Skip to content
May 9, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • अजब गजब

Strange Tradition : पति जिंदा है, फिर भी विधवा बनती महिलाएं : वजह जानकर रह जाएंगे आप हैरान

Laxman Singh Rathor February 6, 2026 1 minute read

Strange Tradition : भारत विविधताओं का देश है, जहां हर क्षेत्र, हर समाज और हर समुदाय की अपनी अलग पहचान, मान्यताएं और परंपराएं हैं। कुछ परंपराएं समय के साथ बदल जाती हैं, तो कुछ आज भी उसी आस्था और विश्वास के साथ निभाई जाती हैं, जैसे सदियों पहले निभाई जाती थीं। ऐसी ही एक अनोखी और चौंकाने वाली अनोखी परंपरा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रहने वाले कछवाहा (गछवाहा) समुदाय में देखने को मिलती है, जहां सुहागिन महिलाओं को अपने पति के जीवित रहते हुए भी कुछ समय के लिए विधवा जैसा भेष धारण करना पड़ता है। पहली नजर में यह परंपरा अजीब लग सकती है, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना, आस्था और पारिवारिक सुरक्षा की कामना इसे बेहद संवेदनशील और अनूठा बनाती है।

सुहाग का महत्व और सोलह श्रृंगार की परंपरा

Strange Indian Tradition : हिंदू धर्म में विवाहिता स्त्री के लिए सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है। बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, बिछिया, मांगटीका, कंगन, पायल—ये सभी वस्तुएं केवल सजावट नहीं, बल्कि पति के जीवित होने का प्रतीक मानी जाती हैं। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत-उपवास रखती हैं, पूजा करती हैं और श्रृंगार धारण करती हैं, लेकिन कछवाहा समुदाय में एक समय ऐसा आता है, जब महिलाएं स्वयं अपने हाथों से यह पूरा श्रृंगार उतार देती हैं और खुद को विधवा जैसा रूप दे देती हैं।

आखिर क्यों निभाई जाती है यह परंपरा?

Kachhwaha Community Ritual : इस समुदाय के अधिकांश पुरुष साल में करीब 5 महीने तक ताड़ के ऊंचे पेड़ों पर चढ़कर ‘ताड़ी’ निकालने का काम करते हैं। ताड़ी एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जिसे ताड़ के पेड़ों से निकाला जाता है। यह काम बेहद जोखिम भरा होता है, क्योंकि ये पेड़ बहुत ऊंचे होते हैं और जरा सी चूक जानलेवा दुर्घटना में बदल सकती है। हर दिन जब पुरुष ताड़ के पेड़ों पर चढ़ते हैं, तो घर की महिलाएं एक विशेष धार्मिक परंपरा का पालन करती हैं।

Married Women Widow Dress Tradition : जब पुरुष पेड़ों पर ताड़ी निकालने जाते हैं, उसी दौरान महिलाएं अपने बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, पायल और अन्य सभी श्रृंगार उतारकर अपनी कुलदेवी ‘तरकुलहा देवी’ के सामने अर्पित कर देती हैं। महिलाएं इस दौरान साधारण वस्त्र पहनती हैं, चेहरे पर मुस्कान नहीं होती, और वे स्वयं को एक तरह से विधवा समान स्थिति में रखती हैं। यह सब वे किसी सामाजिक दबाव में नहीं, बल्कि गहरी आस्था के कारण करती हैं।

आस्था: पति की सलामती की प्रार्थना

Toddy Tapping Risk Tradition : इस परंपरा के पीछे मान्यता है कि जब तक पति ताड़ के पेड़ पर चढ़ा रहता है, तब तक पत्नी अपने सुहाग के प्रतीकों को त्याग कर देवी से प्रार्थना करती है कि उसका पति सुरक्षित नीचे उतर आए। जैसे ही पति सुरक्षित घर लौटता है, महिलाएं फिर से अपना पूरा श्रृंगार धारण कर लेती हैं। यह एक दैनिक क्रम बन जाता है, जो ताड़ी निकालने के पूरे मौसम तक चलता है।

बाहरी व्यक्ति को यह दृश्य अजीब लग सकता है कि जीवित पति की पत्नी विधवा जैसा रूप क्यों धारण कर रही है। लेकिन समुदाय के भीतर इसे पति के प्रति समर्पण, प्रेम और उसकी सुरक्षा के लिए किया गया तप माना जाता है। महिलाओं के चेहरे पर इस दौरान जो गंभीरता होती है, वह दुख नहीं बल्कि एक प्रकार की धार्मिक एकाग्रता होती है।

पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा

Unique Hindu Community Practice : यह रिवाज आज का नहीं है। बुजुर्ग बताते हैं कि यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। पहले जब सुरक्षा साधन नहीं थे और ताड़ के पेड़ों पर चढ़ना और भी खतरनाक था, तब यह परंपरा और भी सख्ती से निभाई जाती थी। आज भी, आधुनिक समय में, जब कई चीजें बदल चुकी हैं, यह परंपरा जस की तस कायम है।

परंपरा और सुरक्षा का अद्भुत संगम

Tarkulha Devi Worship Ritual : यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि एक तरह से जोखिम भरे काम के प्रति परिवार की संवेदनशीलता और मानसिक जुड़ाव भी दर्शाती है। महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पति के काम में शामिल नहीं होतीं, लेकिन इस धार्मिक अभ्यास के जरिए वे मानसिक रूप से उस जोखिम को साझा करती हैं। कछवाहा समुदाय की यह परंपरा समाजशास्त्र, संस्कृति अध्ययन (Cultural Studies) और लोक आस्थाओं के शोधकर्ताओं के लिए भी बेहद रोचक विषय है। यह दिखाता है कि किस तरह आज भी ग्रामीण भारत में परंपराएं जीवनशैली से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

बदलते समय में भी कायम है विश्वास

Indian Cultural Beliefs Women : जहां एक ओर आधुनिकता के कारण कई रीति-रिवाज समाप्त हो रहे हैं, वहीं यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। समुदाय की महिलाएं इसे बोझ नहीं, बल्कि अपने पति के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक मानती हैं।

Chand Baori mystery : राजस्थान की रहस्यमयी बावड़ी, जहां सुरंग में समा गई थी पूरी बारात; अनसुलझा है रहस्य
Viral Wedding Card : बिजी हैं तो घर बैठिए, शगुन ऑनलाइन भेज दीजिए : दूल्हे ने शादी कार्ड पर छापा QR कोड, वायरल

About the Author

Laxman Singh Rathor

Administrator

Laxman Singh Rathor को पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशक का लंबा अनुभव है। 2005 में Dainik Bhakar से कॅरियर की शुरुआत कर बतौर Sub Editor कार्य किया। वर्ष 2012 से 2019 तक Rajasthan Patrika में Sub Editor, Crime Reporter और Patrika TV में Reporter के रूप में कार्य किया। डिजिटल मीडिया www.patrika.com पर भी 2 वर्ष कार्य किया। वर्ष 2020 से 2 वर्ष Zee News में राजसमंद जिला संवाददाता रहा। आज ETV Bharat और Jaivardhan News वेब पोर्टल में अपने अनुभव और ज्ञान से आमजन के दिल में बसे हैं। लक्ष्मण सिंह राठौड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि खबरों की दुनिया में एक ब्रांड हैं। उनकी गहरी समझ, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, पाठक व दर्शकों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें पत्रकारिता का चमकदार सितारा बना दिया है। jaivardhanpatrika@gmail.com

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 313

Post navigation

Previous: Viral Wedding Card : बिजी हैं तो घर बैठिए, शगुन ऑनलाइन भेज दीजिए : दूल्हे ने शादी कार्ड पर छापा QR कोड, वायरल
Next: Aaj Ka Rashifal 7 February 2026 : मेष से लेकर मीन तक जानें 7 फरवरी 2026 का विस्तृत राशिफल

Related Stories

Bihar Bribery Case
  • अजब गजब

Bihar Bribery Case : “चूहों ने खा लिए रिश्वत के नोट!” बिहार पुलिस की कहानी सुन सुप्रीम कोर्ट भी रह गया हैरान

Parmeshwar Singh Chundwat May 8, 2026
hospital ghost story
  • अजब गजब

hospital ghost story : 9 साल पहले मरे पिता की आत्मा लेने पहुंचा बेटा, गेट पर किया तंत्र-मंत्र, देखिए पूरी खबर

Parmeshwar Singh Chundwat May 1, 2026
Raja Man Singh rebirth claim
  • अजब गजब

Raja Man Singh rebirth claim : ‘मैं आमेर का राजा मानसिंह हूं…’ टोंक के 10 साल के कान्हाराम ने किया पुनर्जन्म का चौंकाने वाला दावा

Parmeshwar Singh Chundwat April 17, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_dOSXxewyy1o पूर्व छात्र बने RAS अधिकारी, श्रीनाथजी संस्थान में सम्मान समारोह आयोजित #sbsrajsamand #rajsamandnews #jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
पूर्व छात्र बने RAS अधिकारी, श्रीनाथजी संस्थान में सम्मान समारोह आयोजित #sbsrajsamand #rajsamandnews #jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
पूर्व छात्र बने RAS अधिकारी, श्रीनाथजी संस्थान में सम्मान समारोह आयोजित #sbsrajsamand #rajsamandnews
सरदार भगत सिंह विद्यालय की पूर्व छात्रा ने बढ़ाया गौरव,छात्रों के लिए बनी प्रेरणा #rajsamandnews  #jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
सरदार भगत सिंह विद्यालय की पूर्व छात्रा ने बढ़ाया गौरव,छात्रों के लिए बनी प्रेरणा #rajsamandnews
राजसमंद जिले के काबरा में ठाठ बाट से हुआ तुलसाजी शालिग्राम का विवाह #rajsamandnews #tulsimatavivah  #jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद जिले के काबरा में ठाठ बाट से हुआ तुलसाजी शालिग्राम का विवाह #rajsamandnews #tulsimatavivah
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram