
Acharya Mahashraman Rajsamand visit : तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण के राजसमंद आगमन पर टीवीएस चौराहे पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी व नगरपरिषद सभापति अशोक टांक के नेतृत्व में जैन समाज के साथ तमाम शहरवासी नतमस्तक हो गए। आचार्य महाश्रमण की अगवानी में पचास फीट रोड का नामकरण अहिंसा मार्ग के रूप कर दिया गया। इस तरह धवल सेना के साथ आचार्य प्रज्ञा विहार पहुंचे, जहां धर्मसभा को संबोधित किया।

Terapanth Jain Acharya Mahashraman Rajsamand arrival : आचार्य महाश्रमण रविवार अल सुबह नाथद्वारा से पैदल रवाना हुए, तो आगे पीछे सफेद पोशाक में पुरुष एवं पीली पौशाक में महिलाएं सड़क किनारे खड़ी हो गई। जैसे जैसे आचार्य महाश्रमण आगे बढ़े, वैसे वैसे जैन समाज के साथ आमजन ने भी पुष्पवर्षा कर जगह जगह स्वागत किया। गुंजोल, करजिया घाटी, बडारड़ा, पीपरड़ा, चुंगीनाका, सोमनाथ चौराहा, जावद, धोइंदा होकर टीवीएस चौराहा पर पहुंचे, जहां राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, सभापति अशोक टांक, उप सभापति चुन्नीलाल पंचोली के साथ सैकड़ों की तादाद में जैन समाज के धर्मावलंबी मौजूद थे। जय जय महाश्रमण के जयकारों से समूचे राजसमंद शहर की फिजाएं गूंजने लग गई। कानून, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष पुलिस जाब्ता तैनात रहा। हाइवे से लेकर शहर की सड़कों के किनारे लोग कतारबद्ध खड़े रहे और आचार्य महाश्रमण के दर्शन कर आशिर्वाद लिया। आचार्य महाश्रमण के राजसमंद नगर प्रवेश के दौरान चौतरफा जय-जय ज्योति चरण, जय-जय महाश्रमण के जयकारे गूंज उठे। साथ ही पंचरंगी जैन ध्वजा से माहौल धर्मममय हो गया। फिर टीवीएस चौराहा से लेकर पचास फीट रोड, पेयजल टंकी तक मार्ग का नामकरण आचार्य महाश्रमण के नाम अहिंसा मार्ग कर दिया गया। इसका लोकार्पण आचार्य महाश्रमण की मौजूदगी में विधायक दीप्ति माहेश्वरी व सभापति अशोक टांक द्वारा किया गया। साथ ही बड़ी तादाद में शहरवासी मौजूद थे। Jain Samaj grand welcome Acharya Mahashraman
आचार्य ने दी सत्य व अहिंसा की सीख
Acharya Mahashraman Ahimsa Marg inauguration Rajsamand : राजसमंद शहर के प्रज्ञा विहार में धर्मसभा आयोजित हुई, जिसमें आचार्य महाश्रमण ने कहा कि जीवन में नैतिकता व सद्भावना जरूरी है। इसके लिए नशामुक्त होना होगा, तभी आप किसी के बारे में भला या अच्छा सोच सकेंगे। सत्य व अहिंसा को जीवन में आत्मसात करने का विशेष आह्वान किया। आचार्य ने कहा कि सत्य व अहिंसा को जीवन में हमेशा के लिए अपना लिया, तो आपके जीवन में कभी कोई बुरा नहीं होगा, यही शाश्वत सत्य है।

14 साल बाद राजसमंद आगमन
Acharya Mahashraman after 14 years in Rajsamand : शांतिदूत आचार्य महाश्रमण करीब 14 साल पहले 2011 में राजसमंद आए थे। केलवा में आचार्य पद स्वीकार करने के बाद महाश्रमण का राजसमंद में मर्यादा महोत्सव हुआ था। उसके बाद आचार्य महाश्रमण का अब दोबारा आगमन पर पूरे शहर में जगह जगह स्वागत द्वार लगाए हैं और समूचे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
