
जयपुर। Rajasthan No UPI Day : UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से लागू होने वाले प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में राजस्थान समेत देशभर के कुछ व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का फैसला किया है। हालांकि, सभी व्यापारिक संगठन इस अभियान में शामिल नहीं हैं। हालिया घटनाक्रम के अनुसार कुछ संगठनों ने सरकार के साथ बातचीत के बाद अपना विरोध कार्यक्रम वापस ले लिया है।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BUVM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता के अनुसार, UPI पर प्रस्तावित MDR के विरोध में 17 राज्यों के व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गई। बैठक में 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ के साथ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 10 अक्टूबर को स्थानीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन और 15 अक्टूबर को फिर ‘नो UPI डे’ मनाने की योजना बताई गई है। व्यापारियों की मांग पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। BUVM के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि संगठन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 2 और 15 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाएगा। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि MDR लागू होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ सकता है। इसी मांग को लेकर व्यापारियों की ओर से सांसदों को ज्ञापन देने के साथ प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के समक्ष भी अपनी मांग रखने की बात कही गई है।
ग्राहकों को रखना पड़ सकता है कैश या कार्ड का विकल्प
Rajasthan traders No UPI Day : जिन दुकानों और प्रतिष्ठानों के व्यापारी इस विरोध में शामिल होंगे, वहां 2 अक्टूबर को UPI पेमेंट स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में बाजार जाने वाले ग्राहकों को भुगतान के लिए कैश या कार्ड का विकल्प साथ रखना पड़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में UPI सेवा बंद रहेगी। यह केवल उन व्यापारियों तक सीमित विरोध होगा, जो ‘नो UPI डे’ के अभियान में शामिल होंगे।

कुछ व्यापारिक संगठनों ने वापस लिया विरोध
UPI MDR protest Rajasthan traders : इधर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद AICPDF और AIMRA ने 2 अक्टूबर के ‘नो UPI डे’ का अपना प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम वापस ले लिया है। व्यापारिक प्रतिनिधियों ने MDR को टालने, इसकी सीमा में बदलाव और अन्य मांगों को लेकर सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखीं। वहीं, CAIT ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उसने 2 अक्टूबर के लिए देशव्यापी ‘नो UPI डे’ का आधिकारिक आह्वान नहीं किया है।
15 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
UPI MDR charges : केंद्र सरकार के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से निर्धारित Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर होगा, ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा। ₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट UPI भुगतान और Person-to-Person (P2P) लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा। छोटे व्यापारियों के लिए भी कुछ लेनदेन शून्य-MDR के दायरे में रहेंगे। Merchant Discount Rate UPI
व्यापारियों की क्या दलील है?
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि—
- कम मार्जिन पर काम करने वाले रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर पर अतिरिक्त लागत बढ़ सकती है।
- डिजिटल पेमेंट को आसान और कम लागत वाला माध्यम बनाए रखने की मांग है।
- व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपनाकर पारदर्शिता बढ़ाने में सहयोग किया है।
- MDR लागू होने से कारोबार की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
- मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।
यानी 2 अक्टूबर को राजस्थान के बाजारों में UPI को लेकर स्थिति व्यापारिक संगठन और संबंधित बाजार के फैसले पर निर्भर करेगी; UPI सेवा अपने स्तर पर बंद नहीं होगी।



