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि तेल कंपनियों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को कैसे कम किया जाए, ताकि उनका घाटा नियंत्रित किया जा सके। हालांकि सरकार यह भी कोशिश कर रही है कि कीमतों में संभावित वृद्धि का असर सीधे आम आदमी की जेब पर ज्यादा न पड़े। बताया जा रहा है कि अगले 5 से 7 दिनों के भीतर इस संबंध में कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर भी तय करते हैं आपके पेट्रोल के दाम
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। इसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। ऐसे में अगर डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर पड़ता है, तो भारत के लिए तेल आयात महंगा हो जाता है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व में तनाव और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता जैसे Geo-Political Factors भी Crude Oil की कीमतों को प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जैसे ही तेल महंगा होता है, उसका दबाव भारतीय बाजार पर भी दिखाई देने लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर जरूर हैं, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए आने वाले समय में ईंधन महंगा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक सभी की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।



