
National Conclave : उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) के RCA सभागार में आज अर्पण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ‘नवाचार विनिमय एवं टिकाऊ ग्रामीण परिवर्तन हेतु सहयोगी कार्रवाई’ का भव्य उद्घाटन सम्पन्न हुआ। 26 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में अर्पण संस्थान के 250 से अधिक कार्यकर्ता व 50 से अधिक किसानों सहित विभिन्न विषयों के शोधकर्ता, CSR एवं ग्रामीण विकास के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
Arpan Seva Sansthan : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उदयपुर के सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में राजस्थान और मध्य प्रदेश के जीआई (भौगोलिक संकेतांक) उत्पादों की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि ग्रामीण समुदायों को मूल्य श्रृंखला से जोड़कर उनकी आय और आजीविका को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने अर्पण की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ग्रामीण भारत के सच्चे हितैषी के रूप में कार्य कर रहा है। MPUAT के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह ने किसानों के लिए शोध एवं नवाचार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय संस्थाओं के बीच सहयोग से कृषि अनुसंधान के परिणाम सीधे किसानों तक पहुँच सकते हैं। डॉ. अरविंद वर्मा, निदेशक अनुसंधान, MPUAT तथा RCA के डीन डॉ. मनोज mahela ने भी विश्वविद्यालय और अर्पण के बीच संभावित सहयोग के आयामों पर अपने विचार साझा किए।

Udaipur News : अर्पण सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. subhkaran सिंह ने संस्थान की 29 वर्षों की यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संस्थान ने छह राज्यों के 14,000 से अधिक गांवों में 12 लाख से ज्यादा परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में योगदान दिया है। उन्होंने वाटर इकोनॉमिक जोन, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख किया और राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2022 प्राप्त करने पर भी प्रकाश डाला।

यूनिसेफ की SBC विशेषज्ञ सुश्री मंजरी पंत ने जीरो डोज परियोजना पर महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि अर्पण संस्थान ने DNT (विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू) समुदायों और नंद घर आंगनवाड़ियों में शून्य खुराक बच्चों के टीकाकरण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने इस क्षेत्र में अर्पण की उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया और इसे देश के लिए अनुकरणीय बताया।
CSR सलाहकार श्री नीरज प्रसाद (पूर्व CSR Manager, L&T) ने मध्यम एवं ग्रामीण स्तर के karyekartao को परियोजना डिजाइन एवं प्रबंधन पर मार्गदर्शन प्रदान किया। वन स्टेज, नई दिल्ली के सीईओ श्री प्रत्युष पंडा ने संस्थान के कार्यों को दृश्यमान बनाने तथा प्रभावी सोशल मीडिया उपस्थिति के तरीकों पर विशेष सत्र संचालित किया। RSWLIP के PMC टीम लीडर श्री एन.एल.वी. पंटलू एवं संस्थान के बोर्ड सदस्य श्री वरुण शर्मा ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम में 24 परियोजना हितधारकों ने गाँवों से आकर अपनी सफलता की कहानियाँ स्वयं की जुबानी साझा कीं, जिसने सभागार में उपस्थित प्रतिनिधियों को गहराई से प्रभावित किया। इन सभी हितधारकों को संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया गया। वाटर इकोनॉमिक जोन (WEZ), CBIDP-भीम, LTIM, HCL फाउंडेशन, नंद घर, एजुकेट गर्ल्स एवं अन्य परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। दिल्ली-यमुना जल पुनर्भरण परियोजना पर निदेशक-कार्यक्रम श्री प्रियव्रत सज्जन ने विस्तृत जानकारी प्रदान की। कॉन्क्लेव के अगले दो दिनों में FPO स्थायित्व, उद्यमिता विकास, कार्बन फुटप्रिंट, प्रकृति-आधारित समाधान तथा सतत विकास पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएँगे। कार्यक्रम का आयोजन अर्पण सेवा संस्थान के समर्पित कर्मचारियों एवं परियोजना प्रभारियों के सहयोग से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित करने का दायित्व संस्थान के कोषाध्यक्ष श्री राजेश जैन एवं महासचिव श्री यशंकर शिवहरे ने निभाया। कार्यक्रम के अंत में बोर्ड सदस्य सुश्री मोनिशा सज्जन ने हृदयस्पर्शी धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, फंडिंग भागीदारों, समुदाय के प्रतिनिधियों एवं संपूर्ण अर्पण परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग डिनर से हुआ जहाँ विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भविष्य के सहयोग पर चर्चा की। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 28 फरवरी तक चलेगा जिसमें FPO, शासन, जलवायु परिवर्तन, प्रकृति आधारित समाधान एवं सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श होगा।
