Skip to content
April 6, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • विविध

AI startup success story : सिर्फ 2 भाइयों और AI ने खड़ी कर दी ₹15,000 करोड़ की कंपनी, दुनिया रह गई दंग

Parmeshwar Singh Chundwat April 6, 2026 1 minute read

AI startup success story : टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि आज के दौर में सही सोच, तेज फैसले और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। अमेरिका के लॉस एंजिलिस में रहने वाले मैथ्यू गैलेगर ने बेहद सीमित संसाधनों के साथ एक ऐसी कंपनी खड़ी कर दी, जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।

न बड़ी टीम, न बड़ा ऑफिस और न ही पारंपरिक कारोबारी ढांचा। बस एक लैपटॉप, कुछ एआई टूल्स और स्पष्ट विजन के दम पर उन्होंने ऐसा बिजनेस मॉडल खड़ा किया, जो अब हजारों करोड़ रुपए के कारोबार की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि उनकी कहानी को एआई युग के सबसे प्रेरक उदाहरणों में गिना जा रहा है। मैथ्यू गैलेगर ने बेहद कम शुरुआती निवेश के साथ अपना काम शुरू किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने सिर्फ 20,000 डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में करीब 18.5 लाख रुपए के निवेश से कंपनी की नींव रखी। हैरानी की बात यह है कि केवल दो महीने के भीतर इस बिजनेस ने वह रफ्तार पकड़ ली, जिसकी आमतौर पर बड़ी-बड़ी स्टार्टअप कंपनियां भी कल्पना करती हैं। आज यही कंपनी इस साल करीब 16,700 करोड़ रुपए के कारोबार की दिशा में आगे बढ़ रही है। इतने कम समय में इतनी तेज ग्रोथ ने कारोबारी दुनिया को चौंका दिया है। AI billion dollar company

मेडवी क्या करती है?

Sam Altman prediction : मैथ्यू गैलेगर की कंपनी का नाम मेडवी है। यह एक टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म है, जो वजन कम करने में इस्तेमाल होने वाली GLP-1 दवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटल विस्तार के बीच मेडवी ने ऐसे समय में बाजार में एंट्री की, जब ऑनलाइन हेल्थ और वेलनेस सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही थी। सितंबर 2024 में शुरू हुई इस कंपनी को शुरुआती दौर से ही अच्छा रिस्पॉन्स मिला। पहले ही महीने लगभग 300 ग्राहक इससे जुड़े। इसके बाद दूसरे महीने 1,000 नए ग्राहक और जुड़ गए। इससे साफ हो गया कि कंपनी ने बाजार की जरूरत को सही समय पर पहचाना।

पहले ही कारोबारी साल में हजारों करोड़ की बिक्री

AI business model : किसी भी नई कंपनी के लिए पहला साल सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन मेडवी ने इस मोर्चे पर भी असाधारण प्रदर्शन किया। वर्ष 2025, जो कंपनी का पहला पूरा कारोबारी साल था, उसमें मेडवी ने 40.1 करोड़ डॉलर, यानी करीब 3,700 करोड़ रुपए की बिक्री दर्ज की। इस पर कंपनी को 16.2% मुनाफा हुआ, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 600 करोड़ रुपए बैठता है। खास बात यह है कि यह मार्जिन इस क्षेत्र की दिग्गज मानी जाने वाली कंपनी हिम्स के 5.5% मुनाफे से कहीं अधिक बताया जा रहा है। यानी मेडवी ने सिर्फ बिक्री ही नहीं की, बल्कि मजबूत मुनाफा कमाकर भी अपनी अलग पहचान बनाई।

सैम ऑल्टमैन की भविष्यवाणी क्यों हो रही है चर्चा में

Matthew Gallagher company : ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने वर्ष 2024 में एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि एआई की मदद से बहुत जल्द ऐसा समय आएगा, जब एक अकेला व्यक्ति 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी कर सकेगा। उस समय यह बात कई लोगों को भविष्य की कल्पना जैसी लगी थी, लेकिन मेडवी की कहानी ने उस सोच को वास्तविकता के करीब ला दिया। बताया गया कि मेडवी की सफलता के बारे में जानने के बाद ऑल्टमैन ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्होंने अपने तकनीकी मित्रों के साथ इस संभावना पर दांव लगाया था, और अब लगता है कि वह दांव सच साबित होता दिख रहा है।

‘तेज फैसले ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं’

मैथ्यू गैलेगर का मानना है कि मेडवी की सबसे बड़ी ताकत उसकी गति है। उन्होंने कहा कि वह बहुत तेजी से निर्णय लेते हैं, और यही उनकी कंपनी को दूसरों से अलग बनाता है। स्टार्टअप की दुनिया में जहां कई कंपनियां मीटिंग, मंजूरी और लंबी प्रक्रियाओं में उलझ जाती हैं, वहीं मेडवी ने चुस्त संचालन को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। गैलेगर के अनुसार, जब टीम छोटी हो और तकनीक मजबूत हो, तो फैसले लेने की गति कई गुना बढ़ जाती है। यही तेजी बाजार में आगे निकलने का रास्ता बनाती है।

12 से ज्यादा एआई टूल्स संभाल रहे हैं पूरा कारोबार

मेडवी की सफलता का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कंपनी का बड़ा हिस्सा इंसानों के बजाय एआई टूल्स की मदद से संचालित हो रहा है। गैलेगर ने दर्जनभर से अधिक एआई टूल्स का इस्तेमाल कर बिजनेस को खड़ा किया और आगे बढ़ाया।

कोडिंग से लेकर मार्केटिंग तक एआई की भूमिका

  • ChatGPT, Claude और Grok जैसे टूल्स का इस्तेमाल कोडिंग और टेक्निकल कामों के लिए किया गया।
  • Midjourney और Runway की मदद से विज्ञापनों के लिए तस्वीरें और वीडियो तैयार किए गए।
  • ElevenLabs से ग्राहक सेवा के लिए एआई वॉइस सिस्टम बनाया गया।
  • गैलेगर ने अपनी खुद की आवाज का AI Clone भी तैयार कराया, ताकि कुछ व्यक्तिगत प्रकृति के काम भी तकनीक के जरिए हो सकें।

यानी जिस काम के लिए पारंपरिक कंपनी को अलग-अलग विभाग, टीमें और कर्मचारी रखने पड़ते, वही काम मेडवी ने एआई टूल्स की मदद से बहुत कम संसाधनों में कर दिखाया।

डिलीवरी, डॉक्टर नेटवर्क और कंप्लायंस भी तकनीक के भरोसे

कंपनी के संचालन में सिर्फ कंटेंट या विज्ञापन ही नहीं, बल्कि कई अहम व्यवस्थाएं भी टेक्नोलॉजी और पार्टनर प्लेटफॉर्म्स के जरिए संभाली जा रही हैं। दवा डिलीवरी, डॉक्टरों का नेटवर्क और नियामकीय प्रक्रियाओं से जुड़े काम CareValidate और OpenLoop Health जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा मैनेज किए जा रहे हैं। इससे गैलेगर को मुख्य कारोबारी फैसलों पर फोकस करने का समय मिला और कंपनी का ढांचा बेहद हल्का और फुर्तीला बना रहा।

कंपनी का इकलौता कर्मचारी निकला छोटा भाई

जब कारोबार बढ़ने लगा, तब मैथ्यू गैलेगर ने अपने छोटे भाई एलियट को कंपनी से जोड़ा। खास बात यह है कि एलियट ही कंपनी के एकमात्र कर्मचारी बताए गए हैं। उनका काम मुख्य रूप से आने वाले संदेश, कॉल और गैर-जरूरी कम्युनिकेशन को फिल्टर करना है, ताकि मैथ्यू का समय सिर्फ जरूरी और असरदार कामों में लगे। यह मॉडल दर्शाता है कि अब हर बड़ी कंपनी को जरूरी नहीं कि बड़ी टीम की ही आवश्यकता हो। सही तकनीक और सीमित लेकिन भरोसेमंद सहयोग से भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

पहले 60 कर्मचारियों वाली कंपनी चलाई, लेकिन मिला बड़ा सबक

मैथ्यू गैलेगर इससे पहले वॉच गैंग नाम की एक कंपनी चला चुके हैं, जिसमें करीब 60 कर्मचारी थे। हालांकि वह कंपनी मुनाफे में नहीं आ सकी। उस अनुभव ने उन्हें यह समझाया कि बड़ी टीम का मतलब हमेशा बड़ी सफलता नहीं होता। उन्होंने महसूस किया कि ज्यादा लोग होने से खर्च बढ़ता है, काम की गति धीमी होती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया जटिल हो जाती है। यही कारण है कि इस बार उन्होंने छोटा, चुस्त और तकनीक-आधारित मॉडल चुना।

Gold price Hike : आज महंगा हुआ सोना और चांदी, खरीदारी से पहले देख लें आपके शहर में क्या है रेट ?

रोजाना करोड़ों की कमाई, फिर भी समाजसेवा से जुड़ाव

रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेगर अब रोजाना 30 लाख डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में करीब 28 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर रहे हैं। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं है। बताया गया है कि वह अपने मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा बेघर युवाओं और पशु कल्याण से जुड़े कार्यों में लगाते हैं। यह पहल उनकी सफलता को सिर्फ आर्थिक उपलब्धि नहीं रहने देती, बल्कि उसे सामाजिक सरोकार से भी जोड़ देती है।

बेघर बचपन से अरबों के कारोबार तक का सफर

मैथ्यू गैलेगर की यात्रा को और खास बनाता है उनका संघर्षपूर्ण अतीत। कहा जा रहा है कि उनका बचपन बेघर जैसी कठिन परिस्थितियों में बीता। ऐसे हालात से निकलकर आज हजारों करोड़ रुपए के कारोबार तक पहुंचना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। उनकी कहानी इस बात की मिसाल बन गई है कि मुश्किल परिस्थितियां किसी इंसान की मंजिल तय नहीं करतीं। सही दिशा, तकनीक का समझदारी से इस्तेमाल और लगातार मेहनत हो, तो असंभव दिखने वाले सपने भी हकीकत बन सकते हैं।

एआई युग में बदल रहा है कारोबार का मतलब

मेडवी की सफलता ने यह संदेश दिया है कि एआई अब सिर्फ एक सहायक तकनीक नहीं रह गया, बल्कि वह बिजनेस की बुनियाद बदलने की ताकत रखता है। पहले जहां बड़ी कंपनी खड़ी करने के लिए भारी निवेश, बड़ी टीम और लंबे समय की जरूरत होती थी, वहीं अब कम संसाधनों में भी बड़ा असर पैदा किया जा सकता है। यह कहानी उन उद्यमियों के लिए खास प्रेरणा है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़ा सपना देखते हैं। एआई ने अब विचार और क्रियान्वयन के बीच की दूरी को काफी कम कर दिया है।

About the Author

Parmeshwar Singh Chundwat

Editor

Parmeshwar Singh Chundwat ने डिजिटल मीडिया में कॅरियर की शुरुआत Jaivardhan News के कुशल कंटेंट राइटर के रूप में की है। फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग में उनकी गहरी रुचि और विशेषज्ञता है। चाहे वह घटना, दुर्घटना, राजनीतिक, सामाजिक या अपराध से जुड़ी खबरें हों, वे SEO आधारित प्रभावी न्यूज लिखने में माहिर हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, थ्रेड्स और यूट्यूब के लिए छोटे व बड़े वीडियो कंटेंट तैयार करने में निपुण हैं।

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 29

Post navigation

Previous: love marriage news : शादी नहीं करवाई तो टॉवर पर चढ़ गई युवती, गांव में मचा हाई वोल्टेज ड्रामा
Next: red chilli hawan : 751 किलो मिर्च की आहुतियां, आधी रात तक चलता रहा श्मशान का अनोखा हवन

Related Stories

red chilli hawan
  • विविध

red chilli hawan : 751 किलो मिर्च की आहुतियां, आधी रात तक चलता रहा श्मशान का अनोखा हवन

Parmeshwar Singh Chundwat April 6, 2026
Ravindra Singh Bhati vs Chotu Singh Rawna controversy
  • विविध
  • Poltical

Ravindra Singh Bhati vs Chotu Singh Rawna controversy : अब सार्वजनिक मंच तक पहुंचा विवाद

Parmeshwar Singh Chundwat April 4, 2026
Retirement planning tips 2026 : रिटायरमेंट नजदीक है तो सुरक्षित भविष्य के लिए ये 5 वित्तीय काम अभी से कर लें
  • विविध

Retirement planning tips 2026 : रिटायरमेंट नजदीक है तो सुरक्षित भविष्य के लिए ये 5 वित्तीय काम अभी से कर लें

Parmeshwar Singh Chundwat March 26, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_m-ROTC0cOo8 राजसमंद में गरीबों के घर का सपना अधूरा, करोड़ों जमीन हड़प ठेकेदार फरार #rajsamandnews   #jaivardhannews
#rajsamandराजसमंद शहर में मुख्यमंत्री जन आवास योजना आमजन के लिए राहत की बजाय परेशानी का सबब बन गई है। नगर परिषद की लापरवाही और अनियमितताओं के चलते न सिर्फ हजारों लोगों का घर का सपना अधूरा रह गया, बल्कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के आरोप भी सामने आए। नगर परिषद ने शहर के पुलिस लाइन के व्य पीछे इस योजना के तहत 1072 फ्लैट बनाने बर का ठेका दिल्ली की एनसीसीएफ कंपनी को दिया था, जिसने आगे सब-लेट कॉन्ट्रैक्टर दुर्गालाल कुमावत को काम सौंपा। इसके लिए कुल चार हेक्टेयर जमीन दी गई, जिसमें तीन हेक्टेयर पर फ्लैट, सड़क और पार्क विकसित करने थे, जबकि एक हेक्टेयर जमीन का पट्टा नियमानुसार ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद देना था, मगर कार्य 75 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ और नगरपरिषद ने एक हेक्टेयर जमीन ठेकेदार दुर्गालाल कुमावत को दे दी। ठेकेदार वह जमीन बेचकर फरार हो गया।
Rajsamand city
Rajsamand News
Chief Minister's Public Housing Scheme
mukhyamantree jan aavaas yojana
Nagar Parishad rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में गरीबों के घर का सपना अधूरा, करोड़ों जमीन हड़प ठेकेदार फरार #rajsamandnews   #jaivardhannews
#rajsamandराजसमंद शहर में मुख्यमंत्री जन आवास योजना आमजन के लिए राहत की बजाय परेशानी का सबब बन गई है। नगर परिषद की लापरवाही और अनियमितताओं के चलते न सिर्फ हजारों लोगों का घर का सपना अधूरा रह गया, बल्कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के आरोप भी सामने आए। नगर परिषद ने शहर के पुलिस लाइन के व्य पीछे इस योजना के तहत 1072 फ्लैट बनाने बर का ठेका दिल्ली की एनसीसीएफ कंपनी को दिया था, जिसने आगे सब-लेट कॉन्ट्रैक्टर दुर्गालाल कुमावत को काम सौंपा। इसके लिए कुल चार हेक्टेयर जमीन दी गई, जिसमें तीन हेक्टेयर पर फ्लैट, सड़क और पार्क विकसित करने थे, जबकि एक हेक्टेयर जमीन का पट्टा नियमानुसार ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद देना था, मगर कार्य 75 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ और नगरपरिषद ने एक हेक्टेयर जमीन ठेकेदार दुर्गालाल कुमावत को दे दी। ठेकेदार वह जमीन बेचकर फरार हो गया।
Rajsamand city
Rajsamand News
Chief Minister's Public Housing Scheme
mukhyamantree jan aavaas yojana
Nagar Parishad rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में गरीबों के घर का सपना अधूरा, करोड़ों जमीन हड़प ठेकेदार फरार #rajsamandnews
#jaivardhannews
#rajsamandपिता के बाद मां भी लापता, मासूम बेटियां राे रो कर गुमसुमराजसमंद जिले के धानीन गांव में पहले पिता लापता हो गए और पांच दिन बाद मां भी बिन बताए कहीं चली गई। अब घर में 10 से 12 वर्ष की दो मासूम बेटियां घर पर अकेली है, जो अपनी मां व पिता के लिए रो रही, बिलख रही है। राजुलाल बलाई ने चारभुजा थाने में रिपोर्ट दी। बताया कि धानीन निवासी भूरालाल बलाई 31 जनवरी को उदयपुर जाने की बात कहकर गया, जाे वापस घर नहीं लौटा। फिर 4 अप्रैल को भूरालाल की पत्नी रेखा भी बिन बताए कहीं चली गई। अब घर में 10 वर्षीय बेटी सिमरन व 12 वर्षीय मनीषा का रो रो कर बुरा हाल है। वे अपने पिता व मां को घर लौट आने की करुण पुकार लगा रही है। भूरालाल व रेखा के बारे में कहीं पता चले या दिखे तो तत्काल उनके भाई राजूलाल के मोबाइल नंबर 77424-36738 पर सूचना दे सकते हैं।
.
#Rajsamandnewws #Todaynews #Jaivardhannews #RajsamandpoliceOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
पिता के बाद मां भी लापता, मासूम बेटियां राे रो कर गुमसुम #rajsamandnews
सांगठकला में हादसे में बंदर की मौत, दफनाया शव #socialwork #rajsamandnews  #jaivardhannews
#rajsamandराजसमंद जिले के सांगठकला में उच्च माध्यमिक स्कूल के सामने कार की टक्कर से एक बंदर गंभीर घायल हो गया। कार चालक फरार हो गया, जबकि क्षेत्रीय लोगों ने उसे संभाला, मगर कुछ ही देर बाद बंदर ने दम तोड़ दिया। इस पर ग्रामवासियों ने मिलकर तालाब किनारे खड्‌डा कर विधि विधान से बंदर के शव को दफनाया गया। इस दौरान नानसिंह, सुनील पालीवाल, भरतसिंह, सुरेशसिंह, रणजीतसिंह, लालसिंह, सोहनीबाई, लक्ष्मीबाई, नीरमा कुंवर व चंद्राबाई आदि मौजूद थे।Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
सांगठकला में हादसे में बंदर की मौत, दफनाया शव #socialwork #rajsamandnews
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram