
Child theft : राजसमंद जिले में नाथद्वारा के गोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय से एक दिन पहले सोमवार दोपहर को चोरी हुआ तीन दिन का नवजात बच्चा 9 घंटे बाद देर रात अपनी मां के पास पहुंच गया। एसपी ममता गुप्ता के साथ श्रीनाथजी थाना पुलिस के साथ साइबर, डीएसटी के विशेषज्ञ को शामिल करते हुए पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते चोरी का पर्दाफाश कर लिया। बच्चा चोरी की साजिश दोनों बहनों रचते हुए वारदात को अंजाम दिया। बच्चा फिलहाल स्वस्थ है, मगर डॉक्टरों की निगरानी में है और बच्चा चुराने वाली दोनों बहने पुलिस कस्टडी में है, जिसने घटना को लेकर पूछताछ जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया कि 1 अगस्त को बिन्दिया पत्नी चेतन भील प्रसव पीड़ा होने पर गोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती हुई और 2 अगस्त को सीजेरियन से प्रसव हो गया व बेटे का जन्म हुआ। फिर तीसरे दिन 4 अगस्त दोपहर अस्पताल में छुट्टी के दौरान सभी नर्सेज चार्ज हैंडओवर में व्यस्त थे, तभी नर्स के कपड़े पहने महिला वार्ड में पहुंची और प्रसूता व उसके पति चेतन भील से कहा कि बच्चे को ऊपर लेकर आओ, जांच करवानी है। इस पर चेतन ने छोटी बहन चंदा के साथ बच्चे को भेज दिया। वार्ड से बाहर ऊपरी मंजिल पर बच्चे को लेकर गई, तभी नर्स ने बोला कि आधार कार्ड लेकर आओ और बच्चे को मुझे दे दो। इस पर चंदा ने बच्चा नर्स के भेष में आरोपी महिला को दे दिया और चंदा वापस वार्ड में आधार कार्ड लेने गई और वापस उसी जगह आई, तो न तो नर्स के भेष में महिला दिखी और न ही बच्चा। इस पर चंदा सीधे वार्ड में आकर नर्सिंग स्टाफ को बताया। इस पर नर्स द्वारा बताया कि अभी तो कोई जांच भी नहीं हो रही है। इसके बाद अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें दो महिला संदिग्ध दिखाई दिए। सूचना पर श्रीनाथजी थाना प्रभारी मोहनसिंह व पुलिस उप अधीक्षक दिनेश सुखवाल भी घटना स्थल पर पहुंच गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी। फिर एसपी ममता गुप्ता पहले अस्पताल पहुंची और फिर श्रीनाथजी थाने में पहुंचकर पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग शुरू कर दी।
एसपी ने एएसपी महेंद्र पारीक व डीएसपी दिनेश सुखवाल के सुपरविजन में श्रीनाथजी थाना पुलिस के साथ साइबर, डीएसटी के साथ अन्य एक्सपर्ट थाना प्रभारियों को शामिल कर दिया। नाथद्वारा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेँत्र में होटल, हाइवे, ढाबे, दुकानो के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए बच्चा चुराने वाली दोनों महिलाओं की पहचान कर ली। देर रात को ही दो पुलिस टीमें उन दोनों महिलाओं के घर पहुंच कर पकड़ लिया और मासूम बच्चे को दस्तियाब करते हुए गोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती उसकी प्रसूता मां बिन्दिया को सौंप दिया। इससे पहले चिकित्सकीय टीम द्वारा उसकी जांच की गई, जो फिलहाल स्वस्थ पाया गया।
सूनी कोख भरने के लिए चुराया दूसरे का बच्चा

Baby kidnapping Nathdwara : गढ़वाड़ा, भानसोल, थाना घासा, जिला उदयपुर निवासी चेतना पत्नी महेंद्रसिंह राजपूत के कोई संतान नहीं है। कुछ माह पहले ही गर्भ ठहरा, मगर कुछ दिनों बाद गर्भपात हो गया। लंबे समय से यह समस्या थी, जिसका उसने नाथद्वारा से लेकर उदयपुर तक इलाज कराया, मगर गर्भ नहीं ठहरा। इस बार गर्भपात होने पर भी उसने पति व परिजनों को नहीं बताया और वह बच्चे को लेकर टेंशन में आ गई। फिर उसने छोटा बच्चा कहीं से चुराकर लाने की साजिश रच ली। नाथद्वारा अस्पताल से बच्चा चुराकर लाने व दूधमुंहे बच्चे को दूध पिलाने के लिए चेतना ने अपनी बड़ी बहन डिंगेला, नाथद्वारा निवासी भारती पत्नी भैरूसिंह राजपूत को शामिल कर लिया, ताकि बच्चे को तत्काल दूध पिला सके। इस तरह चेतना ने बच्चा चोरी की साजिश रची और इस साजिश को अंजाम देने के लिए बहन भारती को शामिल कर दिया। उसके बाद बच्चा चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। Rajsamand News Today
मां के साथ परिजनों ने नहीं खाया खाना

Govardhan hospital baby theft case : नाथद्वारा अस्पताल से बच्चा चोरी होने की घटना के बाद मां बिन्दिया व पति चेतन के साथ सास सुगना का रो रो कर बुरा हाल हो गया। बच्चा चोरी होने के बाद परिजनों ने शाम को खाना भी नहीं खाया। रात करीब 12 बजे पुलिस के साथ जैसे ही बच्चा वापस लाया, तो मां बिन्दिया ने गले लगा दिया और राहत की सांस ली। इसके साथ चेतन व परिजनों ने पुलिस द्वारा तलाश कर बच्चे को लाने पर आभार व धन्यवाद ज्ञापित करते दिखाई दिए। बच्चा मिलने पर बरबस ही परिजनों के चेहरे पर खुशी छलक रही थी।
संतान की सोच ने मां को बनाया शैतान

Child stolen by women in nurse disguise एक महिला के जेहन में बच्चा चोरी करने की मंशा आखिर क्यों आ गई। क्या प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर परिवार या समाज का कोई दबाव था। यह यक्ष सवाल हर किसी के जेहन में आता है। खुद की कोख हरी करने के लिए कोई कैसे दूसरे की कोख को उजाड़ सकता है। इस विषय न सिर्फ समाज को, बल्कि सरकार व प्रशासन को भी जनजागरुकता को लेकर ध्यान देने की जरूरत है। क्या वाकई महिलाओं पर इस तरह संतान पैदा करने का कोई दबाव है और अगर है, तो यह आधुनिक युग पर बड़ा काला धब्बा है। आधुनिक सोच में इस तरह की घिनौनी सोच को बदलने की जरूरत है।



