
Rajasthan Farmers News : राजस्थान के किसानों के लिए इस समय बेहद राहतभरी और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब खेती-किसानी को मजबूत बनाने, किसानों की लागत कम करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए तेजी से काम करती नजर आ रही है। 17 और 18 मई 2026 को जारी हुए सरकारी फैसलों ने प्रदेशभर के किसानों के चेहरे पर उम्मीद की नई मुस्कान ला दी है।
एक ओर जहां भजनलाल सरकार ने किसानों को उन्नत और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए 135 करोड़ रुपए की बड़ी योजना को मंजूरी दी है, वहीं दूसरी ओर अतिवृष्टि से फसल खराब होने वाले किसानों को रिकॉर्ड 47 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है। इन दोनों फैसलों को किसानों के लिए डबल गुड न्यूज़ माना जा रहा है। राजस्थान सरकार अब प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-तिलहन एवं दलहन’ योजना के तहत राजस्थान के लिए 135 करोड़ रुपए की बड़ी राशि मंजूर की गई है। इस योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार में मिलने वाले महंगे और कई बार नकली बीजों से बचाना है ताकि उन्हें बेहतर उत्पादन मिल सके और खेती में लागत कम आए।
इन फसलों के मिलेंगे उन्नत और प्रमाणित बीज
Farmers schemes in Rajasthan : योजना के तहत प्रदेश के करीब 2 लाख 60 हजार किसानों को आगामी बुवाई सीजन में प्रमाणित और हाई क्वालिटी बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। कुछ किसानों को यह बीज पूरी तरह निशुल्क दिए जाएंगे, जबकि बाकी किसानों को बेहद कम अनुदानित दरों पर उपलब्ध होंगे।
दलहनी फसलें:
- मूंग
- उड़द
- अरहर
तिलहनी फसलें:
- सोयाबीन
- सरसों
- तिल
- अरंडी
सरकार का मानना है कि इन फसलों के बेहतर उत्पादन से राजस्थान खाद्य तेल और दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ सकेगा।
70 हजार खेतों में होगा लाइव डेमो
राज्य सरकार केवल बीज वितरण तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने की तैयारी भी कर रही है। कृषि विभाग की ओर से प्रदेशभर में 70 हजार फसल प्रदर्शनों का आयोजन किया जाएगा। इन प्रदर्शनों में कृषि वैज्ञानिक किसानों को उन्नत खेती, नई तकनीकों और उत्पादन बढ़ाने के तरीके सिखाएंगे। सरकार ने सभी जिलों के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बीज वितरण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से राज किसान साथी पोर्टल और ग्राम पंचायतों के माध्यम से समय पर पूरा कराया जाए।
गुड न्यूज़-2: फसल खराबे पर रिकॉर्ड 47 करोड़ रुपए का मुआवजा
PM Fasal Bima Yojana : राजस्थान के किसानों के लिए दूसरी सबसे बड़ी राहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सामने आई है। सवाई माधोपुर जिले में खरीफ-2025 के दौरान हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। जिला कलेक्टर काना राम के निर्देशन में कृषि विभाग और बीमा कंपनियों ने तेजी से सर्वे करवाया और रिकॉर्ड समय में किसानों के खातों में मुआवजे की राशि भेज दी गई।
51 हजार किसानों के खातों में पहुंची राहत राशि
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा के अनुसार, खरीफ 2025 में जिले में बाजरा, तिल और उड़द की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था। नुकसान का आकलन आधुनिक तकनीकों और ड्रोन सर्वे के जरिए किया गया। इसके बाद कुल 47 करोड़ 33 लाख रुपए का बीमा क्लेम मंजूर किया गया। इनमें से अब तक 51 हजार 370 किसानों के खातों में 46 करोड़ 28 लाख रुपए सीधे डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। बाकी किसानों के खातों में भी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद जल्द राशि भेजी जाएगी।
पिछले साल से ज्यादा मिला मुआवजा
यदि पिछले साल की तुलना करें तो इस बार किसानों को कहीं ज्यादा राहत मिली है।
आंकड़ों पर नजर डालें:
- खरीफ 2024 में मुआवजा: 35.44 करोड़ रुपए
- खरीफ 2025 में मुआवजा: 47.33 करोड़ रुपए
यह आंकड़े बताते हैं कि अब किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक हो रहे हैं और समय पर अपनी फसलों का बीमा भी करवा रहे हैं।

किसानों ने सुनाई अपनी सफलता की कहानी
Rajasthan Agriculture Latest News : बीमा क्लेम मिलने के बाद कई किसानों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। इन अनुभवों ने दूसरे किसानों का भी भरोसा बढ़ाया है।
किसान मेरवाल सिंह, ग्राम कुश्तला
मेरवाल सिंह ने बताया कि उन्होंने 2023 से फसल बीमा करवाना शुरू किया था। इस बार उन्होंने 5,315 रुपए का प्रीमियम जमा करवाया था। फसल खराब होने के बाद उनके खाते में 1 लाख 81 हजार रुपए का क्लेम आया। किसान का कहना है कि संकट के समय इस राशि ने उनके परिवार को बड़ी राहत दी।
ग्राम खिजूरी के किसान
एक अन्य किसान ने बताया कि उन्होंने केवल 3,800 रुपए प्रीमियम भरकर 5.5 एकड़ जमीन का बीमा करवाया था। अतिवृष्टि से नुकसान होने के बाद उन्हें 1 लाख 6 हजार रुपए का मुआवजा मिला। किसान ने अन्य लोगों से भी समय पर बीमा करवाने की अपील की।
किसान संघ ने भी किसानों से की अपील
भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री और प्रगतिशील किसान गजानंद जाट ने किसानों से कहा है कि वे समय पर गिरदावरी करवाएं और फसल खराब होने की स्थिति में 72 घंटे के भीतर सूचना दर्ज करवाएं। उन्होंने बताया कि उनकी खुद की उड़द की फसल खराब होने पर भी उन्हें 50 हजार रुपए से अधिक का क्लेम मिला है।
खरीफ 2026 के लिए 1 जुलाई से शुरू होगा नया बीमा नामांकन
यदि कोई किसान इस बार फसल बीमा करवाने से चूक गया है तो उसके लिए सरकार ने खरीफ 2026 का नया शेड्यूल जारी कर दिया है।
नामांकन अवधि:
1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे।
ऋणी किसान:
केसीसी या बैंक लोन लेने वाले किसानों का बीमा संबंधित बैंक शाखाओं के जरिए स्वतः हो जाएगा।
गैर-ऋणी किसान:
बिना लोन वाले किसान पीएमएफबीवाई पोर्टल, ई-मित्र केंद्र, सीएससी सेंटर या अधिकृत बीमा प्रतिनिधियों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
सिर्फ 2 प्रतिशत प्रीमियम में मिलेगा सुरक्षा कवच
Agriculture subsidy Status Rajasthan : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम ही अपनी जेब से देना होगा। बाकी राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- जमाबंदी या खसरा नंबर
- बुवाई प्रमाण-पत्र
- स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र
सरकार का लक्ष्य- समृद्ध किसान, मजबूत राजस्थान
बीजों पर 135 करोड़ रुपए की सब्सिडी और फसल खराबे पर 47 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा यह दिखाता है कि राज्य सरकार अब किसानों के हितों को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। समय पर उन्नत बीज, आधुनिक खेती की जानकारी और प्राकृतिक आपदाओं में आर्थिक सहायता मिलने से आने वाले समय में राजस्थान का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार की ये योजनाएं उनकी आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।



