
रेलमगरा। Vaishnav Bairagi OBC Central List : केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में वैष्णव बैरागी समाज में प्रचलित ‘वैरागी, बैरागी एवं वैष्णव’ जैसे जातिसूचक शब्द शामिल नहीं होने से समाज के पात्र लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और आरक्षण संबंधी सुविधाओं का लाभ लेने में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर अखिल मेवाड़ वैष्णव बैरागी परिषद की ओर से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ एवं नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ को ज्ञापन सौंपा गया।
परिषद अध्यक्ष गोवर्धन दास वैष्णव के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान में वैष्णव बैरागी समाज को अलग-अलग क्षेत्रों में वैष्णव, वैरागी, बैरागी, साद एवं स्वामी सहित विभिन्न नामों और जातिसूचक शब्दों से जाना जाता है। परिषद का कहना है कि राजस्थान की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में समाज से संबंधित प्रविष्टि में साद, स्वामी एवं बैरागी शब्द शामिल हैं, जबकि केंद्रीय OBC सूची में साद एवं स्वामी शब्द दर्ज हैं। दिलीप वैष्णव, रेलमगरा ने बताया कि केंद्रीय सूची में समाज के प्रचलित जातिसूचक शब्दों का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने के कारण पात्र विद्यार्थियों और युवाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं, शैक्षणिक अवसरों, सरकारी भर्तियों तथा आरक्षण संबंधी सुविधाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान के तौर पर प्रचलित सभी जातिसूचक शब्दों को केंद्रीय सूची में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना जरूरी है, ताकि पात्र लोगों को सुविधाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर 21 अक्टूबर 2024 को भी प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी रेलमगरा, जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया था। अब एक बार फिर सांसद और विधायक को ज्ञापन देकर केंद्र सरकार के स्तर पर समाज की मांग को प्रभावी तरीके से रखने तथा आवश्यक कार्रवाई करवाने का आग्रह किया गया है।

‘वैरागी, बैरागी, वैष्णव, साद और स्वामी’ शब्द शामिल करने की मांग
Vairagi Bairagi Vaishnav OBC Reservation : परिषद ने मांग की कि ‘वैरागी, बैरागी, वैष्णव, साद एवं स्वामी’ सभी प्रचलित जातिसूचक शब्दों को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करवाया जाए। परिषद के अनुसार, ऐसा होने से समाज के पात्र विद्यार्थियों और युवाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं, शिक्षा, रोजगार एवं आरक्षण संबंधी सुविधाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुकेश वैष्णव, कन्हैया वैष्णव, शांति दास वैष्णव, राधेश्याम वैष्णव, दीपक वैष्णव सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।



