
Gold Rate Today : सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह शानदार तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, 4 जुलाई 2025 को 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹97,021 पर था, जो अब 11 जुलाई को ₹97,511 पर पहुंच गया है। इस तरह, मात्र सात दिनों में सोने की कीमत में ₹490 की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, चांदी ने इस सप्ताह नया कीエン्ट ऑल टाइम हाई बनाया। 4 जुलाई को चांदी की कीमत ₹1,07,580 प्रति किलोग्राम थी, जो 11 जुलाई को ₹1,10,290 पर पहुंच गई, यानी इसमें ₹2,710 की उछाल आई। इस साल अब तक सोने और चांदी की कीमतों में 28% की बढ़ोतरी हो चुकी है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे क्या कारण हैं।
सोना और चांदी की कीमतों में उछाल
IBJA के डेटा के अनुसार, सोने ने इस सप्ताह ₹490 प्रति 10 ग्राम की बढ़त हासिल की, और यह 18 जून 2025 को अपने ऑल टाइम हाई ₹99,454 की तुलना में थोड़ा नीचे है। वहीं, चांदी ने 11 जुलाई को ₹1,10,290 प्रति किलोग्राम का नया रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले सप्ताह की तुलना में ₹2,710 की वृद्धि दर्शाता है। यह तेजी वैश्विक और घरेलू बाजारों में मांग बढ़ने और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।
2025 में अब तक की तेजी: सोना-चांदी 28% महंगे
Chandi ka Bhav : इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। 1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹76,162 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब ₹97,046 पर पहुंच गई है, यानी इसमें ₹20,882 की वृद्धि हुई। यह लगभग 27.4% की बढ़ोतरी है। दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹86,017 प्रति किलोग्राम से बढ़कर ₹1,07,934 हो गई है, जो ₹21,917 या 25.5% की वृद्धि दर्शाता है। कुल मिलाकर, 2025 में सोने और चांदी की कीमतें औसतन 28% बढ़ी हैं।
पिछले साल, यानी 2024 में, सोने की कीमत में ₹12,810 की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि इस साल की तेजी ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। चांदी ने भी पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक तेजी दिखाई है।
कीमतों में तेजी के पीछे क्या हैं कारण?
सोने और चांदी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:
- जियो-पॉलिटिकल टेंशन: केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने सोने और चांदी की मांग को बढ़ावा दिया है। ये सेफ हेवन एसेट्स माने जाते हैं, जिनमें अनिश्चितता के समय निवेश बढ़ता है।
- महंगाई और करेंसी वैल्यू: वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और कुछ प्रमुख मुद्राओं के मूल्य में कमी ने सोने की मांग को और मजबूत किया है।
- आयात शुल्क में बदलाव: भारत में सोने पर आयात शुल्क में हाल की कटौती ने इसकी मांग को बढ़ाया है, जिसका असर कीमतों पर भी पड़ा है।
- निवेश में वृद्धि: म्यूचुअल फंड्स, ETFs (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स), और व्यक्तिगत निवेशकों की ओर से सोने और चांदी में निवेश बढ़ा है, जिसने कीमतों को ऊपर की ओर धकेला है।
- चांदी की औद्योगिक मांग: सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में चांदी की बढ़ती मांग ने भी इसकी कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाया है।
₹1 लाख 3 हजार तक जा सकता है सोना
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां और मांग को देखते हुए सोने की कीमतें 2025 के अंत तक ₹1,03,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। वहीं, चांदी की कीमतें ₹1,30,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती हैं। ये अनुमान जियो-पॉलिटिकल टेंशन, इन्फ्लेशन, और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर आधारित हैं।
इसके अलावा, विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार में त्योहारी सीजन (दिवाली और धनतेरस) के दौरान सोने और चांदी की मांग में और वृद्धि हो सकती है, जिससे कीमतें नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। भारत में सोने को न केवल निवेश के रूप में देखा जाता है, बल्कि यह सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व भी रखता है, खासकर शादियों और त्योहारों के दौरान।
निवेशकों और खरीदारों के लिए सलाह
- निवेश रणनीति: सोने और चांदी में निवेश करने वालों को सलाह दी जाती है कि वे गोल्ड ETFs या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स जैसे विकल्पों पर विचार करें, जो भौतिक सोने की तुलना में अधिक लिक्विडिटी और कम मेकिंग चार्जेज प्रदान करते हैं।
- खरीदारी का समय: त्योहारी सीजन से पहले सोने और चांदी की कीमतों में और उछाल की संभावना है, इसलिए अभी खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है।
- बाजार की निगरानी: वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखें, क्योंकि ये कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं।
- चांदी में निवेश: चांदी की औद्योगिक मांग को देखते हुए यह निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है, खासकर सौर ऊर्जा क्षेत्र में इसकी बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए।
सोने और चांदी की कीमतों में इस साल अब तक 28% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, और यह तेजी आने वाले महीनों में भी जारी रहने की संभावना है। IBJA और MCX के आंकड़े बताते हैं कि सोना ₹97,511 और चांदी ₹1,10,290 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुके हैं। जियो-पॉलिटिकल टेंशन, बढ़ती मांग, और औद्योगिक उपयोग जैसे कारकों ने इन कीमती धातुओं को निवेशकों और खरीदारों के लिए और आकर्षक बना दिया है। विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार, 2025 के अंत तक सोना ₹1,03,000 और चांदी ₹1,30,000 तक पहुंच सकती है। इसलिए, निवेशकों और खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों पर नजर रखें और सही समय पर निवेश का फैसला लें।
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22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।

Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें



