
Khadya Suraksha Yojana : राज्य सरकार ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों व 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ई-केवाईसी की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। ई-केवाईसी करवाने के दौरान अंगूठा स्कैन नहीं होने जैसी समस्याएं आ रही थी। इसे लेकर विभाग को काफी शिकायतें मिल रही थी। रसद विभाग ने ने इस परेशानी को देखते हुए बच्चों व बुजुर्गों को राशन कार्ड की ई-केवाईसी में छूट देने का फैसला लिया है। इस बदलाव के चलते जिले में 22604 बच्चों को ई केवाईसी करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं 12674 बुजुर्गों को भी राहत मिलेगी। वहीं जिले में 8 लाख 30 हजार 4 लोगों में से आधार सीडिंग 784536 हुई वहीं 45468 लोगों के आधार सीडिंग पेंडिंग हैं। विभाग की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए राशन काडों को ई-केवाईसी से जोड़ा जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान 70 से अधिक के कई बुजुगों को ई-केवाईसी के दौरान आंखें झपकने व अंगूठे के निशान लगाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिन बुजुर्गों की ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है, उनको छूट दी गई है। जिले में 70 वर्ष से अधिक आयु के 12674 बुजुगों की ई-केवाईसी नहीं हुई है। अब इन्हें भी जरूरत नहीं होगी।
ई-केवाईसी उपभोक्ता की पहचान के लिए जरूरी, योजना के तहत मिलते हैं 5 किलो गेहूं
Khadya Suraksha Yojana eKYC update : योजना के तहत 5 साल तक के बच्चों को ई-केवाईसी में बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें 5 साल की उम्र पूरी करते ही ई-केवाईसी करवानी होगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 5 से 10 साल के बच्चों को ई-केवाईसी की छूट नहीं मिलेगी। इस आयु के जिले के 30604 बच्चों को ई-केवाईसी से गुजरना होगा। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई-केवाईसी एक जरूरी प्रक्रिया है। इससे उपभोक्ता की पहचान होती है। ई-केवाईसी करवाने के बाद भी उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र माना जाता है। योजना के तहत खाद्य सुरक्षा में चयनित परिवारों को निशुल्क गेहूं का लाभ मिलता है। इसके तहत हर महीने प्रति यूनिट (सदस्य) 5 किलो गेहूं निशुल्क दिए जाते हैं।
No eKYC required for senior citizens in ration card : खाद्य सुरक्षा योजना में आधार सीडिंग के बाद ही ई-केवाईसी होती है। जिनको छूट नहीं दी गई है, उनको ई-केवाईसी करवाना जरूरी है। उपभोक्ता नजदीकी राशन डीलर की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करवाएं। इसके लिए डीलरों को पाबंद भी किया है। सरकार के इस बदलाव के बाद बच्चों और बुजुगों को राहत मिलेगी।
विजयसिंह, जिला रसद अधिकारी
राजसमंद जिला – राशन कार्ड ई-केवाईसी स्थिति सारणी
| विवरण | संख्या (संख्या में) |
|---|---|
| ✅ कुल राशन कार्ड | 2,15,428 |
| ✅ कुल यूनिट (लाभार्थी सदस्य) | 8,30,004 |
| 🟢 अब तक ई-केवाईसी पूर्ण | 7,41,021 |
| 🔴 कुल ई-केवाईसी पेंडिंग | 88,983 |
| 🔸 5 वर्ष से कम आयु के पेंडिंग सदस्य | 22,604 |
| 🔸 5 से 10 वर्ष आयु के पेंडिंग सदस्य | 30,604 |
| 🔸 10 से 70 वर्ष आयु के पेंडिंग सदस्य | 23,101 |
| 🔸 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के पेंडिंग सदस्य | 12,674 |
Ration Card Download (राशन कार्ड डाउनलोड कैसे करें)
प्रक्रिया:
- सबसे पहले nfsa.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर “State Wise Ration Card Details” सेक्शन चुनें।
- अपने राज्य (जैसे – Rajasthan) का चयन करें।
- राज्य की वेबसाइट खुलेगी, वहां “Download Ration Card” या “राशन कार्ड डाउनलोड” ऑप्शन चुनें।
- जिले, ब्लॉक, पंचायत, परिवार का नाम या राशन कार्ड नंबर डालें।
- खोजें (Search) पर क्लिक करें और PDF फॉर्मेट में राशन कार्ड डाउनलोड करें।
Ration Card Online Check (ऑनलाइन राशन कार्ड चेक कैसे करें)
प्रक्रिया:
- nfsa.gov.in या संबंधित राज्य की PDS वेबसाइट पर जाएं।
- “राशन कार्ड विवरण” या “Ration Card Status” का विकल्प चुनें।
- राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत, परिवार का नाम डालें।
- सूची से अपना नाम खोजें।
- राशन कार्ड की स्थिति (Active / Inactive / Suspended) देखें।
Ration Card Rajasthan (राजस्थान राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी)
प्रक्रिया:
- राजस्थान सरकार की food.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- “राशन कार्ड विवरण” या “ePDS” पर क्लिक करें।
- e-KYC, ऑनलाइन आवेदन, नाम जोड़ने / हटाने की सुविधा उपलब्ध होती है।
- राशन कार्ड धारकों की सूची, स्टेटस, यूनिट विवरण आदि देख सकते हैं।
Ration Card Download Rajasthan (राजस्थान राशन कार्ड डाउनलोड करें)
प्रक्रिया:
- food.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- “Ration Card Report” या “Ration Card Search” पर क्लिक करें।
- जिला, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और FPS (दुकान) चुनें।
- सूची में से परिवार का नाम या राशन कार्ड नंबर खोजें।
- “View” या “Download” विकल्प से PDF डाउनलोड करें।

nfsa.gov.in Ration Card Rajasthan
प्रक्रिया:
- nfsa.gov.in पर जाएं।
- “Ration Card Details on State Portals” लिंक पर क्लिक करें।
- राजस्थान राज्य पर क्लिक करें।
- आगे राज्य की वेबसाइट खुलेगी जहां से आप राशन कार्ड की जानकारी देख या डाउनलोड कर सकते हैं।
Ration Card List (राशन कार्ड लिस्ट में नाम कैसे देखें)
प्रक्रिया:
- nfsa.gov.in या राज्य की PDS वेबसाइट पर जाएं।
- “राशन कार्ड सूची” या “Ration Card List” ऑप्शन पर क्लिक करें।
- जिला > ब्लॉक > पंचायत > FPS को सिलेक्ट करें।
- परिवारों की सूची खुलेगी जिसमें नाम, कार्ड नंबर, सदस्यों की संख्या आदि दी होगी।
- सूची से अपना नाम चेक करें।
Ration Card Status (राशन कार्ड की स्थिति कैसे देखें)
प्रक्रिया:
- nfsa.gov.in या राज्य की वेबसाइट पर जाएं।
- “Ration Card Status” विकल्प चुनें।
- राशन कार्ड नंबर या आधार कार्ड नंबर डालें।
- कार्ड की स्थिति (Active / Suspended / Pending) स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- यदि पेंडिंग है, तो e-KYC या दस्तावेज अपडेट करें।
खाद्य सुरक्षा राशन कार्ड
प्रक्रिया:
- NFSA (National Food Security Act) कार्ड गरीब व कमजोर वर्गों को सब्सिडी पर राशन देने के लिए होता है।
- राजस्थान में खाद्य विभाग की वेबसाइट food.rajasthan.gov.in से आवेदन या जानकारी प्राप्त करें।
- इसके लिए BPL, AAY, State Priority Household जैसी श्रेणियों में शामिल होना आवश्यक है।
- कार्ड में परिवार के सभी सदस्य जुड़े होते हैं।
- आधार, परिवार पहचान संख्या, फोटो और पहचान पत्र के साथ आवेदन करें।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
1. खाद्य सुरक्षा पोर्टल 2025 में कब खुलेगा?
👉 खाद्य सुरक्षा पोर्टल (nfsa.gov.in या Rajasthan Food Security Portal) पूरे वर्ष खुला रहता है। इसकी सेवाएं 2025 में भी पहले की तरह 24×7 चालू रहेंगी। यह पोर्टल आमजन को राशन कार्ड से संबंधित सेवाएं जैसे ई-केवाईसी, नाम जोड़ना/हटाना, स्टेटस चेक करना आदि प्रदान करता है।
2. राशन कार्ड राजस्थान ऑनलाइन नाम कैसे जोड़ें?
👉 राशन कार्ड में ऑनलाइन नाम जोड़ने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- https://food.rajasthan.gov.in या Jan Aadhaar पोर्टल पर जाएं।
- “Online Application” या “e-Mitra” पोर्टल से लॉगिन करें।
- “Ration Card Services” में जाकर “Add Member” ऑप्शन चुनें।
- आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, जनआधार नंबर जैसी जानकारी भरें।
- आवेदन सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें।
- अनुमोदन के बाद नाम जुड़ जाएगा।
3. खाद्य सुरक्षा योजना की शुरुआत कब हुई थी?
👉 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) भारत सरकार द्वारा 5 जुलाई 2013 को लागू किया गया था।
राजस्थान में यह योजना 2 अक्टूबर 2013 से शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब और पात्र परिवारों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।
4. राशन कार्ड में गेहूं कैसे चेक करें?
👉 राशन कार्ड में गेहूं की मात्रा और वितरण जानकारी चेक करने के लिए:
- http://food.rajasthan.gov.in या NFSA पोर्टल पर जाएं।
- “राशन कार्ड विवरण” या “Allocation Details” पर क्लिक करें।
- राशन कार्ड नंबर या जनआधार नंबर डालें।
- आपको महीनेवार गेहूं, चावल व अन्य सामग्री की आवंटन जानकारी दिखेगी।
5. What is ration card yojana?
👉Ration Card Yojana एक सार्वजनिक कल्याणकारी योजना है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आती है। इस योजना के माध्यम से पात्र निम्न-आय वाले परिवारों को राशन की दुकानों (PDS) के माध्यम से गेंहू, चावल, चीनी आदि जैसे खाद्यान्न सब्सिडी (रियायती दरों) पर उपलब्ध कराए जाते हैं। भारत में यह योजना लाभार्थियों की पहचान करने में भी सहायक है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
6. How to get a ration card in Rajasthan?
👉 To get a ration card in Rajasthan:
- https://food.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाएं या अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं।
- नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें।
- आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, पता प्रमाण पत्र, जन आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें और स्वीकृति रसीद (Acknowledgment Receipt) प्राप्त करें।
- स्थानीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद, राशन कार्ड जारी कर दिया जाता है।
7. What is the Colour of ration card in Mizoram?
👉 Mizoram में राशन कार्ड का रंग आमतौर पर लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार होता है:
- Priority Household (PHH) कार्ड – गुलाबी या हल्का लाल रंग
- Antyodaya Anna Yojana (AAY) कार्ड – पीला या सुनहरा पीला रंग
यह रंग राज्य सरकार द्वारा श्रेणी निर्धारण के अनुसार तय किए जाते हैं।
8. राशन कार्ड योजना क्या है?
👉 राशन कार्ड योजना भारत सरकार की एक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को सस्ती दरों पर गेहूं, चावल, दालें आदि उपलब्ध कराए जाते हैं।
यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) के अंतर्गत आती है। इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और गरीब परिवारों को भुखमरी से बचाना है।
