
सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 1 जनवरी से 15 मार्च के बीच सोने की कीमत में 16% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। शनिवार को सोना 91 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया, जबकि चांदी भी अपनी चमक बिखेरते हुए 1,03,600 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। आइए जानते हैं कि सोने-चांदी की कीमतों में हो रही इस बढ़ोतरी के पीछे क्या कारण हैं और भविष्य में इसका क्या रुख रह सकता है।
Chandi ka Bhav : सहालग खत्म, फिर भी सोने की कीमतों में उछाल
Chandi ka Bhav : त्योहारी सीजन और शादियों का दौर खत्म होने के बावजूद सोने के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। नए साल की शुरुआत से अब तक सोने में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में शनिवार को सोना 91 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी भी इस उछाल में पीछे नहीं रही और 1,03,600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।
सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि यह तेजी अभी और जारी रह सकती है। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए सोने की कीमतें स्थिर रह सकती हैं या हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन साल 2025 के अंत तक यह कीमत 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
Sone Ka Bhav : सोने की कीमतों में वृद्धि के 3 प्रमुख कारण
Sone Ka Bhav : 1. शेयर बाजार में अस्थिरता और वैश्विक तनाव
चौक सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आदिश जैन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव तथा शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। बाजार की अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिसमें सोना सबसे उपयुक्त विकल्प बनकर उभर रहा है।
2. अमेरिकी टैरिफ नीति और विदेशी पूंजी का बहिर्वाह
अमेरिका द्वारा अपनी टैरिफ नीति में किए गए बदलावों के कारण भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की पूंजी निकल रही है। इसके अलावा, भारतीय निवेशकों का भी रुझान अब शेयर बाजार से हटकर सोने की ओर हो रहा है। शादी-विवाह के लिए सोना खरीदने वाले ग्राहकों को भी अब बढ़ती कीमतों के कारण अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
3. सोने की कम आपूर्ति और बढ़ती उत्पादन लागत
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ हेड अनुराग रस्तोगी के अनुसार, सोने के दामों में बढ़ोतरी के पीछे एक और बड़ा कारण इसकी कम आपूर्ति है। वैश्विक स्तर पर सोने की खदानों से उत्पादन अपेक्षाकृत कम हो रहा है, जबकि उसकी लागत बढ़ रही है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे इसकी कीमतें ऊपर जा रही हैं। निवेशकों को एक स्थिर और सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश होती है, और मौजूदा हालात में सोना उन्हें सबसे अधिक सुरक्षित लग रहा है। सोने- चांदी का भाव
Aaj Kya Sone Chandi ka Bhav : सोने-चांदी की कीमतों में हालिया उछाल
| तारीख | सोना (10 ग्राम में कीमत) | चांदी (प्रति किलो) |
|---|---|---|
| 1 जनवरी 2025 | 78,715 रुपये | 90,500 रुपये |
| 31 जनवरी 2025 | 83,210 रुपये | 98,500 रुपये |
| 1 फरवरी 2025 | 84,500 रुपये | 95,300 रुपये |
| 9 फरवरी 2025 | 87,315 रुपये | 99,500 रुपये |
| 15 मार्च 2025 | 91,000 रुपये | 1,03,600 रुपये |
आगे क्या?
आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना अभी भी एक मजबूत निवेश विकल्प बना रहेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर 2025 तक सोना 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। इसलिए, जो लोग इसमें निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह अभी भी एक अच्छा समय हो सकता है। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता, शेयर बाजार में गिरावट और सोने की आपूर्ति में कमी है। निवेशक अब सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यदि आप भी सोने में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय लंबी अवधि के लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है।
Gold rate today : प्रमुख शहरों मे सोने का भाव
Silver Price Today : प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें।

