
Best SIP to become Crorepati अगर आप करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो यह सपना सिर्फ ख्वाब नहीं रह सकता। म्यूचुअल फंड की सही स्कीम में लंबे समय तक निवेश करके आप इसे हकीकत बना सकते हैं। इसी तरह की एक बेहतरीन स्कीम रही है – Quant ELSS Tax Saver Growth Fund. अगर आपने इस स्कीम में 25 साल पहले मात्र ₹10,000 प्रति माह की SIP शुरू की होती, तो आज आपके पास लगभग ₹3.18 करोड़ का बड़ा फंड तैयार हो चुका होता।
🏦 Quant ELSS Tax Saver Fund SIP returns : कब शुरू हुई यह स्कीम?
Quant ELSS Tax Saver Fund SIP returns Quant ELSS Tax Saver Growth Fund की शुरुआत अप्रैल 2000 में हुई थी और इसे Quant Mutual Fund द्वारा मैनेज किया जाता है। यह स्कीम पिछले दो दशकों में जबरदस्त रिटर्न देती रही है। अगर कोई निवेशक अप्रैल 2000 से हर महीने ₹10,000 की SIP करता रहा होता, तो आज यानी 25 साल बाद उसका टोटल निवेश महज ₹14.70 लाख होता, लेकिन रिटर्न और चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से उसकी वैल्यू बढ़कर ₹3,18,71,404 हो जाती।
🔁 कैसे बढ़ा निवेश?
- 25 साल में कुल निवेश: ₹14.70 लाख
- मौजूदा वैल्यू: ₹3.18 करोड़
- इस पूरे समय के दौरान निवेशकों को मिला जबरदस्त compounding benefit
📊 Crorepati Mutual Fund Plan : छोटे-छोटे समय पर भी शानदार रिटर्न
Crorepati Mutual Fund Plan : अगर आप सोचते हैं कि इतने लंबे समय का इंतज़ार करना मुश्किल है, तो चलिए कुछ कम समय की SIP पर नजर डालते हैं:
✅ 3 साल में रिटर्न:
अगर आपने 3 साल तक हर महीने ₹10,000 निवेश किए होते, तो कुल निवेश ₹3.60 लाख होता, जिसकी वैल्यू बढ़कर ₹4.24 लाख हो गई होती। यानी 11.10% का रिटर्न मिला।
✅ 5 साल में रिटर्न:
5 साल तक हर महीने ₹10,000 निवेश करने पर कुल राशि ₹6 लाख होती। इस दौरान यह रकम बढ़कर ₹10 लाख हो गई – यानी लगभग 20.77% का सालाना रिटर्न।
✅ 7 साल में रिटर्न:
7 साल में ₹10,000 मासिक निवेश से कुल ₹8.4 लाख लगाए गए। इस दौरान फंड ने 22.62% का शानदार रिटर्न दिया और वैल्यू बढ़कर ₹18.76 लाख हो गई।
🚨 Top ELSS fund for tax saving 2025 : 1 साल में नुकसान का भी सामना
Top ELSS fund for tax saving 2025 हालांकि, यह बात भी जानना जरूरी है कि Mutual Fund निवेश बाज़ार की उठापटक से अछूता नहीं है। अगर आपने इस स्कीम में पिछले एक साल में SIP की शुरुआत की होती और हर महीने ₹10,000 लगाए होते, तो कुल निवेश ₹1.20 लाख होता, लेकिन मौजूदा वैल्यू घटकर ₹1.07 लाख रह गई है। इसका मुख्य कारण पिछले 6 महीनों में शेयर बाजार में आई तेज गिरावट है। इससे पता चलता है कि SIP का असली फायदा तभी मिलता है जब आप लंबे समय तक निवेश करते हैं।
📌 How to make 3 crore from SIP : इस स्कीम की प्रमुख खूबियां:
- How to make 3 crore from SIP : यह एक Equity-Linked Saving Scheme (ELSS) है, जिसमें निवेश करके आप टैक्स में भी छूट पा सकते हैं।
- यह फंड मुख्यतः शेयर बाज़ार में निवेश करता है, इसलिए इसमें रिस्क तो होता है, लेकिन रिटर्न की संभावना भी अधिक होती है।
- इस स्कीम का बेंचमार्क इंडेक्स है – NIFTY 500 TRI
- इस फंड का वर्तमान AUM (Assets Under Management) ₹10,405 करोड़ रुपये है।
🔐 Tax Benefit के साथ Wealth Creation
Quant ELSS Tax Saver Growth Fund आपको न केवल लंबी अवधि में अमीर बना सकता है, बल्कि धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी देता है। ऐसे में यह स्कीम उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो wealth creation के साथ-साथ tax planning भी करना चाहते हैं
अगर आप एक सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की योजना बना रहे हैं, तो ₹10,000 जैसी छोटी SIP भी आपको करोड़पति बना सकती है – बस ज़रूरत है तो निरंतर निवेश, धैर्य और सही स्कीम चुनने की। Quant ELSS जैसे फंड ने यह कर दिखाया है।
✅ Best SIP plan for salaried person : ELSS क्या होता है?
Best SIP plan for salaried person ELSS का पूरा नाम है Equity Linked Savings Scheme। यह एक प्रकार की Mutual Fund स्कीम होती है जो मुख्य रूप से शेयर बाजार (Equity) में निवेश करती है और साथ ही टैक्स बचाने में भी मदद करती है।
👉 ELSS के फायदे:
- Section 80C के तहत आप सालाना ₹1.5 लाख तक की राशि पर टैक्स छूट पा सकते हैं।
- केवल 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो PPF (15 साल), NSC (5 साल) जैसे अन्य टैक्स सेविंग ऑप्शन से बहुत कम है।
- Equity में निवेश होने के कारण इसमें लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
⚠️ ध्यान देने योग्य बातें:
- ELSS में रिटर्न गारंटीड नहीं होता क्योंकि यह मार्केट से जुड़ा होता है।
- निवेश करते समय 3 साल तक पैसा निकाल नहीं सकते।
- यह उन लोगों के लिए बेहतर होता है जो थोड़ा रिस्क लेकर ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं और टैक्स भी बचाना चाहते हैं।

💡 निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
1. 🎯 अपने लक्ष्य (Financial Goals) को स्पष्ट करें
निवेश से पहले यह तय करें कि आप पैसा क्यों लगा रहे हैं –
- बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए
- घर खरीदने के लिए
- रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जीवन के लिए
- या फिर टैक्स बचाने के लिए
आपका लक्ष्य तय करेगा कि कहां और कितने समय के लिए निवेश करना चाहिए।
2. ⏳ निवेश की अवधि (Investment Horizon) तय करें
आपका लक्ष्य शॉर्ट टर्म (1-3 साल), मीडियम टर्म (3-5 साल) या लॉन्ग टर्म (5 साल से ज्यादा) का हो सकता है।
- लंबी अवधि के निवेश में शेयर बाजार जैसे हाई रिटर्न विकल्प चुन सकते हैं।
- छोटी अवधि के लिए कम रिस्क वाले विकल्प जैसे FD या Debt Fund बेहतर होते हैं।
3. ⚖️ जोखिम सहने की क्षमता (Risk Appetite) समझें
हर इंसान की रिस्क लेने की क्षमता अलग होती है।
- अगर आप ज्यादा रिस्क झेल सकते हैं तो Equity या ELSS जैसे फंड चुनें।
- अगर आप Safe Play करना चाहते हैं तो PPF, FD, या Debt Funds को चुनें।
4. 📈 Diversification करें (पोर्टफोलियो में विविधता रखें)
अपने सारे पैसे एक ही जगह न लगाएं। शेयर, गोल्ड, FD, म्यूचुअल फंड – सबमें थोड़ा-थोड़ा निवेश करें ताकि अगर एक सेक्टर में नुकसान हो भी, तो बाकी संभाल लें।
5. 📊 रिटर्न ही नहीं, जोखिम और स्थिरता भी देखें
कई लोग सिर्फ ज्यादा रिटर्न देखकर ही निवेश कर देते हैं। लेकिन यह गलत है। निवेश करते समय यह भी देखें कि:
- उस फंड की पुरानी परफॉर्मेंस कैसी रही है
- कितना volatility है
- फंड मैनेजर की रणनीति कैसी है
6. 💰 SIP जैसी योजनाओं से शुरुआत करें
अगर आप एक साथ बड़ी रकम नहीं लगा सकते तो SIP एक बेहतरीन विकल्प है। इससे धीरे-धीरे निवेश होता है और लंबे समय में बड़ा कॉर्पस बनता है।
7. 📃 डॉक्युमेंट और स्कीम की पूरी जानकारी लें
कोई भी स्कीम चुनने से पहले उसके डॉक्युमेंट, टर्म्स और कंडीशन अच्छी तरह से पढ़ लें।
फंड का AUM, एक्सपेंस रेशियो, रिस्क लेवल, लॉक-इन पीरियड आदि समझना जरूरी है।
8. 📞 एक्सपर्ट से सलाह लें
अगर आप खुद निर्णय लेने में असमर्थ हैं, तो किसी SEBI रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद जरूर लें। यह आपकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी को बेहतर बनाएगा।
9. 📅 नियमित रिव्यू करें
निवेश एक बार करके भूल जाना सही नहीं है। अपने पोर्टफोलियो का हर 6 महीने या 1 साल में रिव्यू करें कि फंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है।
10. 🧘♂️ धैर्य रखें और भावनाओं से प्रभावित न हों
बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। डरकर निवेश बंद करना या जल्दीबाज़ी में पैसे निकाल लेना लॉन्ग टर्म रिटर्न को नुकसान पहुंचा सकता है। धैर्य रखें और सोच-समझकर फैसले लें।
⚠️ रिटर्न में उतार-चढ़ाव को लेकर जरूरी चेतावनी
म्यूचुअल फंड स्कीमों में निवेश पूरी तरह से बाजार जोखिमों (Market Risks) के अधीन होता है। इसमें मिलने वाला रिटर्न स्थायी या गारंटीड नहीं होता। शेयर बाजार में बदलाव, आर्थिक परिस्थितियों, वैश्विक घटनाओं, ब्याज दरों और नीतिगत फैसलों के कारण किसी भी समय स्कीम का प्रदर्शन बदल सकता है।
👉 इसीलिए, किसी स्कीम की पिछली परफॉर्मेंस को देखकर भविष्य के रिटर्न की उम्मीद करना हमेशा सही नहीं होता।
👉 बाजार में गिरावट के समय आपका निवेश घट भी सकता है, इसलिए लंबी अवधि का नजरिया और धैर्य जरूरी होता है।
👉 निवेश से पहले फंड से जुड़ी सभी जानकारियां, जोखिम स्तर और लॉक-इन पीरियड को ध्यान से समझना बेहद जरूरी है।
Disclaimer: निवेश करने से पहले एक प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें। आपकी लाभ या हानि के लिए संबंधित संस्था या प्लेटफॉर्म ज़िम्मेदार नहीं होगा।
