
Rajasthan Teacher Promotion 2026 : जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के सेवा नियमों में किए गए संशोधन को सही ठहराते हुए 28 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 10 हजार सीनियर सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कॉमर्स, म्यूजिक, कृषि, चित्रकला और गृह विज्ञान विषयों के शिक्षकों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राजस्थान हाईकोर्ट का यह फैसला शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब पदोन्नति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार द्वारा किया गया संशोधन नियमों के दायरे में वैध है। राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 याचिकाएं खारिज कर 10 हजार सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया है।
Rajasthan Teacher Promotion 2026 : किन शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन का फायदा?
Government Teacher Promotion : हाईकोर्ट के इस फैसले से मुख्य रूप से उन सीनियर टीचर्स को लाभ मिलेगा, जो विशेष विषय पढ़ाते हैं और वर्षों से प्रमोशन नहीं मिलने के कारण एक ही पद पर कार्यरत थे। इनमें शामिल हैं—
- कॉमर्स शिक्षक
- म्यूजिक शिक्षक
- कृषि विषय शिक्षक
- चित्रकला शिक्षक
- गृह विज्ञान शिक्षक
राज्य सरकार के अनुसार करीब 10 हजार शिक्षकों की पदोन्नति इस फैसले के बाद संभव हो सकेगी।

कोर्ट ने क्या कहा?
Rajasthan High Court : जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद राजस्थान शैक्षिक (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा प्रथम संशोधन नियम-2024 को वैध माना। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद 10+2+3 शिक्षा व्यवस्था शुरू हुई थी। इसके चलते 9वीं और 10वीं कक्षाओं में कई विशेष विषयों की जरूरत कम हो गई। परिणामस्वरूप इन विषयों के शिक्षक लंबे समय तक प्रमोशन से वंचित रहे।
राज्य सरकार ने क्यों किया था नियमों में बदलाव?
Education Department Rules : राज्य सरकार ने 7 फरवरी 2024 को शिक्षा विभाग के सेवा नियमों में संशोधन किया था। इस संशोधन के तहत 50 प्रतिशत पदोन्नति पद केवल सीनियर टीचर (जनरल) के लिए निर्धारित किए गए थे। सरकार का तर्क था कि यह व्यवस्था विशेष विषयों के शिक्षकों को राहत देने के उद्देश्य से लाई गई थी, ताकि वर्षों से अटके प्रमोशन पूरे किए जा सकें। राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के सेवा नियमों में किए गए संशोधन को सही ठहराते हुए 28 याचिकाएं खारिज कर दीं। इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 10 हजार सीनियर सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने कहा कि विशेष विषयों के शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति से वंचित थे, इसलिए राज्य सरकार द्वारा किया गया संशोधन उचित है। कॉमर्स, म्यूजिक, कृषि, चित्रकला और गृह विज्ञान विषयों के शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने कोर्ट में इसे अस्थायी राहत व्यवस्था बताया था, जिसे हाईकोर्ट ने वैध मान लिया।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में क्या दलील दी?
Teacher Vacancy News : याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि प्रमोशन के लिए विचार किया जाना कर्मचारियों का अधिकार है। उनका कहना था कि जनरल टीचर और सब्जेक्ट स्पेशलिस्ट टीचर के बीच किया गया वर्गीकरण गलत है और नियमों में बदलाव कर कर्मचारियों के अधिकार कम नहीं किए जा सकते। हालांकि राज्य सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि यह संशोधन स्थायी नहीं बल्कि एक बार की अस्थायी राहत व्यवस्था है।
हाईकोर्ट ने सभी 28 याचिकाएं की खारिज
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के संशोधन को सही माना और सभी 28 याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

राजस्थान हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा
दूसरी ओर हाईकोर्ट प्रशासन ने ग्रीष्मावकाश को लेकर भी अधिसूचना जारी की है। जोधपुर मुख्य पीठ और जयपुर पीठ में 1 जून से 28 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा।
अवकाशकालीन न्यायाधीशों की ड्यूटी
- जस्टिस संजीत पुरोहित : 1 जून से 5 जून
- जस्टिस संदीप शाह : 8 जून से 12 जून
- जस्टिस मुकेश राजपुरोहित : 15-16 जून और 18-19 जून
- jस्टिस बलजिंदर सिंह संधू : 22 जून से 25 जून
इन न्यायाधीशों द्वारा अवकाश के दौरान अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई की जाएगी।



