
Bharat Ko Jano Quiz : राजसमंद में 22 सितंबर, सोमवार को 100 फीट रोड पर स्थित देव हेरिटेज वाटिका में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित शाखा स्तरीय “भारत को जानो” प्रश्न मंच प्रतियोगिता ने सभी का मन मोह लिया। इस रोमांचक और ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता में कनिष्ठ वर्ग में गांधी सेवा सदन के राजवीर खत्री और अक्षत सिंह सिसोदिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वरिष्ठ वर्ग में आलोक स्कूल की यश्विनी सोनी और चार्वी शर्मा ने अपनी बुद्धिमत्ता और त्वरित जवाबों से विजेता का खिताब अपने नाम किया।
भारत विकास परिषद की राजसमंद शाखा द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का प्रथम चरण पिछले महीने शहर के विभिन्न स्कूलों में संपन्न हुआ था। शाखा अध्यक्ष महेंद्र कोठारी ने बताया कि प्रारंभिक चरण में “भारत को जानो” पुस्तक पर आधारित एक लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्गों में कुल 3510 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस परीक्षा में प्रत्येक स्कूल से दोनों वर्गों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दो-दो प्रतिभागियों को शाखा स्तरीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता के लिए चुना गया। इस अंतिम चरण में 20 स्कूलों से कुल 80 प्रतिभागियों ने अपनी बुद्धि और ज्ञान का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ हुआ। प्रकल्प प्रमुख जितेंद्र लड्ढा ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह डिजिटल बजर और स्मार्टफोन तकनीक पर आधारित था, जिसने इसे केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) की तर्ज पर रोमांचक और आधुनिक बनाया। प्रतियोगिता में आठ अलग-अलग राउंड शामिल थे, जिनमें भारत की संस्कृति, इतिहास, भूगोल, खेल, पर्यटन, राजनीति, देश-विदेश और स्थानीय विषयों से जुड़े रोचक सवाल पूछे गए।

रोमांचक राउंड्स ने बढ़ाई प्रतियोगिता की धमक
Alok School Bharat Ko Jano winners : प्रतियोगिता के विभिन्न राउंड्स ने दर्शकों और प्रतिभागियों को रोमांच से भर दिया। कुछ राउंड्स में नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) और बोनस अंक शामिल थे, जबकि ऑडियो-वीडियो राउंड, चित्र पहचानो, आवाज पहचानो, बजर राउंड, ऑडियंस पोल और हेल्पलाइन जैसे नवीन आयामों ने आयोजन को और भी आकर्षक बनाया। कई मौकों पर प्रतिभागियों ने माइक्रोसेकंड के अंतर से बजर दबाकर बाजी मारी, जिससे दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। तकनीकी सहायकों पंकज अग्रवाल और आदित्य व्यास की मदद से प्रतियोगिता का संचालन बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से हुआ।
विजेताओं का शानदार प्रदर्शन
Bharat Vikas Parishad Quiz Rajasthan : प्रकल्प प्रमुख जितेंद्र लड्ढा ने बताया कि कनिष्ठ वर्ग में गांधी सेवा सदन के राजवीर खत्री और अक्षत सिंह सिसोदिया ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि अक्षत सिंह सिसोदिया ने पिछले वर्ष भी कनिष्ठ वर्ग में पहला स्थान हासिल किया था, जो उनकी निरंतरता और प्रतिभा को दर्शाता है। वरिष्ठ वर्ग में आलोक स्कूल की यश्विनी सोनी और चार्वी शर्मा ने अपनी तीव्र बुद्धि और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया। दोनों वर्गों के विजेता अब प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिता में राजसमंद शाखा और अपने स्कूलों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित

Rajsamand quiz contest results 2025 : शाखा सचिव सुरेंद्र जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी 80 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह कदम न केवल उनके उत्साह को बढ़ाने के लिए उठाया गया, बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए भी था। लगभग पांच घंटे तक चली इस प्रतियोगिता का संचालन जितेंद्र लड्ढा ने किया, जबकि तकनीकी सहायता पंकज अग्रवाल और आदित्य व्यास ने प्रदान की।

परिषद के सदस्यों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी
आयोजन में भारत विकास परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें कमल किशोर व्यास, महिला संयोजिका सुमन सामसुखा, भगवती प्रसाद अजमेरा, सुनील लखोटिया, सुभाष पालीवाल, सुधीर व्यास, नीरज खाब्या, संजय सामसुखा, सुमन बडोला, पूजा बंग, नीतू पालीवाल, सोनिया बंग, स्नेहलता कोठारी, पुष्पा तापडिया, बिंदु चोर्डिया, निरुपमा धारीवाल, पूजा झंवर, सपना जैन, स्नेहलता नुवाल, स्नेहा झंवर, रीतू गोयल, चंदा देवपुरा और प्रिया सामसुखा शामिल थे। इसके अलावा, कई अभिभावक और स्कूलों के प्रभारी शिक्षक भी इस अवसर पर मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

समापन: एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक आयोजन
लगभग पांच घंटे तक चली इस प्रतियोगिता के समापन पर शाखा सचिव सुरेंद्र जैन ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों, प्रायोजकों और दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “भारत को जानो” जैसी प्रतियोगिताएं न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि उनमें देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना भी जगाती हैं।
