
Hindu Navavarsh : हिन्दू नववर्ष के उपलक्ष्य में राजसमंद शहर के श्री बालकृष्ण स्टेडियम में विराट धर्मसभा में साध्वी व संतजनों ने हिन्दू समाज के लोगों को संस्कारविहीन होने की बात कहते हुए गहरी चिंता जताई। संतों ने कहा कि परिवार को आज अपने बच्चों के लिए समय ही नहीं है, तो वे संस्कारवान कैसे बनेंगे। इसी वजह से गैर हिन्दू या विधर्मी लोग हावी हो रहे हैं और हमारे समाज व देश में विकृतियां उत्पन्न कर रहे हैं। साथ ही मंच ने सभी संतों ने कहा कि जब तक हिन्दू समाज जातियों में बंटा रहेगा, तब तक हिन्दू सशक्त नहीं हो सकेगा और इसी तरह विधर्मी हावी होते रहेंगे और समाज की बहन बेटियों पर अत्याचार भी रोकना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुमकिन होता जाएगा।
सभा में साध्वी सरस्वती ने कहा कि आज देश में जिस तरह की विकृत मानसिकता के लोग हावी हो रहे हैं। इसके पीछे हिन्दू समाज में जाग्रति का अभाव है। दु:ख की बात है कि राजस्थान में कोई घटना हुई, तो मध्यप्रदेश व गुजरात के हिन्दू समाज को कोई मतलब नहीं और केरल में कुछ हुआ, तो वहां का हिन्दू समाज जागा, मगर अन्य प्रदेशों के हिन्दू एकजुट नहीं है, जो चिंताजनक है। हाल ही राणा सांगा के लिए विवादित बयान देने वाले सांसद रामजीलाल सुमन को कहा कि अगर इतिहास का ज्ञान न हो, तो गलत शब्द बोलना नहीं चाहिए। फिर साध्वी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव हिन्दू नहीं हो सकता है, उसके डीएनए जांच होनी चाहिए, जो हिन्दू के भेष में लोगों को जातियों व धर्म में बांटने का प्रयास कर रहा है। ऐसे राजनीतिक लोगों से हिन्दू समाज को सतर्क रहने की नसीहत दी। साध्वी ने कहा कि लव जिहाद की घटनाएं आम हो चुकी है, जो प्रेम के चक्कर में हमारे हिन्दू समाज की बेटियों को विधर्मी फंसा रहा है। क्योंकि हमारा समाज जाग्रत नहीं है, जो अपनी बेटियों को संस्कार ही नहीं दे रहे हैं। अपनी बेटियों को शास्त्र व शस्त्र का ज्ञान जरूर करवाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री द्वारकाधीश मंदिर के पीठाधीश डॉ. वागिश कुमार ने की। मुख्य वक्ता के तौर पर साध्वी सरस्वती एवं अभयदास महाराज थे। मंच पर अमितदास, लक्ष्मणनाथ महाराज, श्यामदास महाराज, बिहारीदास महाराज आदि संतजन मंच पर मौजूद थे। इसके अलावा कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्रसिंह राठौड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल सहित बड़ी तादाद में सर्व हिन्दू समाजजन मौजूद थे।
Rajsamand News Today : साध्वी सरस्वती ने कहा- हर घर से आरएसएस स्वयंसेवक बने
Rajsamand News Today : साध्वी सरस्वती ने कहा कि आज देश में जो बदलाव आ रहा है, जो राष्ट्र हित की बात हो रही है, उसके पीछे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कार है। इसलिए मैं आप समाज से यही भिक्षा चाहती हूं कि आपके घर व परिवार का एक सदस्य राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का स्वयंसेवक जरूर हो। क्योंकि स्वयंसेवक होगा, तो वह कभी गलत कर ही नहीं सकता और संस्कार स्वत: खुद के साथ परिवार में आने लगेंगे।

राष्ट्रधर्म दुनिया के सभी धर्मो से बड़ा है
श्री द्वारकाधीश मंदिर के पीठाधीश गोस्वामी डॉ. वागिश कुमार ने कहा कि राष्ट्रधर्म दुनिया के सभी धर्मो से बढ़ा है। अपने परिवार के बच्चों में संस्कार का अभाव है, जिसके लिए माता पिता ही सबसे बड़े गुनहगार है। गोस्वामी ने कहा कि वे एक बार अहमदाबाद के आईआईएम कॉलेज में गए, जहां एक छात्र से पूछा कि श्रीराम की पत्नी कौन थी, तो जवाब मिला जीजा बाई। जबकि सीता माता के बारे में कौन नहीं जानता। अगर पढ़े लिखे युवा ही धर्म शास्त्र से बेखबर है, तो इसके लिए परिवार ही जिम्मेदार है। डॉ. वागिश कुमार ने कहा कि इसके लिए देश की शिक्षा नीति को जिम्मेदार ठहराया और अब बदलाव के हो रहे प्रयासों को अच्छा कदम भी बताया।
भजन व भोजन से दूर करें जातिवाद
कार्यक्रम में तखतगढ़ आश्रम के महंत अभयदास ने कहा कि हमारा देश अब औरंगजेब को आदर्श मानने वालों को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि मुसलमान को भारत में डरने की जरूरत नहीं है, मगर भारत में रहकर हिन्दुस्तानी कहने में हिचक भी नहीं होनी चाहिए। हिन्दू धर्म आज जातियों में बंटा हुआ है, जो गंभीर व चिंताजनक बात है। महंत ने कहा कि आज जैन समाज भी अपने आपको अलग धर्म का बताता है। साथ ही राजपूत, ब्राह्मण, गमेती, आदिवासी सब लाेग ऊंच नीच कर रहे हैं, जो गलत है। जब तक हिन्दू समाज के लाेग भजन व भोजन एक साथ नहीं करेंगे, तब तक समाज सशक्त नहीं हो सकता।
महंत अभयदास ने कहा- जैन समाज बोल रहा हम हिन्दू नहीं
नववर्ष की धर्मसभा में महंत अभयदास ने कहा कि आज जैन समाज कहता है कि उनका जैन धर्म अलग है। क्या वे हिन्दू नहीं है। अगर हिन्दू समाज के लोग ही खंड खंड हो जाएंगे, तो भारत के भविष्य के लिए घातक परिणाम सामने आएंगे। आखिर पंजाबी व आदिवासी कहेंगे, हमारा अलग धर्म है, अन्य लोग सनातन धर्म यानि हिन्दू धर्म कैसे समझ पाएंगे। लोगों की मानसिकता बदलनी होगी और हमें सनातनी बनना होगा। हम ओरों को सबक सिखाने की बात कह रहे हैं और घर में बखेड़ा हो रखा है। अब पहले तो अपने घर के लोगों को समझाओ, तभी हिन्दू समाज सशक्त और मजबूत हो पाएगा। महंत अभयदास ने कहा कि आज राजपूत समाज, माहेश्वरी समाज, जैन समाज, मेघवाल समाज, भील समाज, सोनी समाज आदि जातियों के लोग जातियों में बंटे हैं, जबकि है तो सब हिन्दू। इसलिए जाति की बजाय एक हिन्दू बनने की जरूरत है, तभी सनातन धर्म सशक्त और मजबूत होगा, जो किसी का बुरा नहीं चाहता है।
राजसमंद शहर में निकली भव्य शोभायात्रा
श्री बालकृष्ण स्टेडियम में धर्मसभा के बाद भव्य कलशयात्रा रवाना हुई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश लिए और पैदल हिन्दू धर्म व नववर्ष के जयकारों के साथ रवाना हुई। बैंड पर बजते मनमोहक भजनों पर नाचते गाते हुए सभी महिलाएं आगे बढ़ी। आयोजन कमेटी के सदस्य अलग अलग वेशभूषा में चल रही थी। महिलाएं भी विशेष पोशाक में थी। इस तरह शोभायात्रा श्री बालकृष्ण स्टेडियम से रवाना होकर जेके मोड़, द्वारकेश चौराहा, कमल तलाई, पचास फीट रोड, टीवीएस चौराहा, सौ फीट रोड, जलचक्की चौराहा से वापस मुड़कर भगवानदास मार्केट, पालीवाल मार्केट के बाहर, पुराना बस स्टैंड, राठासेण माता मंदिर, चौपाटी से वापस जेके मोड़ होकर बालकृष्ण स्टेडियम में पहुंचकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी महिलाओं के साथ कलश लेकर चल रही थी। साथ ही सभी संतजन भी लोगों के साथ पैदल चल रहे थे। उनके पीछे विविध तरह की झांकियां भी शामिल थी, जो खास आकर्षकण का केंद्र बनी रही। शोभायात्रा का शहर के चौराहों पर लोगों द्वारा जगह जगह स्वागत किया गया।
जलचक्की चौराहे पर सभापति ने बरसाए फूल
नववर्ष पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकली गई, जिसका स्वागत जेसी ग्रुप अध्यक्ष एवं नगरपरिषद सभापति अशोक टांक ने अपने समर्थकों के साथ जोरदार स्वागत किया। चौराहे पर जोरदार पुष्पवर्षा की गई। इसके अलावा जगह जगह दुकानदारों व विभिन्न समाजों द्वारा शरबत की भी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं के लिए फूल व भोजन का प्रबंध भी किया गया। इस दौरान पूर्व सभापति आशा पालीवाल, पार्षद हेमंत रजक, प्रमोद रैगर, हिमानी नंदवाना, प्रभुसिंह, घनश्याम माली, सुनीता रजक, भावना पालीवाल, दिलीप गुर्जर, प्रतिक पुरोहित, राजू बैरवा, रवि वैष्णव, हिम्मत गायरी, किशन गायरी, नारायण गायरी, चंचल नंदवाना, जिब्राल मीणा सहित ग्रुप के कार्यकर्ता आदि मौजूद थे।
