
सांवलिया सेठ मंदिर में अनोखी भेंट ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
Sanwaliya Seth Temple news: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित प्रसिद्ध Sanwaliya Seth Temple में एक अनोखी भेंट इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। हार्ट ऑपरेशन सफल होने के बाद एक स्थानीय कारोबारी ने भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में 196 ग्राम का चांदी का दिल और चांदी का नलकूप भेंट किया। भक्त अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ मंदिर पहुंचा, जहां गाजे-बाजे और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धा स्वरूप यह विशेष भेंट भगवान को समर्पित की गई। मंदिर प्रशासन के अनुसार पहली बार किसी भक्त ने चांदी का दिल भेंट किया है।

हार्ट अटैक के बाद परिवार ने की सांवलिया सेठ की पूजा
Silver Heart: जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी बालमुकुंद तिवारी को करीब दो साल पहले अचानक हार्ट अटैक आया था। शुरुआत में उनका इलाज उदयपुर में कराया गया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अहमदाबाद के एक बड़े अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिवार भगवान सांवलिया सेठ का गहरा भक्त था। ऑपरेशन से पहले पूरे परिवार ने अस्पताल में ही सांवलिया सेठ की पूजा-अर्चना कर स्वस्थ होने की प्रार्थना की। कुछ समय बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन सफल होने की सूचना दी, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली।

बालमुकुंद तिवारी
स्वस्थ होने के बाद मंदिर में चढ़ाया चांदी का दिल
Sanwaliya Seth Blessings: ऑपरेशन के बाद बालमुकुंद तिवारी धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ हो गए। इसके बाद परिवार ने अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते हुए सांवलिया सेठ मंदिर में चांदी का दिल और नलकूप भेंट करने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि चांदी के दिल का वजन करीब 196 ग्राम है। मंदिर में यह अनोखी भेंट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

Silver Heart
मंदिर में लगातार बढ़ रहा चढ़ावा
वहीं दूसरी ओर सांवलिया सेठ मंदिर में मासिक चढ़ावे की गणना भी लगातार जारी है। अब तक करीब 25 करोड़ 16 लाख 10 हजार 100 रुपए की गिनती पूरी हो चुकी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार पहले चरण में 11 करोड़ 30 लाख रुपए, दूसरे चरण में 5 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए, तीसरे चरण में 6 करोड़ 46 लाख रुपए और चौथे चरण में 1 करोड़ 62 लाख 60 हजार 100 रुपए की राशि गिनी जा चुकी है। अभी भेंट कक्ष, ऑनलाइन दान, मनी ऑर्डर और अन्य चढ़ावे की गणना बाकी है।
गांवों के विकास में खर्च होती है दान राशि
मंदिर प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा मिलने वाले चढ़ावे का बड़ा हिस्सा आसपास के कई गांवों के विकास कार्यों में लगाया जाता है। मंदिर प्रबंधन ने एक दर्जन से अधिक गांवों को गोद लिया हुआ है, जहां शिक्षा, सड़क, पानी और अन्य सुविधाओं पर राशि खर्च की जाती है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने सांवलिया सेठ मंदिर में रिकॉर्ड 42 करोड़ रुपए से अधिक का चढ़ावा आया था, जिसे अब तक का सबसे बड़ा मासिक दान माना गया।



