
Income Tax new Rule : केंद्र सरकार देश की टैक्स व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार करने जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से भारत में नया इनकम टैक्स कानून – Income Tax Act, 2025 लागू होगा, जो वर्ष 1961 से चले आ रहे पुराने इनकम टैक्स एक्ट की जगह लेगा। इस बदलाव के साथ ही Assessment Year और Previous Year जैसी जटिल अवधारणाएं खत्म हो जाएंगी और अब टैक्स सिस्टम सिर्फ Tax Year के आधार पर चलेगा। यानी टैक्स प्रक्रिया आम लोगों के लिए कहीं ज्यादा सरल, पारदर्शी और समझने में आसान हो जाएगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स कानून को Simple, Clear और Taxpayer Friendly बनाना है, ताकि आम करदाता बिना किसी भ्रम के यह समझ सके कि उसे कितना टैक्स देना है और कौन-कौन से फॉर्म भरने हैं।
6 दशक पुराने कानून में व्यापक सुधार
मौजूदा इनकम टैक्स कानून 1961 में बनाया गया था, जिसमें समय-समय पर सैकड़ों संशोधन किए गए। इन बदलावों के कारण कानून बेहद जटिल हो गया था। नए Income Tax Act, 2025 में इस जटिलता को कम करते हुए बड़ी सर्जरी की गई है।
- धाराओं (Sections) की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है
- चैप्टर की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी गई है
- भाषा को आसान और स्पष्ट बनाया गया है, ताकि एक आम टैक्सपेयर भी इसे आसानी से समझ सके
New Income Tax Act : सरकार का मानना है कि कम धाराएं और कम चैप्टर होने से टैक्स विवादों में भी कमी आएगी और अनुपालन (Compliance) बेहतर होगा।

₹12.75 लाख तक की सैलरी होगी टैक्स फ्री
नए कानून के तहत New Tax Regime को और ज्यादा आकर्षक बनाया गया है। इसका सीधा फायदा सैलरीड क्लास और मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को मिलेगा।
- ₹4 लाख तक की सालाना आय पर Zero Tax
- ₹12 लाख तक की आय पर ₹60,000 की Rebate
- यानी अगर आपकी आय ₹12 लाख है, तो रिबेट के बाद आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा
- इसके अलावा, अगर ₹75,000 का Standard Deduction जोड़ दिया जाए, तो ₹12.75 लाख तक की सैलरी पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाएगी
यह बदलाव खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
‘Assessment Year’ और ‘Previous Year’ का झंझट खत्म
New Tax Regime : अब तक टैक्सपेयर्स को यह समझने में परेशानी होती थी कि जिस साल कमाई हुई वह Previous Year है और जिस साल टैक्स भरा जाता है वह Assessment Year कहलाता है। नए कानून में इन दोनों शब्दों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
अब केवल Tax Year होगा।
यानी जिस साल आप कमाई करेंगे, उसी साल उसे टैक्स ईयर माना जाएगा। यह व्यवस्था Global Tax Standards के अनुरूप है और इससे टैक्स कैलकुलेशन और रिटर्न फाइलिंग में ज्यादा पारदर्शिता आएगी।
Digital और Faceless System को मिलेगी मजबूती
नया इनकम टैक्स कानून पूरी तरह से Digital-First Approach पर आधारित होगा। सरकार ने Faceless Assessment सिस्टम को और मजबूत करने का फैसला किया है, ताकि टैक्सपेयर्स और टैक्स अधिकारियों के बीच सीधा संपर्क कम हो और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म की जा सके।
Income Tax : हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि इनकम टैक्स विभाग हर व्यक्ति के ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी करेगा। सरकार ने साफ किया है कि ऐसा केवल Serious Tax Evasion यानी गंभीर टैक्स चोरी के मामलों में ही किया जाएगा, वो भी कानून के दायरे में रहकर।
विवाहित जोड़ों के लिए Joint Tax Filing का प्रस्ताव
Joint Tax Filing : Budget 2026 से पहले ICAI (Institute of Chartered Accountants of India) ने सरकार को सुझाव दिया है कि भारत में विवाहित जोड़ों को Joint Tax Filing की सुविधा दी जानी चाहिए। इससे उन परिवारों को खास फायदा मिलेगा, जहां केवल एक ही सदस्य की कमाई होती है।
हालांकि सरकार ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन माना जा रहा है कि Middle Class Relief के तहत इस सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।
कुल मिलाकर क्या बदलेगा?
नया इनकम टैक्स कानून न केवल टैक्स सिस्टम को आसान बनाएगा, बल्कि टैक्सपेयर्स के लिए Clarity, Transparency और Ease of Compliance भी बढ़ाएगा। 64 साल पुराने कानून का अंत और नए कानून की शुरुआत भारतीय टैक्स व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा फायदा आम करदाता को मिलने की उम्मीद है।
