
Dariba mine news : राजसमंद जिले में हिन्दुस्तान जिंक दरीबा माइंस युनियन उपाध्यक्ष नरहरिदेव सिंह राठौड़ पर जानलेवा हमले के बाद आक्रोशित श्रमिक साढ़े 21 घंटे बाद काम पर लौटे। दोपहर तक दस हजार श्रमिक युनियन कार्यालय पर धरने पर बैठे रहे और एसके माइंस, आरडी माइंस व दरीबा प्लांट में लाखों रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। नाथद्वारा डीएसपी शिप्रा राजावत के आश्वासन व युनियन उपाध्यक्ष की अपील के बाद शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे सभी श्रमिक दोना माइंस व प्लांट में काम पर लौट गए। हालांकि युनियन ने चेतावनी दी कि अगर शनिवार सुबह तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए, तो सभी श्रमिक राजसमंद जिला कलक्ट्री पहुंचकर अनिश्चितकाल के लिए धरना देकर प्रदर्शन करेंगे।
Rajsamand Dariba mine : नाथद्वारा पुलिस उप अधीक्षक शिप्रा राजावत ने बताया कि दरीबा माइंस के युनियन उपाध्यक्ष नरहरिदेवसिंह राठौड़ पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट आई। रेलमगरा थाने में प्रकाश जाट व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश के लिए अलग अलग पुलिस टीमों का गठन कर दिया। इस बीच गुरुवार दोपहर बाद से ही आक्रोशित श्रमिक रेलमगरा थाने पहुंच गए और एसके माइंस, आरडी माइंस व दरीबा प्लांट में कार्य का बहिष्कार हजारों श्रमिक युनियन कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इस पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार समझाइश की जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वार्ता करते हुए समझाइश की गई। इस पर युनियन उपाध्यक्ष नरहरिदेवसिंह ने सभी श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि माइंस प्रबंधन के साथ पुलिस व प्रशासन उनके साथ है और अब तक सकारात्मक रुख रहा है। ऐसी स्थिति बेवजह माइंस में उत्पादन बंद रखना उचित नहीं है। इसलिए सभी श्रमिक काम पर लौट जाए और शनिवार सुबह तक भी आरोपी नहीं पकड़े जाएंगे तो सभी लोग राजसमंद जिला कलक्ट्री पहुंचकर धरना देंगे। इस पर युनियन नेता के आश्वासन के बाद सभी श्रमिक शांत हुए और शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे एसके माइंस, आरडी माइंस व दरीबा प्लांट में काम पर लौट गए। इस तरह गुरुवार दोपहर 2 बजे से तीनों जगह उत्पादन ठप था, जो शुक्रवार दोपहर बाद सुचारू उत्पादन शुरू हो सका। करीब दस हजार श्रमिकों के कार्य बहिष्कार से हिन्दुस्तान जिंक के करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है।

पहले थाने का घेराव, फिर दरीबा में धरना
Hindustan Zinc union : युनियन लीडर पर हमले के बाद आक्रोशित लोगों ने रेलमगरा थाने का घेराव किया। रेलमगरा थाना प्रभारी प्रवीणसिंह के साथ डीएसपी शिप्रा राजावत भी पहुंच गई। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। डीएसपी ने निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब तक उग्र श्रमिक शांत हुए और सभी श्रमिक थाने से हटकर दरीबा युनियन कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
वर्चस्व के झगड़े की भी आशंका
Dariba Mines workers protest : दरीबा माइंस में श्रमिकों की नौकरी लगने, हटने व कार्रवाई को लेकर युनियन उपाध्यक्ष नरहरिदेव सिंह सुर्खियों में रहते हैं। युनियन में दस हजार से ज्यादा श्रमिक हैं, जिससे राजनीति दृष्टि से भी प्रभाव रखते हैं। युनियन में गुटबाजी भी है, तो राजनीति गुट भी बने हुए हैं। इसके चलते कई बार श्रमिकों के बीच झड़प हो चुकी है। हालांकि इस तरह प्रत्यक्ष तौर पर युनियन लीडर पर अटैक पहली बार हुई, जिसको लेकर पूरा पुलिस प्रशासन अलर्ट है और हर एक पहलु पर गहन जांच में जुटी है।

युनियन लीडर बोले- हमले के पीछे राजनीति षड़यंत्र
Railmagra Dariba mines : दरीबा माइंस युनियन उपाध्यक्ष नरहरिदेवसिंह ने कहा कि प्रकाश जाट व कुछ लोगों द्वारा हथियार व लठ से जानलेवा हमला किया है। कार से भी तोड़ फोड़ की, मगर तब तक कई लोग एकत्रित हो गए, जिससे हमलावर भाग गए। श्रमिकों की बात करता हूं और श्रमिक हित में हमेशा खड़ा रहता हूं, जिसकी वजह से कई लोग द्वेषता रखते हैं और कुछ राजनीति साजिश भी रखते हैं। पुलिस जल्द आरोपी को पकड़े और पूरे मामले का खुलासा करें और उन सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत न करें।
पुलिस जल्द करेगी आरोपी गिरफ्तार
दरीबा मजदूर युनियन नेता पर हमले में पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल समझाइश के बाद श्रमिक काम पर लौट गए और एसके माइंस, आरडी माइंस व दरीबा प्लांट में कामकाम सुचारू शुरू हो गया है। फिलहाल अशांति जैसी कोई बात नहीं है। हमले के बाद पीछे क्या कारण है, यह तो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। शिप्रा राजावत, पुलिस उप अधीक्षक नाथद्वारा
दरीबा मामले में करणी सेना की चेतावनी
दरीबा माइंस यूनियन के नेता नीरू बना पर हुए हमले को लेकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना कड़े शब्दों में निंदा की है। उदयपुर जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत गढ़पुरा ने शासन व प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि इस जघन्य घटना में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।शासन–प्रशासन से मांग है कि आज शाम तक आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। अन्यथा, करणी सेना, यूनियन टीम एवं सर्व समाज मिलकर रेलमगरा थाने का घेराव करेंगे और आगे की रणनीति के तहत बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
