
Rajasthan Food Security Scheme news : राजस्थान में चल रही Food Security Scheme को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार की ओर से ई-केवाइसी (e-KYC) अनिवार्य किए जाने के बाद लाखों लोगों की पात्रता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ई-केवाइसी नहीं करवाने के कारण अब तक प्रदेश में करीब 26 लाख लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे इन लाभार्थियों को अब सरकारी सस्ता राशन नहीं मिल पाएगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार यह कार्रवाई National Food Security Act (NFSA) 2013 के तहत लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए की जा रही है। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे, इसके लिए डिजिटल वेरिफिकेशन और e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है।
तीन साल में 89 लाख अपात्र बाहर
Rajasthan ration card news 2026 : सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र लोगों की पहचान हुई है। दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच प्रदेशभर में 89 लाख 1 हजार 39 लोगों के नाम पात्रता सूची से हटाए गए हैं। हालांकि इसी अवधि में नए पात्र परिवारों को भी योजना से जोड़ा गया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 85 लाख 65 हजार 190 नए लाभार्थियों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल किए गए हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
कोटा जिले में भी बड़ी कार्रवाई
Ration card eKYC Rajasthan : राज्य के अन्य जिलों की तरह कोटा जिले में भी e-KYC अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार यहां करीब 50 हजार लोगों ने e-KYC नहीं करवाया, जिसके कारण उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
इसके अलावा जांच में कई ऐसे लोग भी सामने आए जो योजना के लिए पात्र नहीं थे। ऐसे मामलों को मिलाकर कोटा जिले में लगभग 1 लाख 70 हजार लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए गए हैं।

“गिव अप अभियान” के तहत मौका
NFSA Rajasthan update : सरकार की ओर से अपात्र लोगों को स्वयं योजना छोड़ने के लिए “Give Up Campaign” भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऐसे लोग, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं या योजना के पात्र नहीं हैं, वे स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा सकते हैं।
इस अभियान को लेकर विभाग का कहना है कि हजारों लोगों ने पहले ही रसद विभाग (Food & Civil Supplies Department) में आवेदन देकर अपना नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
28 फरवरी तक अंतिम मोहलत
National Food Security Act Rajasthan news : सरकार ने इस Give Up Campaign की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की है। इस अवधि तक अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ सकते हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ उठाता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गेहूं की राशि भी वसूली जाएगी
विभाग ने साफ किया है कि जिन अपात्र लोगों ने अब तक योजना के तहत सब्सिडी वाला गेहूं उठाया है, उनसे इसकी राशि वसूली जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में 27 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं की कीमत वसूल की जाएगी। इसके लिए संबंधित व्यक्तियों को नोटिस भी भेजे जा सकते हैं।
डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास
सरकार का कहना है कि e-KYC और डिजिटल वेरिफिकेशन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता लाई जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का लाभ केवल गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
इसके साथ ही विभाग द्वारा लगातार डेटा अपडेट, आधार लिंकिंग और लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि भविष्य में अपात्र लोगों को योजना से बाहर रखा जा सके।
पात्र लोगों से e-KYC करवाने की अपील
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द e-KYC प्रक्रिया पूरी करवा लें, ताकि उनका नाम सूची से न हटे और उन्हें सस्ता राशन मिलता रहे। विभाग के अनुसार राशन डीलर, ई-मित्र केंद्र या संबंधित कार्यालय में जाकर e-KYC करवाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इस अभियान से योजना की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी।
