
IPS Parag Jain : वरिष्ठ आईपीएस पराग जैन को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पंजाब कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी जैन 1 जुलाई, 2025 को कार्यभार संभालेंगे और रवि सिन्हा का स्थान लेंगे, जो 30 जून, 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
RAW Appointment 2025 : जैन का रॉ प्रमुख के रूप में कार्यकाल दो वर्ष का होगा। शनिवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने कैबिनेट सचिवालय के तहत रॉ के सचिव के रूप में पराग जैन की नियुक्ति को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो साल तक रहेगा। आईपीएस पराग जैन 31 दिसंबर 2026 को सेवानिवृत हो जाएंगे।
Parag Jain : अधिकारियों ने बताया कि जैन की नियुक्ति का निर्णय इस सप्ताह की शुरुआत में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा लिया गया। वर्तमान में जैन एविएशन रिसर्च सेंटर (Aviation Research Centre) के प्रमुख हैं, जो हवाई निगरानी, सिग्नल इंटेलिजेंस (सिगिनट), फोटो टोही उड़ानें, सीमा निगरानी और इमेजरी इंटेलिजेंस (आईएमआईएनटी) से संबंधित कार्यों को संभालता है।
Research and Analysis Wing : जैन को मानव खुफिया (HUMINT) और तकनीकी खुफिया (TECHINT) को एकीकृत करने की उनकी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही, जहां उनकी खुफिया जानकारी ने सशस्त्र बलों को पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले करने में मदद की। अधिकारियों के अनुसार, जैन की टीम द्वारा एकत्रित सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर ये हमले संभव हुए।
1989 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी जैन के पास रॉ में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के चरम समय में विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस उप महानिरीक्षक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रॉ में उन्होंने पाकिस्तान डेस्क को संभाला और अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के दौरान जम्मू-कश्मीर में अहम जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा, जैन ने श्रीलंका और कनाडा में भारतीय मिशनों में कार्य किया, जहां उन्होंने कनाडा से संचालित खालिस्तानी आतंकी मॉड्यूल पर निगरानी रखी।
आईपीएस पराग जैन की बायोग्राफी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | पराग जैन |
| शिक्षा | MBA |
| सेवा इतिहास | – 1989 बैच, पंजाब कैडर: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए। |
| – पंजाब में सेवा: आतंकवाद के चरम समय में विभिन्न जिलों (बठिंडा, मानसा, होशियारपुर) में पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के रूप में कार्य किया। | |
| – चंडीगढ़: एसएसपी के रूप में सेवा। | |
| – लुधियाना: डीआईजी के रूप में सेवा। | |
| – रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ): दो दशकों से अधिक समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं, विशेष रूप से पाकिस्तान डेस्क को संभाला। | |
| – जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के दौरान महत्वपूर्ण खुफिया कार्य। | |
| – विदेशी मिशन: श्रीलंका और कनाडा में भारतीय मिशनों में सेवा; कनाडा में खालिस्तानी आतंकी मॉड्यूल पर निगरानी। | |
| – एविएशन रिसर्च सेंटर: वर्तमान में प्रमुख, हवाई निगरानी, सिगिनट, फोटो टोही, और इमेजरी इंटेलिजेंस से संबंधित कार्य। | |
| – ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों के लिए खुफिया जानकारी प्रदान करने में प्रमुख भूमिका। | |
| – रॉ प्रमुख: 1 जुलाई, 2025 से दो वर्ष के लिए रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के सचिव के रूप में नियुक्त। | |
| – पदोन्नति: 1 जनवरी, 2021 को पंजाब में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रैंक पर पदोन्नत, हालांकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। |
नोट: पिता का नाम, निवास स्थान, और शिक्षा के बारे में जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, क्योंकि पराग जैन ने अपने करियर में कम प्रोफाइल बनाए रखा है।
