
Doctor negligence case : राजसमंद जिले में भीम थाना क्षेत्र के सेलमा बली गांव निवासी महिला की नसबंदी के बाद हालत बिगड़ने से मौत को लेकर परिजन व ग्रामीणों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उप जिला चिकित्सालय भीम के बाहर धरना दिया। चिकित्सक पर सख्त कार्रवाई के साथ ही आहत व पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि दिलाने व परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी की मांग उठाई है। इधर, पीएमओ डॉ. सुरेश मीणा बोले कि महिला की मृत्यु होना दु:खद है, मगर चिकित्सक की कोई लापरवाही नहीं है।
Bhim Police Station : भीम थाना प्रभारी भंवरलाल कुमावत ने बताया कि सेलमा निवासी पदमाराम पुत्र चतराराम सालवी ने थाने में रिपोर्ट दी। बताया कि उसके छोटे भाई ख़ीमाराम सालवी की पत्नी डालीबाई (33) का उप जिला चिकित्सालय भीम में कुछ दिनों पहले सामान्य प्रसव हुआ। उस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश यादव द्वारा नसबंदी कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सामान्य प्रसव में बेटी का जन्म होने के बाद घर जाकर 17 अप्रैल को वापस महिला भीम के उप जिला चिकित्सालय पहुंची, जहां नसबंदी के लिए एनेस्थिसिया द्वारा बेहोश किया गया। फिर डॉ. नीलेश यादव व टीम द्वारा नसबंदी की गई।
Hospital negligence : फिर उसे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी महिला की धड़कने अचानक बंद हो गई। इस पर तत्काल एनेस्थिसिया व स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित अन्य डॉक्टर पहुंच गए और उसे ऑक्सीजन देते हुए इलाज किया। फिर सामान्य सांस चलने लगी, मगर तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे ब्यावर रेफर कर दिया गया। इस पर परिजन उसे लेकर ब्यावर के अमृत कौर चिकित्सालय ले गए, जहां करीब दो घंटे तक इलाज चला, मगर हालत ज्यादा बिगड़ने पर वहां के चिकित्सकों द्वारा महिला डालीबाई सालवी को आगे रेफर कर दिया, तो परिजन अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान सोमवार सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। इस पर परिजन आक्रोशित होकर भीम के उप जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां डॉ. नीलेश यादव पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की। साथ ही डॉक्टर के खिलाफ भीम थाने में रिपोर्ट दे दी। पुलिस ने परिवाद दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।
महिला का शव अजमेर, धरना भीम में
Rajsamand Police : नसबंदी के बाद डालीबाई की अजमेर चिकित्सालय में मृत्यु होने पर शव अजमेर चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा है। परिजन चिकित्सक पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को पचास लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी और पीड़ित को मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे।

अस्पताल के बाहर धरना देकर किया प्रदर्शन
Rajsamand News : नसबंदी के बाद महिला की मौत को लेकर परिजन व ग्रामीणों ने उप जिला चिकित्सालय भीम के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। चिकित्सक के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में भीम एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और समझाइश के प्रयास किए, मगर ग्रामीण रजामंद नहीं हुए। दिनभर धरने के बाद कोई नतीजा नहीं निकल पाया। अब मंगलवार को फिर ग्रामीण धरने पर बैठेंगे।

पीएमओ बोले- डॉक्टर की गलती नहीं
उप जिला चिकित्सालय भीम के पीएमओ डॉ. सुरेश मीणा का कहना है कि नसबंदी में चिकित्सक की कोई लापरवाही नहीं है। नसबंदी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में सरकार द्वारा करीब दो लाख रुपए सहायता राशि दी जाती है। ग्रामीणों के आरोप निराधार है। उनके द्वारा थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस का पत्र मिलने पर नियमानुसार चिकित्सकीय टीम का गठन कर जांच करवा दी जाएगी।
