
IPS Hemant Kalal Biography : राजसमंद में जिला पुलिस अधीक्षक के रूप में ज्वाइन करने वाले IPS Hemant Kalal के जीवन संघर्ष और डूंगरपुर जिले में दामड़ी गांव के एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय पुलिस सेवा में आईपीएस बनने तक की कहानी भी बड़ी ही दिलचस्प और प्रेरक है। आईपीएस हेमंत के जीवन संघर्ष, मेहनत, अनुशासन और व्यक्तित्व की कहानी भी गांव की मिट्टी से जुड़ी और सादगीपूर्ण है। स्कूलिंग, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षा का संघर्ष, खेल और नेतृत्व की चमक और पुलिस सेवा की जिम्मेदारी तक का सफर आसान नहीं रहा, मगर कड़ी मेहनत, अनवरत प्रयास व दृढ़ संकल्प के चलते आईपीएस हेमंत कलाल के जीवन की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरक बनकर सामने आई है। परिवार की सामान्य पृष्ठभूमि, पढ़ाई में निरंतरता, UPSC में सफलता, प्रशिक्षण और जोधपुर व दौसा में अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक के बाद अब राजसमंद में जिला पुलिस अधीक्षक पद पर पहली पोस्टिंग तक पहुंचने का सफर बताता है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है जो साधनों से ज्यादा अपने संकल्प पर भरोसा रखते हैं। हाल के दिनों में उनका नाम विवादों के कारण भी चर्चा में आया है, लेकिन इससे अलग उनकी जीवन यात्रा आज भी इस बात का उदाहरण है कि छोटे कस्बों और गांवों से निकलने वाले युवा भी बड़े सपनों को सच कर सकते हैं।
Rajsamand SP Hemant Kalal आईपीएस हेमंत मूलत: डूंगरपुर जिले के दामड़ी गांव के रहने वाले हैं, जिनकी प्रारंभिक स्कूली पढ़ाई गांव के निजी स्कूल में हुई और बाद में उदयपुर के गुरुनानक स्कूल में स्कूलिंग और कॉलेज की पढ़ाई की। साथ ही UPSC की परीक्षा देकर इस IPS बने हैं। छोटे से गांव में साधारण परिवार से निकलकर भारतीय पुलिस सेवा तक पहुंचना अपने आप में प्रेरणादायक कहानी है।
Hemant Kalal biodata : युवा आईपीएस अधिकारी हेमंत कलाल का व्यक्तित्व कई परतों वाला दिखाई देता है। एक ओर वे संघर्ष, मेहनत, अनुशासन और उपलब्धियों की मिसाल हैं, तो दूसरी ओर हालिया कानूनी विवाद ने उनके नाम को एक नई बहस के केंद्र में ला दिया है। जोधपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका, जोधपुर सेंट्रल जेल प्रकरण में उनका नाम सुर्खियों में आना और फिर राजसमंद के पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभालना इन सबने उनके कॅरियर को खास बना दिया है।

डूंगरपुर के दामड़ी गांव से शुरू हुआ सफर
Hemant Kalal family और उनकी पृष्ठभूमि को समझे बिना उनकी सफलता की कहानी अधूरी रहती है। हेमंत कलाल मूल रूप से राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दामड़ी गांव के निवासी हैं। वे किसी बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक परिवार से नहीं आते, बल्कि एक सामान्य परिवार से निकलकर उन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई। उनके पिता मोहनलाल कलाल किराना व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता सीतादेवी गृहिणी हैं। ग्रामीण परिवेश, सीमित संसाधन और साधारण जीवनशैली के बीच पला-बढ़ा एक युवक देश की प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंचे, तो यह कहानी स्वाभाविक रूप से प्रेरणा देती है। हेमंत कलाल की यह पृष्ठभूमि उन्हें आम लोगों से जोड़ती है। शायद यही वजह है कि उनकी प्रोफाइल में केवल प्रशासनिक पहचान नहीं, बल्कि संघर्ष का मानवीय स्पर्श भी दिखाई देता है।
शिक्षा ने बनाई मजबूत नींव
हेमंत कलाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव की निजी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने उदयपुर के गुरु नानक स्कूल से आगे की पढ़ाई की। सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा अक्सर सबसे बड़ी ताकत बनती है, और हेमंत कलाल के जीवन में भी यही सच साबित हुआ। स्कूलिंग के दौरान ही उन्होंने अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की मानसिकता विकसित की।
हेमंत कलाल का बायोडेटा
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | हेमंत कलाल |
| पद | पुलिस अधीक्षक (SP), राजसमंद |
| सेवा | भारतीय पुलिस सेवा (IPS) |
| बैच | 2021 बैच |
| मूल निवास | दामड़ी गांव, डूंगरपुर, राजस्थान |
| पिता का नाम | मोहनलाल कलाल |
| पिता का व्यवसाय | किराना व्यवसायी |
| माता का नाम | सीतादेवी |
| माता का कार्य | गृहिणी |
| प्रारंभिक शिक्षा | गांव की निजी स्कूल |
| आगे की पढ़ाई | गुरु नानक स्कूल, उदयपुर |
| UPSC रैंक | 371वीं |
| पूर्व पदस्थापन | दौसा और जोधपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) |
| वर्तमान पद | एसपी, राजसमंद |
| विशेष उपलब्धि | शतरंज में गोल्ड मेडल, हैंडबॉल टीम के कप्तान |
| प्राथमिकताएं | महिला अपराध, साइबर अपराध, लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण |
| पहचान | युवा IPS |
| गौरव | कलाल समाज के गौरव |
Hemant Kalal education के संदर्भ में यह बात खास है कि उन्होंने सिर्फ पढ़ाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने व्यक्तित्व को भी लगातार निखारा। यही कारण रहा कि आगे चलकर वे न केवल UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफल हुए, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान भी कई क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना सके।
UPSC में 371वीं रैंक, 2021 बैच के बने IPS
हर उस युवा के लिए जो सिविल सेवा का सपना देखता है, हेमंत कलाल का सफर उम्मीद जगाता है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 371वीं रैंक हासिल की और 2021 बैच के IPS अधिकारी बने। यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं थी, बल्कि डूंगरपुर और मेवाड़ क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय बनी।
Hemant Kalal UPSC rank आज भी उन युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है जो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। UPSC जैसी परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि धैर्य, निरंतर मेहनत, मानसिक मजबूती और लक्ष्य के प्रति समर्पण चाहिए होता है। हेमंत कलाल की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो सीमित साधन भी रास्ता नहीं रोक सकते।

प्रशिक्षण के दौरान भी दिखाई नेतृत्व क्षमता
हेमंत कलाल का व्यक्तित्व केवल किताबों तक सीमित नहीं रहा। प्रशिक्षण के दौरान भी उन्होंने अपनी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता से अलग पहचान बनाई। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। शतरंज जैसी रणनीतिक खेल में सफलता उनकी सोच, धैर्य और निर्णय क्षमता को दर्शाती है। इसके अलावा, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान वे हैंडबॉल टीम के कप्तान भी रहे। इससे स्पष्ट होता है कि उनमें केवल बौद्धिक क्षमता ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, टीम भावना और फील्ड स्पिरिट भी भरपूर है। यही गुण आगे चलकर पुलिस सेवा जैसे चुनौतीपूर्ण पेशे में महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
दौसा और जोधपुर में सेवा, फिर SP के रूप में नई जिम्मेदारी
Hemant Kalal Rajasthan IPS के करियर की बात करें तो उन्होंने दौसा और जोधपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं। यह चरण उनके प्रशासनिक अनुभव को मजबूत करने वाला रहा। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने से उन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और फील्ड प्रशासन की व्यावहारिक समझ मिली। हाल ही में जारी तबादला सूची के बाद हेमंत कलाल ने राजसमंद एसपी के रूप में पदभार संभाला। शाम करीब चार बजे उन्होंने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। स्थानांतरण के बाद वे सबसे पहले सर्किट हाउस पहुंचे, जहां पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर जिले की प्रारंभिक कानून-व्यवस्था की जानकारी ली। पदभार ग्रहण करने के बाद वे कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर और फिर नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर पहुंचे। यह दृश्य प्रशासनिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव, दोनों को दर्शाता है।
महिला और साइबर अपराधों पर फोकस
राजसमंद में पदभार संभालने के बाद हेमंत कलाल ने साफ कहा कि जिले में महिला अपराध और साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने की भी बात कही। यह दृष्टिकोण बताता है कि वे केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित अधिकारी नहीं, बल्कि लोगों के बीच भरोसा कायम करने वाले पुलिस नेतृत्व की भूमिका निभाना चाहते हैं। आज के समय में साइबर ठगी, ऑनलाइन अपराध, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और लंबित मामलों का दबाव पुलिस प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में Rajsamand SP Hemant Kalal की प्राथमिकताएं समकालीन जरूरतों के अनुरूप दिखाई देती हैं।
जोधपुर सेंट्रल जेल प्रकरण से भी सुर्खियों में आए
हेमंत कलाल पहले भी मीडिया की सुर्खियों में आ चुके हैं। 30 जनवरी 2025 को वे अपनी टीम के साथ जोधपुर सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। बताया गया कि जेल के मुख्य द्वार पर ड्यूटी कर रहे अधिकारी ने उन्हें और उनकी टीम को प्रवेश की अनुमति नहीं दी। पुलिस टीम कुछ समय तक बाहर खड़ी रही और बाद में बिना निरीक्षण किए लौट गई। यह मामला बाद में उच्च स्तर तक पहुंचा और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। इस घटना के बाद हेमंत कलाल का नाम एक सख्त और सक्रिय अधिकारी के रूप में भी चर्चा में आया। यह प्रकरण उनके करियर की उन घटनाओं में गिना जा सकता है, जिसने उन्हें सार्वजनिक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
प्रेरक सफर के साथ चुनौतियों का दौर
हेमंत कलाल की कहानी एक ही फ्रेम में नहीं समेटी जा सकती। यह कहानी एक ऐसे युवा अधिकारी की है, जिसने साधारण परिवार से निकलकर कठिन प्रतियोगी परीक्षा पास की, प्रशिक्षण में उत्कृष्टता दिखाई, पुलिस सेवा में अपनी जगह बनाई और फिर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। IPS Hemant Kalal Biography इसलिए दिलचस्प बनती है क्योंकि इसमें संघर्ष है, उपलब्धि है, जिम्मेदारी है, और अब एक कानूनी मोड़ भी है। डूंगरपुर से राजसमंद तक का यह सफर युवाओं को प्रेरित करता है कि हालात चाहे जैसे हों, मेहनत और लक्ष्य से राह बन सकती है।



