
Check electricity meter on mobile : राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर है। अब बिजली की खपत जानने के लिए आपको न तो बिजली विभाग के चक्कर लगाने होंगे, न ही महीनेभर इंतजार करना पड़ेगा। स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह सब कुछ आपके मोबाइल पर ही उपलब्ध होगा। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 1.42 करोड़ उपभोक्ताओं के घर, दुकानों, दफ्तरों और फैक्ट्रियों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इस कदम से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं को 15 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।
Rajasthan smart meter scheme : क्या है स्मार्ट मीटर योजना?
Rajasthan smart meter scheme : स्मार्ट मीटर योजना राज्य सरकार की एक नवीन और आधुनिक पहल है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक बिजली मीटरों को हटाकर सभी उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाना है। इस योजना के अंतर्गत लगाए जाने वाले Smart Meters को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है ताकि वे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा और पारदर्शिता प्रदान कर सकें। ये मीटर सीधे मोबाइल ऐप ‘बिजली मित्र’ से जुड़े होते हैं, जिससे उपभोक्ता अपनी रोज़ाना की बिजली खपत, अनुमानित बिल, और बिजली सप्लाई की गुणवत्ता की जानकारी आसानी से अपने मोबाइल फोन पर देख सकते हैं। इस तकनीक के ज़रिए उपभोक्ताओं को न केवल बिजली की खपत पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा, बल्कि समय पर बिल भरने और अनावश्यक खपत से बचने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, यह व्यवस्था बिजली कंपनियों के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि इससे बिलिंग में पारदर्शिता आती है और बिजली की चोरी को रोका जा सकता है।
स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर में क्या अंतर है ?
वर्तमान में जो सामान्य मीटर लगे होते हैं, वे मुख्य रूप से एनालॉग होते हैं, जिनमें बिजली की खपत की जानकारी सिर्फ मासिक बिल के दौरान ही मिलती है। इन मीटरों की रीडिंग मैन्युअल तरीके से ली जाती है, जो अक्सर कर्मचारी के घर पर आकर रीडिंग लेते हैं। इस प्रक्रिया में कई बार मानवीय त्रुटियां भी हो सकती हैं, जैसे रीडिंग में गलती होना, या मीटर रीडिंग के समय में कोई कमी हो सकती है। इसके अलावा, इन मीटरों से उपभोक्ता को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि वह कितनी बिजली उपयोग कर रहे हैं, और जब तक बिल नहीं आता, तब तक उन्हें अपनी खपत का सही अंदाजा नहीं होता। इसमें एक और समस्या यह होती है कि उपभोक्ता को अपनी खपत के बारे में कोई तत्काल जानकारी नहीं मिलती है, और यदि कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न हो, तो उसे सुधारने में वक्त लगता है। इसके अलावा, मासिक बिल आने के बाद अचानक बड़ा बिल आना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। अब, स्मार्ट मीटर के बारे में बात करें तो यह डिजिटल होते हैं और इंटरनेट के माध्यम से कनेक्टेड होते हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रियल टाइम में अपनी बिजली खपत को ट्रैक करने की सुविधा देते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता अपनी खपत के बारे में तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी खपत पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, अगर उपभोक्ता महसूस करते हैं कि उनकी खपत अधिक हो रही है, तो वे तुरंत अपना उपयोग कम कर सकते हैं। इसके अलावा, स्मार्ट मीटरों में ऑनलाइन रिचार्ज और बिल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध होती है, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार ऑफिस जाने या मैन्युअली बिल भरने की आवश्यकता नहीं होती। वे स्मार्टफोन या कंप्यूटर के जरिए अपनी खपत की पूरी जानकारी और बिल का भुगतान कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो जाती है। स्मार्ट मीटरों का एक और लाभ यह है कि वे अधिक पारदर्शिता और सटीकता के साथ बिलिंग प्रक्रिया को आसान बनाते हैं। इसमें कोई मानव हस्तक्षेप नहीं होता, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिलती रहती है कि उनका बिल कितना बढ़ रहा है और उन्हें किसे कनेक्शन की सटीक स्थिति का पता चलता है। इसके साथ ही, स्मार्ट मीटर से कंपनियों के लिए भी लाभ है, क्योंकि वे अपनी खपत और उपभोक्ताओं के डेटा का विश्लेषण बेहतर तरीके से कर सकती हैं। इससे कंपनियों को बिजली वितरण में सुधार करने और अधिक सटीक बिलिंग प्रणाली विकसित करने में मदद मिलती है।
Bijli Mitra app download : क्या स्मार्ट मीटर लगाने से हमारा बिजली बिल अधिक आएगा?
Bijli Mitra app download : नहीं, स्मार्ट मीटर लगाने से आपका बिजली बिल अधिक नहीं आएगा। स्मार्ट मीटर वही कार्य करता है, जो वर्तमान में लगे मीटर करते हैं, यानी यह भी आपकी बिजली खपत को रिकॉर्ड करता है। फर्क सिर्फ यह है कि स्मार्ट मीटर में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसे अधिक सटीक और पारदर्शी बनाता है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली की खपत को रियल टाइम में ट्रैक कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि आप अपने मोबाइल फोन के जरिए रोज़ की खपत का विवरण देख सकते हैं और यदि कोई बदलाव करना चाहते हैं तो तुरंत कर सकते हैं। यह मीटर बिजली सप्लाई और उपभोग की प्रक्रिया को स्मार्ट और प्रभावी बनाता है, जिससे उपभोक्ताओं को बिलिंग और खपत की जानकारी सही समय पर मिलती है। इससे बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की गलतफहमी या आकस्मिक बढ़े हुए बिल से बचने का मौका मिलेगा। इसलिए, स्मार्ट मीटर लगाने से सिर्फ आपके बिजली के उपयोग पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ेगा, लेकिन इसका असर केवल बिल की सटीकता और पारदर्शिता पर पड़ेगा, न कि इसके बढ़ने पर।
क्या स्मार्ट मीटर लगाने के लिए मुझे कोई भुगतान करना है, इसका कोई चार्ज मेरे बिल में जोड़ा जाएगा?
नहीं, स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ता से कोई भुगतान नहीं लिया जाएगा। न ही इसके लिए आपके बिजली बिल में कोई अतिरिक्त चार्ज जोड़ा जाएगा। घर पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए वेंडर आपके घर पर आएगा, लेकिन आपको उसे किसी प्रकार का भुगतान नहीं करना होगा, क्योंकि यह सेवा सरकार द्वारा पूरी तरह से मुफ्त दी जा रही है।
स्मार्ट मीटर की रीडिंग को उपभोक्ता मोबाइल पर भी रियल टाइम देख सकेंगे।
स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उपभोक्ता अपनी बिजली की खपत को रियल टाइम में अपने मोबाइल पर देख सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को अपनी खपत पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा और वे अपनी बिजली की खपत को ट्रैक कर सकेंगे।
क्या कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना कर सकता है?
नहीं, सरकार के आदेश के तहत सभी उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलना अनिवार्य है। चाहे वह घरेलू उपभोक्ता हो, कृषि या वाणिज्यिक उपभोक्ता, सभी को स्मार्ट मीटर लगवाना जरूरी होगा। इसके लिए किसी भी प्रकार की राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आपसे कोई राशि मांगी जाती है, तो आप टोल फ्री नंबर 1912 या 18001806507 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, और साथ ही नजदीकी ऑफिस में भी शिकायत की जा सकती है।
How to install smart electricity meter : क्या इससे बिल जमा करवाने की प्रक्रिया में कोई अंतर आएगा?
How to install smart electricity meter : स्मार्ट मीटर के लगने से बिजली बिल भरने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा। जैसा कि पहले था, बिजली बिल तय तारीख को ऑटो जनरेट होगा। भुगतान के लिए सभी मौजूदा विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जैसे- बिजली विभाग के काउंटर, ऑनलाइन पेमेंट गेटवे, मोबाइल वॉलेट और बैंकिंग ऐप। अगर समय पर भुगतान नहीं किया जाता और कनेक्शन कट जाता है, तो भुगतान के बाद बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। भुगतान करने के 30 मिनट के अंदर ही उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन फिर से जोड़ दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए पुराने सभी बिलों का भुगतान करना आवश्यक होगा।
Bijli Mitra mobile app features : क्या प्रीपेड की सुविधा मिलेगी?
Bijli Mitra mobile app features जी हां, स्मार्ट मीटर में उपभोक्ताओं को पोस्टपेड और प्रीपेड दोनों तरह से बिजली उपभोग (बिल) का भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। यदि कोई उपभोक्ता प्रीपेड टैरिफ चुनता है, तो उसे डिपार्टमेंट की तरफ से 15 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी। इसका मतलब यह है कि प्रीपेड योजना के तहत उपभोक्ताओं को एक बड़ा फायदा होगा, जिससे वे अपनी बिजली खपत पर अतिरिक्त बचत कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी उपभोक्ता का हर महीने बिजली उपभोग 100 यूनिट है, तो उसे 15 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी, जो कि कुल 15 रुपए की बचत करेगा। इसी तरह, अगर कोई उपभोक्ता 500 यूनिट बिजली खपत करता है, तो उसे 75 रुपए तक की छूट मिल सकती है। प्रीपेड योजना को बढ़ावा देने के लिए, इसका प्रचार भी किया जा रहा है। जब ग्राहक ‘बिजली मित्र’ ऐप को खोलते हैं, तो उन्हें 15 पैसे प्रति यूनिट डिस्काउंट का मैसेज नोटिफिकेशन और पॉपअप के जरिए प्राप्त होगा, जिससे उन्हें इस लाभ के बारे में जानकारी मिल सकेगी और वे इसका इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित होंगे।

Check electricity usage on mobile app : बिजली मित्र’ ऐप काम कैसे करेगा?
Check electricity usage on mobile app : स्मार्ट मीटर इंस्टॉल होने के बाद, उपभोक्ताओं को ‘बिजली मित्र’ मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। जब ग्राहक ऐप खोलेंगे, तो सीधे हाथ की तरफ उन्हें ‘माई स्मार्ट मीटर’ आइकन दिखाई देगा। इस आइकन पर टैप करते ही उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर रियल टाइम उपभोग (वर्तमान रीडिंग) देख सकते हैं।
इस ऐप से निम्नलिखित जानकारी मिल सकेगी:
- अब तक कितना उपभोग हुआ है: उपभोक्ता को वर्तमान रीडिंग के आधार पर पता चलेगा कि उन्होंने कितनी बिजली खपत की है।
- आगे का एस्टीमेटेड बिल: ऐप में उपभोक्ता को भविष्य में होने वाली खपत का अनुमानित बिल भी मिलेगा।
- यूनिट और खर्च का विवरण: मोबाइल स्क्रीन पर बाईं ओर कितनी यूनिट खर्च हो चुकी है और दाईं ओर कितने पैसे की बिजली खर्च हुई है, इसका अनुमान दिया जाएगा।
- घंटों के हिसाब से लोड: उपभोक्ता यह देख सकते हैं कि किसी विशेष घंटे में कितना बिजली उपभोग हुआ है। यह जानकारी ग्राफिकल रूप में प्रदर्शित की जाएगी, जिससे उपभोक्ता को अपनी बिजली खपत की विस्तृत जानकारी मिल सकेगी और वे अपनी खपत पर नियंत्रण पा सकेंगे।
इस तरह से ‘बिजली मित्र’ ऐप उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत को आसानी से ट्रैक करने, समझने और प्रबंधित करने में मदद करेगा।
Electricity bill tracking app : स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया कैसी होगी?
Electricity bill tracking app : स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने की प्रक्रिया में आमतौर पर 30 से 45 मिनट का समय लगता है, जो पूरी तरह से निर्भर करता है कि मीटर इंस्टॉल करने के स्थान पर किसी तरह की तकनीकी या अन्य समस्याएं तो नहीं हैं। प्रोसेस की शुरुआत होती है मीटर इंस्टॉलर के उपभोक्ता के घर पर पहुंचने से। सबसे पहले, इंस्टॉलर उपभोक्ता से उनका मौजूदा बिजली बिल मांगता है और बिल की सभी डिटेल्स को ठीक से वेरिफाई करता है, ताकि कोई भी गलत जानकारी ना हो। इसके बाद, इंस्टॉलर अपने मोबाइल ऐप के जरिए पुराने मीटर की फोटो खींचता है और उस पर दी गई रीडिंग को चेक करता है। इसके बाद, नया स्मार्ट मीटर इंस्टॉल किया जाता है। इंस्टॉलर स्मार्ट मीटर को सही तरीके से सेट करता है और उसकी भी फोटो लेता है ताकि रिकॉर्ड रखा जा सके। एक महत्वपूर्ण कदम है, उपभोक्ता से सही मोबाइल नंबर लेने का। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि उपभोक्ता अपनी हर दिन की बिजली खपत को रियल टाइम में ट्रैक कर सके। स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता अपने बिजली उपभोग को अपने स्मार्टफोन पर मॉनिटर कर सकते हैं, जिससे उन्हें बिजली बिल की सही जानकारी मिलती रहती है और वे अपनी खपत पर नियंत्रण पा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता और स्मार्ट मीटर की इंस्टॉलेशन सेवा सरकार द्वारा मुफ्त प्रदान की जाती है।
क्या हैं स्मार्ट मीटर के फायदे?
स्मार्ट मीटर लगाने के पायलट प्रोजेक्ट के तहत जो मीटर लगाए गए हैं, उनका शानदार रिस्पॉन्स मिला है। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से कई महत्वपूर्ण फायदे मिल रहे हैं। सबसे पहले, उपभोक्ता अब अपने घर, दुकान या फैक्ट्री में रियल टाइम में बिजली खपत का ट्रैक रख सकते हैं। अगर उपभोक्ता को महसूस होता है कि उसकी खपत ज्यादा हो रही है, तो वह रियल टाइम में इसका मॉनिटर कर सकता है। इससे वह व्यर्थ में चल रहे बिजली उपकरणों को बंद करके लोड को मैनेज कर सकता है, जो बिजली बचाने में मददगार होगा। इसके अलावा, बिजली न होने की शिकायतें भी जल्दी हल हो रही हैं, क्योंकि स्मार्ट मीटर की मदद से वितरण कंपनियों को तुरंत समस्या का पता चल जाता है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और समय पर समाधान मिलता है। कंपनियों को भी स्मार्ट मीटर से कई फायदे मिल रहे हैं। पहले, बिल में गलतियों की शिकायतें आम थीं, लेकिन अब स्मार्ट मीटर के जरिए बिलिंग प्रोसेस और अधिक सटीक हो गई है। इससे गलतियों की संख्या में काफी कमी आएगी या लगभग खत्म हो जाएगी। इसके अलावा, बिलिंग प्रोसेस भी ऑटोमेटिक और काफी आसान हो जाएगी। पुराने मीटरों के जरिए बिलिंग प्रोसेस में 15-20 दिन तक का समय लगता था, जबकि स्मार्ट मीटर के द्वारा यह प्रोसेस आधे समय में भी पूरी हो जाएगी। स्मार्ट मीटर सिस्टम एक केंद्रीकृत मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े होते हैं, जिससे एक ही जगह से पूरे क्षेत्र के मीटरों की निगरानी की जा सकती है। इससे बिजली वितरण कंपनियों को बेहतर नियंत्रण और निगरानी मिलती है, जिससे कार्यकुशलता बढ़ती है और सेवा में सुधार होता है। इस प्रकार, स्मार्ट मीटर लगाने से न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिल रही है, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों को भी बेहतर संचालन और कम समय में बिलिंग प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है।
डेली एनालिसिस रिपोर्ट
‘बिजली मित्र’ ऐप में स्क्रीन पर राइट साइड में ‘डेली एनालिसिस रिपोर्ट’ का एक टैब दिया गया है। इस पर टैप करते ही आपके घर की पूरी बिजली उपभोग की रिपोर्ट खुल जाएगी। इस रिपोर्ट के माध्यम से आप अपनी बिजली खपत को रोजाना, साप्ताहिक और मासिक आधार पर ट्रैक कर सकते हैं। यह रिपोर्ट आपको यह समझने में मदद करेगी कि किस दिन या किस समय आपके घर में अधिक बिजली खपत हो रही है, जिससे आप अपनी खपत को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे।
पावर क्वालिटी
‘बिजली मित्र’ ऐप में एक ‘पॉवर क्वालिटी’ का टैब भी दिया गया है, जो बीच में स्थित है। इस टैब पर टैप करते ही आप अपनी बिजली सप्लाई की गुणवत्ता को जांच सकते हैं। स्मार्ट मीटर वोल्टेज मानकों के हिसाब से सप्लाई हो रही है या नहीं, इसका रिकॉर्ड भी रखता है। यदि वोल्टेज में कोई वेरिएशन आता है, तो यह भी स्मार्ट मीटर द्वारा दर्ज किया जाएगा और ऐप पर दिखाया जाएगा। इसके अलावा, आपको यह भी जानकारी मिल सकेगी कि महीने में कब-कब आपके घर की बिजली सप्लाई बंद हुई या किसी कारणवश सप्लाई में कोई इंट्रप्शन (फ्लक्चुएशन) आई है। यह रिकॉर्ड भी आप ‘बिजली मित्र’ ऐप पर देख सकते हैं। इसके साथ ही, ऐप आपको यह जानकारी भी देगा कि कुल कितने घंटे बिजली की सप्लाई हुई और कितनी बिजली खपत हुई।
ऑन डिमांड
रियल टाइम में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए, ‘बिजली मित्र’ ऐप में एक ‘ऑन डिमांड’ टैब भी है। इस टैब का उपयोग करके आप यह देख सकते हैं कि आपके घर में किस समय पर लोड चल रहा है और उस लोड की एंपीयर की वैल्यू क्या है। यह जानकारी रियल टाइम में अपडेट होती है और आपके स्मार्टफोन पर तुरंत प्रदर्शित हो जाती है। इससे आप अपनी बिजली खपत पर पूरी तरह से नियंत्रण रख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से लोड को मैनेज कर सकते हैं।
स्मार्ट मीटर बताता, कहां बिजली अधिक लग रही
फायदे:
- मीटर रीडर की ज़रूरत नहीं होती।
- रियल टाइम बिल मॉनिटरिंग की सुविधा मिलती है।
- अनुमान नहीं लगाना पड़ता कि बिल कितना आएगा।
- समय की बचत होती है।
स्मार्ट मीटर एडवाइज़र की तरह काम करता है:
- यह बताता है कि 24 घंटे में कितनी बिजली का इस्तेमाल हुआ।
- पावर टैरिफ में बदलाव होने पर अलर्ट करता है।
- किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर ज़्यादा बिजली खर्च हो रहा हो, तो यह सुझाव देता है कि उसे रिप्लेस करें।
