
Gold Price Today : चांदी (Silver) ने आज एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार, 10 जून को 1 किलो चांदी की कीमत में ₹897 की तेजी आई, जिसके बाद यह अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) ₹1,06,457 प्रति किलो पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी का उच्चतम स्तर ₹1,05,560 प्रति किलो था, जो अब पीछे छूट गया है। इस तेजी ने चांदी को निवेशकों और ज्वेलरी बाजार में चर्चा का केंद्र बना दिया है।
वहीं, सोने (Gold) की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिला है। 24 कैरेट सोने का दाम 10 ग्राम के लिए ₹142 की वृद्धि के साथ ₹96,006 पर पहुंच गया है। सोमवार को यह ₹95,864 प्रति 10 ग्राम पर था। हालांकि, सोने का यह स्तर अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से थोड़ा पीछे है। गौरतलब है कि 21 अप्रैल 2025 को सोने ने ₹99,100 प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई (All-Time High) बनाया था। इस बढ़ोतरी ने सोने-चांदी के बाजार में हलचल मचा दी है, और निवेशक अब कीमती धातुओं (Precious Metals) को सुरक्षित निवेश (Safe Investment) के रूप में देख रहे हैं।
इस साल सोने-चांदी में भारी उछाल
Chandi ka Bhav : सोने और चांदी की कीमतों में इस साल जबरदस्त तेजी देखी गई है। 1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹76,162 थी, जो अब ₹19,844 की बढ़ोतरी के साथ ₹96,006 पर पहुंच गई है। यानी, इस साल सोने में करीब 26% की वृद्धि हुई है। दूसरी ओर, चांदी की कीमत में भी उल्लेखनीय तेजी आई है। साल की शुरुआत में चांदी ₹86,017 प्रति किलो थी, जो अब ₹20,440 की वृद्धि के साथ ₹1,06,457 प्रति किलो हो गई है। यह करीब 24% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
पिछले साल यानी 2024 की बात करें तो सोने की कीमत में ₹12,810 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई थी। इस साल की तुलना में पिछले साल की वृद्धि कम थी, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने सोने और चांदी को निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता (Global Uncertainty), मुद्रास्फीति (Inflation) और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण लोग सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
कीमतों में तेजी के कारण
Sone ka Bhav : सोने और चांदी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और डॉलर की कीमत में उतार-चढ़ाव (Dollar Fluctuations) है। इसके अलावा, भारत में शादी-विवाह का सीजन (Wedding Season) और त्योहारों की मांग ने भी कीमतों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। चांदी की औद्योगिक मांग (Industrial Demand) भी बढ़ी है, क्योंकि इसका उपयोग सोलर पैनल (Solar Panels), इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) और मेडिकल उपकरणों (Medical Equipment) में बड़े पैमाने पर होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 2,400 डॉलर प्रति औंस (Dollar per Ounce) के आसपास कारोबार कर रही हैं, जो एक मजबूत संकेत है। वहीं, चांदी की कीमतें भी 35 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच रही हैं। अगर यह गति बनी रही, तो चांदी जल्द ही ₹1.10 लाख प्रति किलो के स्तर को पार कर सकती है।
निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए सलाह
जिन लोगों ने पहले सोने और चांदी में निवेश किया था, वे इस तेजी से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञ नए निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे बाजार को अच्छी तरह समझने के बाद ही निवेश करें। सोने और चांदी में निवेश के कई तरीके हैं, जैसे फिजिकल गोल्ड (Physical Gold), गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF), सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) और डिजिटल गोल्ड (Digital Gold)। चांदी के लिए भी फिजिकल सिल्वर (Physical Silver) और सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) जैसे विकल्प मौजूद हैं।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि अगर वे ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं, तो कीमतों में और बढ़ोतरी होने से पहले खरीदारी कर लें। हालांकि, त्योहारों और शादी के सीजन को देखते हुए बाजार में भीड़ बढ़ सकती है, इसलिए समय और बजट का ध्यान रखना जरूरी है।
Gold rate today : प्रमुख शहरों मे सोने का भाव
Silver Price Today : प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।

Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें।



