
Aravalli Rajasthan : जयपुर जिले में स्थित अरावली पर्वतमाला क्षेत्र की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के स्पष्ट निर्देश पर खनिज विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने पिछले पांच दिनों तक सघन अभियान चलाया।
इस विशेष अभियान के दौरान अवैध खनन गतिविधियों तथा खनिजों के गैरकानूनी परिवहन के विरुद्ध व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसा।
50 लाख से अधिक की शास्ति वसूली
Jaipur Aravalli : कार्रवाई के दौरान अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन में प्रयुक्त कुल 50 वाहनों को जब्त किया गया। जब्त किए गए वाहनों में 02 Excavator मशीनें, 14 Dumper और 34 Tractor-Trolley शामिल हैं, जिनका उपयोग अरावली क्षेत्र में अवैध रूप से खनिजों के उत्खनन और परिवहन में किया जा रहा था।
Aravalli hills : खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया कि इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल 46 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनसे 50 लाख 36 हजार रुपये की शास्ति राशि वसूल कर सरकारी राजकोष में जमा कराई गई है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि अवैध खनन में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित हुई।

7 मामलों में FIR दर्ज
Environment protection : इसके अतिरिक्त, अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। इस क्रम में पुलिस थाना शिवदासपुरा में 1, कोटखावदा में 2, चाकसू में 3 और कानोता थाना क्षेत्र में 1, कुल 7 FIR दर्ज कराई गई हैं। सभी मामलों में नियमानुसार जांच एवं आगे की कार्रवाई जारी है।
Mining department : जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि या खनिजों के अवैध परिवहन को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ. सोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त, सतत और सघन अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि अरावली पर्वतमाला की प्राकृतिक संपदा, पर्यावरण संतुलन और भू-जल संरक्षण को सुरक्षित रखा जा सके। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
