
Mothers Day 2026 Special : दुनिया में मां का रिश्ता सबसे अनमोल और निस्वार्थ माना जाता है। मां अपने बच्चों के लिए हर मुश्किल सह लेती है, बिना किसी उम्मीद के जीवनभर उनका साथ निभाती है। शायद यही वजह है कि पूरी दुनिया में मां के सम्मान और उनके त्याग को सलाम करने के लिए हर साल मई के दूसरे रविवार को Mother’s Day यानी मदर्स डे मनाया जाता है।
हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि आज पूरी दुनिया में मनाया जाने वाला यह खास दिन आखिर शुरू कैसे हुआ था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जिस महिला ने मदर्स डे की शुरुआत की थी, वही बाद में इसके सबसे बड़े विरोधियों में शामिल हो गई थीं। मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका की रहने वाली एक बेटी एना जार्विस (Anna Jarvis) ने अपनी मां की याद में की थी। लेकिन समय के साथ जब यह दिन बिजनेस और मार्केटिंग का हिस्सा बनने लगा, तो एना जार्विस को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने इस दिन के व्यावसायिक इस्तेमाल का खुलकर विरोध किया और इसे अपनी मूल भावना में वापस लाने के लिए लंबी लड़ाई भी लड़ी।
मां के सम्मान से शुरू हुई थी मदर्स डे की कहानी
Mothers Day 2026 history : मदर्स डे की शुरुआत करीब 114 साल पहले अमेरिका से हुई थी। अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया में रहने वाली एना जार्विस अपनी मां ऐन रीव्स जार्विस (Ann Reeves Jarvis) से बेहद प्यार करती थीं। उनकी मां समाज सेवा से जुड़ी हुई थीं और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लगातार काम करती थीं। उस दौर में अमेरिका के कई इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं काफी कमजोर थीं। गंदगी और बीमारियों की वजह से बच्चों की मौतें आम बात थीं। ऐसे समय में एना की मां ने महिलाओं को जागरूक करने के लिए “Mother’s Day Work Clubs” शुरू किए। इन क्लबों में महिलाओं को साफ-सफाई, बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी बातें सिखाई जाती थीं। एना अपनी मां के सामाजिक कार्यों से बहुत प्रभावित थीं। वह हमेशा चाहती थीं कि उनकी मां को समाज में विशेष सम्मान मिले।
मां की आखिरी इच्छा ने बदल दी दुनिया
Anna Jarvis Mothers Day story : बताया जाता है कि एना जार्विस की मां चाहती थीं कि दुनिया में एक ऐसा दिन जरूर होना चाहिए जो सिर्फ मां के सम्मान के लिए समर्पित हो। उनका मानना था कि मां के त्याग और प्यार को सम्मान देने के लिए एक विशेष दिन होना चाहिए। साल 1905 में जब उनकी मां का निधन हो गया, तो एना पूरी तरह टूट गईं। मां की मौत के बाद उन्होंने तय किया कि वह उनकी इच्छा को जरूर पूरा करेंगी। यहीं से मदर्स डे की शुरुआत की नींव पड़ी।
1908 में पहली बार मनाया गया था मदर्स डे
Why Mothers Day is celebrated : एना जार्विस ने पहली बार 10 मई 1908 को मदर्स डे मनाया था। उन्होंने अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया स्थित ग्राफ्टन शहर के एक चर्च में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनी मां की पसंद के सफेद कार्नेशन (White Carnation) फूल लोगों को बांटे। एना के अनुसार सफेद कार्नेशन मां के पवित्र, सच्चे और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक था। यह कार्यक्रम धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगा। इसके बाद अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में भी मदर्स डे मनाया जाने लगा।
नेताओं और अखबारों को लिखीं चिट्ठियां
मदर्स डे को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए एना जार्विस ने काफी मेहनत की। उन्होंने नेताओं, अखबारों और सामाजिक संगठनों को लगातार पत्र लिखे। उनका उद्देश्य था कि सरकार आधिकारिक रूप से एक दिन मां के सम्मान के लिए घोषित करे। उनकी मेहनत रंग लाई और आखिरकार साल 1914 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन (Woodrow Wilson) ने मई के दूसरे रविवार को आधिकारिक रूप से Mother’s Day घोषित कर दिया। इसके बाद यह दिन धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में मनाया जाने लगा।
फिर क्यों करने लगीं एना जार्विस विरोध?
Mothers Day interesting facts : यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जिस महिला ने मदर्स डे की शुरुआत की थी, वही बाद में इसके खिलाफ खड़ी हो गईं। दरअसल, जैसे-जैसे मदर्स डे लोकप्रिय होता गया, कंपनियों ने इसे बिजनेस का जरिया बना लिया। ग्रीटिंग कार्ड, गिफ्ट, फूल, चॉकलेट और अन्य सामान बेचने वाली कंपनियां इस दिन से भारी कमाई करने लगीं। बाजार में महंगे गिफ्ट और दिखावे का चलन बढ़ने लगा। एना जार्विस को यह सब बिल्कुल पसंद नहीं था। उनका मानना था कि मदर्स डे का असली उद्देश्य मां के प्रति प्यार और सम्मान जताना है, न कि इसे Commercial Event बनाना।
“मां के प्यार की कीमत नहीं लगाई जा सकती”
एना जार्विस अक्सर कहा करती थीं कि मां के प्यार को किसी महंगे गिफ्ट या कार्ड से नहीं तौला जा सकता। वह चाहती थीं कि लोग इस दिन अपनी मां के साथ समय बिताएं, उन्हें धन्यवाद कहें और सच्चे दिल से उनका सम्मान करें। जब कंपनियों ने मदर्स डे को बड़े बिजनेस इवेंट में बदलना शुरू किया, तो एना ने इसके खिलाफ अभियान छेड़ दिया। उन्होंने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किए।

मदर्स डे खत्म करने तक की मुहिम चलाई
इतिहासकारों के मुताबिक एना जार्विस ने बाद में मदर्स डे के व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकने के लिए कानूनी लड़ाइयां भी लड़ीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मदर्स डे को केवल महंगे गिफ्ट्स और दिखावे तक सीमित न रखें। यहां तक कि उन्होंने इस दिन को खत्म करने की मुहिम भी शुरू कर दी थी। हालांकि तब तक मदर्स डे पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुका था और इसे रोक पाना संभव नहीं था।
आज पूरी दुनिया में खास अंदाज में मनाया जाता है मदर्स डे
समय के साथ मदर्स डे दुनिया के सबसे भावुक और खास दिनों में शामिल हो गया। भारत समेत कई देशों में लोग मई के दूसरे रविवार को अपनी मां को खास महसूस कराने के लिए यह दिन मनाते हैं। कोई अपनी मां को गिफ्ट देता है, कोई उनके साथ समय बिताता है, तो कोई सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर करता है। कई लोग अपनी मां के लिए स्पेशल डिनर या सरप्राइज प्लान करते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मदर्स डे का असली महत्व केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। मां का सम्मान हर दिन होना चाहिए।
क्यों खास होता है मां का रिश्ता?
मां को दुनिया का सबसे बड़ा योद्धा कहा जाता है। वह बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चों की खुशी के लिए हर संघर्ष सह लेती है। एक मां अपने बच्चे के दुख को बिना बताए समझ जाती है। शायद यही वजह है कि मां के लिए मनाया जाने वाला यह दिन आज भी लोगों के दिलों के बेहद करीब है। मदर्स डे सिर्फ एक Celebration नहीं, बल्कि मां के त्याग, संघर्ष, ममता और निस्वार्थ प्रेम को महसूस करने का अवसर है।



